रोग संबंधी योग
जन्म कुंडली के विश्लेषण के लिए योग, दशा और गोचर को देखा जाता है। अच्छे या बुरे कोई भी योग
Astrology, Mantra and Dharma
जन्म कुंडली के विश्लेषण के लिए योग, दशा और गोचर को देखा जाता है। अच्छे या बुरे कोई भी योग
प्रथम भाव (लग्न) – अहं से आत्मा तक केतु लग्न में – आत्मा पूर्वजन्म में स्वयं पर काम कर चुकी
वैदिक ज्योतिष में वक्री ग्रह जिस भाव में स्थित होता है, उस भाव से संबंधित पूर्वजन्मीय कर्म अधूरे माने जाते
जन्मकुंडली भविष्य नहीं बताती, वह केवल यह दिखाती है कि पूर्वजन्म में क्या बोया गया था और इस जन्म में
अभी तक कालसर्प योग अथवा दोष के बारे में अनेकानेक लेख प्रकाशित हो चुके हैं और भविष्य में भी होते
अश्विनी, मघा, मूल, आश्लेषा, ज्येष्ठा और रेवती ये छ्: नक्षत्र गण्डमूल नक्षत्र कहलाते हैं. कोई भी बच्चा जब इन में