महाभागवत – देवी पुराण – उन्नीसवाँ अध्याय
इस अध्याय में हिमालय को तत्त्व ज्ञान का उपदेश प्रदान कर देवी का सामान्य बालिका की भाँति क्रीडा करना है,
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इस अध्याय में हिमालय को तत्त्व ज्ञान का उपदेश प्रदान कर देवी का सामान्य बालिका की भाँति क्रीडा करना है,
इस अध्याय में भगवती गीता के वर्णन में मोक्ष योग का उपदेश है, देवी के स्थूल स्वरुपों में दस महाविद्याओं
इस अध्याय में भगवती गीता के वर्णन में ब्रह्मयोग का उपदेश, पाँचभौतिक देह, गर्भस्थ जीव का स्वरुप तथा गर्भ में
इस अध्याय में भगवती गीता के वर्णन में ब्रह्मविद्या का उपदेश है, आत्मा का स्वरूप, अनात्मपदार्थों में आत्मबुद्धि का परित्याग,
इस अध्याय में हिमालय और मेना की तपस्या से प्रसन्न हो आद्यशक्ति का “पार्वती” नाम से हिमालय के यहाँ प्रकट
इस अध्याय में ब्रह्माजी का गंगा जी को कमण्डलु में लेकर स्वर्ग में आना है, माता से मिले बिना गंगा