पार्वती-मंगल

पार्वती-मंगल में श्रीतुलसीदास जी ने देवाधिदेव भगवान् शंकर के द्वारा जगदम्बा पार्वती के कल्याणमय पाणिग्रहण का काव्यरूप में रसमय चित्रण

पढ़ना जारी रखें

श्रावण मास माहात्म्य – उनत्तीसवाँ (29th) अध्याय

श्रावण मास में किये जाने वाले व्रतों का कालनिर्णय ईश्वर बोले – हे सनत्कुमार ! अब मैं पूर्व में कहे

पढ़ना जारी रखें

श्रावण मास माहात्म्य – अट्ठाईसवाँ अध्याय

अगस्त्य जी को अर्घ्य प्रदान की विधि ईश्वर बोले – हे ब्रह्मपुत्र ! अब मैं अगस्त्य जी को अर्घ्य प्रदान

पढ़ना जारी रखें

श्रावण मास माहात्म्य – छब्बीसवाँ अध्याय

श्रावण अमावस्या को किये जाने वाले वृष पूजन और कुश ग्रहण का विधान ईश्वर बोले – हे सनत्कुमार ! श्रावण

पढ़ना जारी रखें

श्रावण मास माहात्म्य – बाईसवाँ अध्याय

श्रावण मास में किए जाने वाले संकष्ट हरण व्रत का विधान ईश्वर बोले – हे मुनिश्रेष्ठ ! श्रावण मास में

पढ़ना जारी रखें

श्रावण मास माहात्म्य – तेरहवाँ अध्याय

दूर्वागणपति व्रत विधान सनत्कुमार बोले – हे भगवन ! किस व्रत के द्वारा अतुलनीय सौभाग्य प्राप्त होता है और मनुष्य

पढ़ना जारी रखें