श्री काली चालीसा

चौपाई जय काली जगदम्ब जय, हरनि ओघ अघ पुंज। वास करहु निज दास के, निशदिन हृदय निकुंज।। जयति कपाली कालिका, कंकाली सुख दानि। कृपा करहु वरदायिनी, निज सेवक अनुमानि।। चौपाई जय जय जय काली कपाली । जय कपालिनी, जयति कराली।। शंकर प्रिया, अपर्णा, अम्बा । जय कपर्दिनी, जय जगदम्बा।। आर्या, हला, अम्बिका, माया । कात्यायनी…

श्री सरस्वती चालीसा

दोहा -Doha जनक जननि पदम दुरज, निजब मस्तक पर धारि। बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि।। पूर्ण जगत में व्याप्त तव, महिमा अमित अनंतु। दुष्टजनों के पाप को, मातु तुही अब हन्तु।।   जय श्रीसकल बुद्धि बलरासी।जय सर्वज्ञ अमर अविनाशी।। जय जय जय वीणाकर धारी।करती सदा सुहंस सवारी।। रूप चतुर्भुज धारी माता।सकल विश्व अन्दर…

विन्ध्येश्वरी चालीसा

दोहा – नमो नमो विन्ध्येश्वरी, नमो नमो जगदम्ब । सन्तजनों के काज में, करती नहीं विलम्ब ।। जय जय जय विन्ध्याचल रानी। आदिशक्ति जगविदित भवानी। सिंहवाहिनी जै जगमाता । जै जै जै त्रिभुवन सुखदाता । कष्ट निवारण जै जगदेवी । जै जै सन्त असुर सुर सेवी । महिमा अमित अपार तुम्हारी । शेष सहस मुख…

श्री गायत्री चालीसा

ह्रीं श्रीं क्लीं मेधा प्रभा जीवन ज्योति प्रचण्ड । शान्ति कान्ति जागृत प्रगति रचना शक्ति अखण्ड ॥ जगत जननी मङ्गल करनि गायत्री सुखधाम । प्रणवों सावित्री स्वधा स्वाहा पूरन काम ॥ भूर्भुवः स्वः ॐ युत जननी । गायत्री नित कलिमल दहनी ॥ अक्षर चौविस परम पुनीता । इनमें बसें शास्त्र श्रुति गीता ॥ शाश्वत सतोगुणी…

श्री शनि चालीसा

  दोहा जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल। दीनन के दुख दूर करि, कीजै नाथ निहाल॥ जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज। करहु कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज॥ जयति जयति शनिदेव दयाला। करत सदा भक्तन प्रतिपाला॥ चारि भुजा, तनु श्याम विराजै। माथे रतन मुकुट छबि छाजै॥ परम विशाल मनोहर…

श्री दुर्गा चालीसा

नमो नमो दुर्गे सुख करनी । नमो नमो अंबे दुख हरनी ।। निरंकार है ज्योति तुम्हारी । तिहूं लोक फैली उजियारी ।। शशि ललाट मुख महाविशाला । नेत्र लाल भृकुटि विकराला ।। रूप मातु को अधिक सुहावे । दरश करत जन अधिक सुख पावे ।। तुम संसार शक्ति लै कीना । पालन हेतु अन्न धन…

श्री लक्ष्मी चालीसा

दोहा मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो ह्रदय में बास । मनोकामना सिद्ध करि, पुरवहु मेरी आस ।। सोरठा यही मोर अरदास, हाथ जोड़ विनती करूं । सब विधि करौ सुवास, जय जननि जगदंबिका ।। चौपाई सिंधु सुता मैं सुमिरौं तोही । ज्ञान बुद्धि विद्या दो मोही ।। तुम समान नहिं कोइ उपकारी । सब विधि…

श्री शिव चालीसा

जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान । कहत अयोध्यादास तुम, देउ अभय वरदान ।। जय गिरिजापति दीनदयाला । सदा करत संतन प्रतिपाला ।। भाल चंद्रमा सोहत नीके । कानन कुण्डल नागफनी के ।। अंग गौर सिर गंग बहाए । मुण्डमाल तन क्षार लगाए ।। वस्त्र खाल बाघंबर सोहै । छवि को देखि नाग मुनि…

श्री हनुमान चालीसा

दोहा श्री गुरु चरन सरोज रज, निज मन मुकुरु सुधारी । बरनउं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि ।। बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन कुमार । बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश विकार ।। जय हनुमान ज्ञान गुन सागर । जय कपीश तिहुं लोक उजागर ।। रामदूत अतुलित बल धामा । अंजनिपुत्र पवनसुत…

श्री गणेश चालीसा

यदि सुबह सुवेरे नियमित रुप से गणेश चालीसा का पाठ किया जाए तो घर में खुशहाली रहती है. घर-परिवार में सुविधा-संपन्नता बनी रहती है. इस पाठ के करने से परिवार में बरकत बनी रहती है. आइए गणेश चालीसा का पाठ आरंभ करें. दोहा – Doha एकदन्त शुभ गज वदन विघ्न विनाशक नाम । श्रीगणेश सिद्धि…