रोग के संबंध में नक्षत्रों की भूमिका

ज्योतिष में कुल 27 नक्षत्रों की बात कही गई हैं और ज्योतिष चिकित्सा में ये 27 नक्षत्र ही अपना महत्व रखते हैं. इन सत्ताईस नक्षत्रों के अलावा एक अठ्ठाईसवाँ नक्षत्र अभिजित भी माना गया है. इस नक्षत्र का विस्तार उत्तराषाढ़ा के बाद और श्रवण नक्षत्र से पहले माना गया है. ज्योतिष में सामान्यतया अभिजित नक्षत्र…

कुंडली के 12 भावों से रोग का आंकलन

जन्म कुंडली के 12 भावों से रोगों की पहचान की जाती और घटनाओं का आंकलन भी किया जाता है. जन्म कुंडली के पहले भाव से लेकर बारहवें भाव तक शरीर के विभिन्न अंगों को देखा जाता है और जिस अंग में पीड़ा होती है तो उस अंग से संबंधित भाव अथवा भावेश की भूमिका रोग…

भद्रा तिथियाँ दिसंबर 2018

तिथि /Dates समय/Time 1 दिसंबर 26:41 से अगले दिन दोपहर 14:01 तक 5 दिसंबर 12:03 से 24:08 तक 11 दिसंबर 07:06 से 20:22 तक 15 दिसंबर 04:16 से 17:15 तक 18 दिसंबर 19:47 से अगले दिन सुबह 07:36 तक 21 दिसंबर 26:09 से अगले दिन 12:44 तक 25 दिसंबर 03:24 से 13:48 तक 28 दिसंबर…

भद्रा तिथियाँ नवंबर 2018

तिथि /Dates समय/Time 2 नवंबर 18:11 से सुबह 05:11 तक 5 नवंबर 23:47 से अगले दिन सुबह 10:07 तक 11 नवंबर 10:59 से 23:45 तक 15 नवंबर 07:05 से 20:23 तक 18 नवंबर 26:02 से अगले दिन 14:30 तक 22 नवंबर 12:54 से 24:02 तक 25 नवंबर 17:23 से सुबह 04:07 तक 28 नवंबर 20:52…

भद्रा तिथियाँ अक्तूबर 2018

तिथि /Dates समय/Time 1 अक्तूबर 05:45 से 16:58 तक 4 अक्तूबर 11:00 से 21:49 तक 7 अक्तूबर 14:03 से 24:38 तक 12 अक्तूबर 17:32 से सुबह 05:35 तक 16 अक्तूबर 10:17 से 23:34 तक 20 अक्तूबर 07:00 से 20:01 तक 23 अक्तूबर 22:37 से अगले दिन सुबह 10:26 तक 27 अक्तूबर 07:24 से 18:38 तक…

भद्रा तिथियाँ सितंबर 2018

तिथि /Dates समय/Time 1 सितंबर 21:45 से अगले दिन सुबह 09:17 तक 5 सितंबर 04:13 से 15:01 तक 8 सितंबर 05:59 से 16:21 तक 13 सितंबर 03:30 से 14:52 तक 16 सितंबर 15:55 से 28:50 तक (सुबह 04:50 तक) 20 सितंबर 11:59 से 25:17 तक 24 सितंबर 07:18 से 19:51 तक 27 सितंबर 20:54 से…

भद्रा तिथियाँ अगस्त 2018

तिथि /Dates समय/Time 3 अगस्त 12:09 से 24:07 तक 6 अगस्त 20:55 से अगले दिन सुबह 07:53 तक 9 अगस्त 22:45 से अगले दिन सुबह 08:57 तक 14 अगस्त 16:37 से 27:28 तक 17 अगस्त 25:01 से अगले दिन 13:24 तक 21 अगस्त 18:29 से अगले दिन सुबह 07:41 तक 25 अगस्त 15:17 से 28:22…

चंद्रमा की दशा के फल

चंद्रमा जन्म कुंडली में जिस अवस्था में होगा उसी के अनुसार उसकी दशा/अन्तर्दशा में फल मिलेगें. इस लेख में चंद्रमा की भिन्न-भिन्न अवस्थाओं के अनुसार फलकथन कहने का प्रयास किया गया है. परमोच्च व उच्च चन्द्र के फल – Results For Exalted Moon अगर किसी की जन्म कुंडली में चंद्रमा अपने परमोच्च अंशों(चंद्रमा वृष राशि…

अश्लेषा नक्षत्र और व्यवसाय

अश्लेषा नक्षत्र कर्क राशि में 16 अंश 40 कला से 30 अंश तक रहता है. इस नक्षत्र का स्वामी ग्रह बुध है. इस नक्षत्र के अन्तर्गत निम्नलिखित व्यवसाय आते हैं :- इस नक्षत्र के अन्तर्गत नशीले पदार्थों का कार्य, विष से संबंधित व्यवसाय, कीटनाशक दवाएँ, विष द्वारा उपचार के कार्य, दवाईयाँ भी विष की श्रेणी…

शनि का धनु राशि में प्रवेश 26 अक्तूबर 2017

वैसे तो शनि महाराज 26 जनवरी 2017 को धनु राशि में प्रवेश कर गये थे लेकिन 6 अप्रैल को वो वक्री हो गये और 20 जून को वापिस वृश्चिक राशि में आ गये. उसके बाद 25 अगस्त को मार्गी होना शुरु कर दिया और अब 26 अक्तूबर को 15:20, या 15:22 या 15:27 पर धनु…

मांगलिक योग और निवारण

मांगलिक योग को लेकर बहुत सी भ्राँतियाँ समाज में ज्योतिषियों द्वारा फैलाई जा रही है या यूँ कहिए कि सोशल मीडिया पर आधी-अधूरी जानकारी मांगलिक योग को लेकर भी दी जा रही है या फिर कोई व्यक्ति मांगलिक योग को लेकर कुछ लिखता भी है तो उसकी जाँच परख करने की बजाय दूसरा व्यक्ति उसे…

जन्म कुंडली अनुसार बंधन योग

इस लेख में बंधन योग का अर्थ किसी तरह की जेल अथवा जेल जैसी यातना वाला बंधन नहीं बताया जा रहा है. यहाँ बंधन योग का अर्थ है कि कई बार मनुष्य स्वयं को हर समय किसी ना किसी बंधन में महसूस करता रहता है जिसकी वजह से वह कभी अपने विचारो को खुल कर…