व्रत व त्यौहार दिसंबर 2017

  तिथि(Dates) दिन(Days) त्यौहार(Festivals) 1 दिसंबर शुक्रवार प्रदोष व्रत, भरणी दीपम 2 दिसंबर शनिवार पिशाचमोचन श्राद्ध, शिव चतुर्दशी व्रत 3 दिसंबर रविवार मार्गशीर्ष पूर्णिमा, श्रीदत्तात्रेय जयन्ती, त्रिपुरभैरव जयन्ती, श्रीसत्यनारायण व्रत 6 दिसंबर बुधवार श्रीगणेश चतुर्थी व्रत 10 दिसंबर रविवार रूक्मिणी अष्टमी, अष्टका श्राद्ध 12 दिसंबर मंगलवार पार्श्वनाथ जयन्ती-जैन 13 दिसंबर बुधवार सफला एकादशी व्रत 14…

व्रत व त्यौहार नवंबर 2017

  तिथि(Dates) दिन(Days) त्यौहार(Festivals) 23 नवंबर बृहस्पतिवार नाग पंचमी, श्री पंचमी – श्री लक्ष्मी पंचमी, श्री राम विवाहोत्सव 24 नवंबर शुक्रवार स्कन्द(गुह) षष्ठी, चम्पा षष्ठी(महाराष्ट्र) 25 नवंबर शनिवार पंचक प्रारंभ 26:01 से, मित्र सप्तमी, विष्णु सप्तमी 27 नवंबर सोमवार श्रीदुर्गाष्टमी 28 नवंबर मंगलवार नन्दा नवमी 30 नवंबर बृहस्पतिवार पंचक समाप्त 16:13, मोक्षदा एकादशी व्रत, श्री…

श्राद्ध 2018

वर्ष 2018 में पितृ पक्ष श्राद्ध का आरंभ 24 सितंबर से हो रहा है. हर वर्ष आश्विन माह के आरंभ से ही श्राद्ध का आरंभ भी हो जाता है वैसे भाद्रपद माह की पूर्णिमा से ही श्राद्ध आरंभ हो जाता है क्योंकि जिन पितरों की मृत्यु तिथि पूर्णिमा है तो उनका श्राद्ध भी पूर्णिमा को…

खग्रास सूर्यग्रहण 21/22 अगस्त 2017

यह सूर्यग्रहण भाद्रपद अमावस्या, दिन सोमवार, अगस्त माह की 21/22 की अर्धरात्रि में लगेगा(भारतीय समयानुसार आधी रात). भारतीय समयानुसार ग्रहण का प्रभाव रात के 9 बजकर 16 मिनट से रात्रि 2 बजकर 34 मिनट तक भूगोल पर रहेगा लेकिन भारतीय समय के अनुसार यह सूर्यग्रहण रात में घटित होगा जिससे भारत के किसी भी भाग…

खण्डग्रास चन्द्रग्रहण ⅞ अगस्त 2017

वर्ष 2017 में भारतवर्ष में केवल एक ही ग्रहण दिखाई देगा. ये चन्द्रग्रहण है जो ⅞ अगस्त(श्रावण माह की पूर्णिमा) की मध्य रात्रि अर्थात सोमवार-मंगलवार की रात को पूरे भारतवर्ष में खण्डग्रास रूप में दिखाई देगा. इस ग्रहण का स्पर्श तथा मोक्ष आदि का समय भारतीय समयानुसार निम्न है :- ग्रहण स्पर्श  –  22घं.   52मि….

गण्डमूल नक्षत्र 2017

27 नक्षत्रों में से 6 ऎसे नक्षत्र हैं जिन्हें गण्डमूल नक्षत्र कहा गया है. इनमें 3 नक्षत्र केतु के तो बाकी तीन बुध के नक्षत्र हैं. केतु के अश्विनी, मघा व मूल नक्षत्र हैं तो बुध के आश्लेषा, ज्येष्ठा व रेवती नक्षत्र गण्डमूल कहे जाते हैं. गण्डमूल नक्षत्रों में एक नक्षत्र की समाप्ति पर दूसरे…

आश्विन माह के व्रत तथा त्यौहार

आश्विन माह की गणेश जी की कथा – Story Of Lord Ganesha In Ashvin Month एक समय की बात है, मथुरा नगरी में कंस राजा का एक रिश्तेदार रहता था. उसका नाम वाणासुर था और उसकी एक पुत्री थी जिसका नाम ऊषा था. ऊषा बहुत ही रूपवान थी. उसके पिता वाणासुर ने उसके रहने के…

भाद्रपद माह के व्रत तथा त्यौहार – भाग 4

राधाष्टमी व्रत अथवा महालक्ष्मी पूजन – Radhashtami Fast Or Mahalakshmi Pujan भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी को राधा जी का जन्म हुआ था. इसलिए इस दिन को राधाष्टमी के रुप में मनाया जाता है. इस दिन राधा व कृष्ण की पूजा की जाती है. राधाजी को पंचामृत से स्नान कराकर उनका श्रृंगार किया…

भाद्रपद माह के व्रत तथा त्यौहार – भाग 3

गणेश चतुर्थी – Ganesha Chaturthi भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी के नाम से मनाया जाता है. इस दिन सुबह सवेरे उठ कर स्नानादि से निवृत होकर सोने, चाँदी, ताँबे, मिट्टी अथवा गोबर के गणेश जी की मूर्त्ति बनाकर उनकी पूजा करनी चाहिए. पूजा के बाद इक्कीस व्यंजनों का भोग लगाना…

भाद्रपद माह के व्रत तथा त्यौहार – भाग 2

अजा (प्रबोधिनी) एकादशी – Aja Or Prabodhini Ekadashi  प्रबोधिनी अथवा अजा एकादशी को भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है. एक एकादशी को अजा व प्रबोधिनी तो कहा ही जाता है लेकिन कई जगहों पर इसे जया अथवा कामिनी एकादशी भी कहा गया है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की…

भाद्रपद माह के व्रत तथा त्यौहार – भाग 1

भाद्रपद माह की गणेश जी की कथा – Story Of Lord Ganesha In Bhadrapad Month पुराने समय में बहुत प्रतापी राजा राज्य करते थे. उनका नाम नल था और उनकी पत्नी अत्यंत रुपवती थी. उसका नाम दमयन्ती था. राजा बहुत ही अच्छे से प्रजा का पालन करते थे इसीलिए उनकी प्रजा भी सुखी थी. किसी…

आषाढ़ माह के व्रत तथा त्यौहार

  आषाढ़ माह में गणेश जी की कथा – Story Of Lord Ganesha In Ashadh Month पुराने समय की बात है काफी समय पहले महिष्मती नाम की एक सुंदर नगरी थी. उस नगरी का राजा धार्मिक प्रवृत्ति का था. राजा का नाम महाजित था. महाजित हर तरह से संपन्न था लेकिन उसका कोई पुत्र नहीं…