महाभागवत – देवीपुराण – सत्ताईसवाँ अध्याय 

इस अध्याय में ब्रह्मा, विष्णु तथा रति द्वारा प्रार्थना करने पर भगवान शंकर का कामदेव को पुन: जीवित करना है,

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सुन्दरकाण्ड का पाठ

श्रीगणेशाय नम:  श्रीजानकीवल्लभो विजयते  श्रीरामचरितमानस  पंचम सोपान  सुन्दरकाण्ड  श्लोक  शान्तं शाश्वतमप्रमेयमनघं निर्वाणशान्तिप्रदं  ब्रह्माशम्भुफणीन्द्रसेव्यमनिशं वेदान्तवेद्यं विभुम् । रामाख्यं जगदीश्वरं सुरगुरुं मायामनुष्यं

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महाभागवत – देवी पुराण – चौबीसवाँ अध्याय 

इस अध्याय में भगवान शंकर द्वारा पार्वती के समक्ष विवाह का प्रस्ताव रखना है, मरीचि आदि ऋषियों का हिमालय के

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महाभागवत – देवी पुराण – बाईसवाँ अध्याय 

इस अध्याय में ब्रह्माजी का तारकासुर से पीड़ित देवताओं को भगवान शंकर के पुत्र द्वारा उसके वध की बात बतलाना

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महाभागवत – देवी पुराण – बीसवाँ अध्याय 

इस अध्याय में भगवती का विविध बालोचित लीलाओं द्वारा हिमालय तथा मेना को आनन्दित करना, देवर्षि नारद द्वारा देवी के

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महाभागवत – देवी पुराण – उन्नीसवाँ अध्याय 

इस अध्याय में हिमालय को तत्त्व ज्ञान का उपदेश प्रदान कर देवी का सामान्य बालिका की भाँति क्रीडा करना है,

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