आरती श्री सरस्वती जी

जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता। सद्गुण, वैभवशालिनि, त्रिभुवन विख्याता ।।जय।।   चन्द्रवदनि, पद्मासिनि द्युति मंगलकारी। सोहे हंस-सवारी, अतुल तेजधारी।।जय।।   बायें कर में वीणा, दूजे कर माला। शीश मुकुट-मणि सोहे, गले मोतियन माला।।जय।। देव शरण में आये, उनका उद्धार किया। पैठि मंथरा दासी, असुर-संहार किया।।जय।।   वेद-ज्ञान-प्रदायिनि, बुद्धि-प्रकाश करो। मोहाज्ञान तिमिर का सत्वर…

आरती श्री जानकी जी

आरती श्रीजनक दुलारी की। सीताजी रघुबर प्यारी की – टेक   जगत-जननि जग की विस्तारिणि, नित्य सत्य साकेत-विहारिणि, परम दयामयि दीनोद्धारिणि, मैया भक्तन-हितकारी की सीता जी……   सती शिरोमणि पति-हित-कारिणि, पति-सेवा हित वन-वन चारिणि, पति-हित पति-वियोग-स्वीकारिणि, त्याग-धर्म-मूरति-धारी की सीता जी……..   विमल-कीर्ति सब लोकन छाई, नाम लेत पावन मति आई, सुमिरत कटत कष्ट दुखदाई, शरणागत-जन-भय-हारी…

श्री सत्यनारायण भगवान की कथा

पहला अध्याय – First Chapter Of Satyanarayan Bagwan Katha एक समय की बात है नैषिरण्य तीर्थ में शौनिकादि, अठ्ठासी हजार ऋषियों ने श्री सूतजी से पूछा हे प्रभु! इस कलियुग में वेद विद्या रहित मनुष्यों को प्रभु भक्ति किस प्रकार मिल सकती है? तथा उनका उद्धार कैसे होगा? हे मुनि श्रेष्ठ ! कोई ऎसा तप…

शनिवार व्रत

शनिवार का व्रत शनि महाराज को प्रसन्न करने के लिए रखा जाता है. जिनकी जन्म कुंडली में शनि की साढ़ेसाती चल रही है या शनि की महादशा चल रही है अथवा शनि शुभ होकर अशुभ स्थिति में है तब इसका व्रत किया जाना चाहिए. शनि महाराज अपनी दशा/अन्तर्दशा में मेहनत कराकर ही फल देते हैं….

शुक्रवार का व्रत

शुक्रवार के व्रत में कथा कहते हुए अथवा कथा सुनते हुए हाथ में थोड़ा गुड़ व भुना हुआ चना रखते हैं और कथा सुनते हुए सभी लोग बीच-बीच में संतोषी माँ की जय बोलते रहें. कथा खतम होने पर हाथ में लिया गुड़-चना गाय को खिला दिया जाता है. संतोषी माता के व्रत में एक…

बृहस्पतिवार व्रत विधि

बृहस्पतिवार के दिन बृहस्पतिश्वर देव की पूजा व व्रत किया जाता है. स्नानादि से निवृत होकर सुबह पीले रंग के वस्त्र धारण कर के केले के पेड़ की पूजा की जाती है. हल्दी से तिलक कर के शुद्ध घी का दीया केले के पेड़ के नीचे जलाया जाता है. पीले फूल व थोड़ी सी चने…

सोमवार के व्रत

सोमवार व्रत विधि – Procedure Of Monday Fast सोमवार का व्रत शिवजी का आशीर्वाद पाने के लिए रखा जाता है. इस व्रत को को कोई भी रख सकता है. कई बार कुंवारी लड़कियाँ अच्छा वर पाने के लिए भी इस व्रत को रखती हैं. सोमवार के व्रत में कोई विशेष नियम नहीं हैं इसलिए इस…

रविवार(Sunday) व्रत कथा

एक बुढ़िया थी जो नियम से हर रविवार को सवेरे उठकर स्नान आदि से निवृत होकर पड़ोसन के घर से गाय का गोबर लाकर घर को लीपती थी. फिर भोजन तैयार कर भगवान को भोग लगाकर बाद में खुद खाती थी. इस तरह से वह नियम से रविवार का व्रत किया करती थी जिससे व्रत…

मार्गशीर्ष माह में श्रीपंचमी व्रत कथा

एक बार राजा युधिष्ठिर जी श्रीकृष्ण जी से पूछते हैं – “भगवन तीनों लोकों में लक्ष्मी दुर्लभ है लेकिन व्रत, होम, तप, जप, नमस्कार आदि किस कर्म के करने से स्थिर लक्ष्मी प्राप्त होती हैं? भगवन ! आप सब कुछ जानने वाले हैं इसलिए कृपा कर इसका वर्णन करें. भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं – महाराज…

कार्तिक माह के व्रत तथा त्यौहार – भाग 2

छोटी दीवाली – Chhoti Diwali कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को ही छोटी दीवाली के रुप में मनाया जाता है. इस दिन का त्यौहार विभिन स्थानों पर अपने रीति-रिवाजों से ही मनाया जाता है.भारत के भिन्न-भिन्न भागों में इसे सब अपने लोकानुसार मनाया जाता है. संध्या समय में दीपक जलाने का चलन सभी जगहों पर…

कार्तिक माह के व्रत तथा त्यौहार

कार्तिक माह की गणेश जी की कथा – Story Of Lord Ganesha In Kartik Month पुराने समय की बात है, अगस्त्य मुनि समुद्र तट के किनारे बैठकर कठिन तपस्या कर रहे थे. जहाँ वह बैठे थे उससे कुछ ही दूरी पर एक पक्षी अपने अंडों पर बैठा उन्हें “से” रहा था कि तभी अचानक समुद्र…

भजनावली 108

ये भजनों की पुस्तक मेरी माताजी द्वारा लिखी गई हैं जिसका नाम “भजनावली संग्रह 108” रखा गया है. इसके सभी भजनों को मैं अपने ब्लॉग पर भी पोस्ट करना चाहती हूँ, जो सभी पाठकों को समर्पित रहेगें. जीवन है एक जुआ, जीत गए तो भव को उतर गए नहीं तो अपने जीवन का प्राणी कर…