रत्नों का शुद्धिकरण

ग्रहों को बल प्रदान करने के लिए रत्न धारण की सलाह आमतौर पर दे दी जाती है लेकिन रत्नों को धारण करने से पूर्व उनका शुद्धिकरण आवश्यक है। जब कोई भी रत्न खरीदा जाता है अथवा किसी के द्वारा दिया जाता है तब उस रत्न के पीछे का इतिहास कोई नहीं जानता कि क्या है…

जन्म कुंडली में धनयोग

जन्म कुंडली में धनयोग कई प्रकार से बनता है। एक धनयोग तो प्रत्यक्ष रुप से बनता है तो कई कुंडलियों में व्यक्ति अपने परिश्रम से धनवान बनता है तो कई कुंडलियाँ ऎसी भी होती हैं जिनमें धन अकस्मात बिना किसी परिश्रम के मिल जाता है। कुंडली में मिलने वाले अनेकों प्रकार के धनयोग का वर्णन…

नारंगी रंग (Orange Colour) का महत्व

लाल व पीला ये दोनों रंग मुख्य रंगों में गिने जाते हैं और इन दोनों रंगों के मिलने से नारंगी रंग बनता है। अगर ज्योतिष की बात की जाए तो ये रंग चंद्रमा का माना गया है। कालपुरुष की कुंडली के अनुसार चंद्रमा चौथे भाव का स्वामी बनता है और वैसे भी चंद्रमा को चतुर्थ…

लाल रँग का महत्व

लाल रँग को सूर्य और मंगल के अधिकार क्षेत्र में रखा गया है और इस रँग का संबंध गर्मजोशी तथा अधिकार अथवा पॉवर से भी जोड़ा जाता है क्योंकि सूर्य तथा मंगल ये दोनों ही चीजें प्रदान करते हैं. सूर्य सरकार (क्योंकि सूर्य को ग्रहों में राजा की उपाधि दी गई है) तो मंगल सेनापति…

चंद्रमा

जन्म कुंडली में चंद्रमा सबसे ज्यादा सौम्य ग्रह माना जाता है और कुंडली के अनुसार मन का कारक ग्रह है। सभी ग्रहों को देवता रुप में पूजा जाता है इसलिए चंद्रमा को भी देवता माना गया है। चंद्र देव का वर्ण गोरा है और इनके वस्त्र, अश्व तथा रथ तीनों ही श्वेत वर्ण के हैं।…

अभिनेता बनने के ज्योतिषीय योग

अभिनय (Acting) क्या है? अभिनय का अर्थ है कि कोई व्यक्ति किसी दूसरे की नकल कर रहा है। दूसरे की नकल करने के लिए या जो आपको भूमिका दी गई है उसे बखूबी निभाने के लिए बुद्धिमान होने के साथ आपकी याद्दाश्त भी अच्छी होनी चाहिए क्योंकि आपको डायलॉग याद करने पड़ेगें ताकि बिना देखे…

रोग के संबंध में नक्षत्रों की भूमिका

ज्योतिष में कुल 27 नक्षत्रों की बात कही गई हैं और ज्योतिष चिकित्सा में ये 27 नक्षत्र ही अपना महत्व रखते हैं. इन सत्ताईस नक्षत्रों के अलावा एक अठ्ठाईसवाँ नक्षत्र अभिजित भी माना गया है. इस नक्षत्र का विस्तार उत्तराषाढ़ा के बाद और श्रवण नक्षत्र से पहले माना गया है. ज्योतिष में सामान्यतया अभिजित नक्षत्र…

कुंडली के 12 भावों से रोग का आंकलन

जन्म कुंडली के 12 भावों से रोगों की पहचान की जाती और घटनाओं का आंकलन भी किया जाता है. जन्म कुंडली के पहले भाव से लेकर बारहवें भाव तक शरीर के विभिन्न अंगों को देखा जाता है और जिस अंग में पीड़ा होती है तो उस अंग से संबंधित भाव अथवा भावेश की भूमिका रोग…

भद्रा तिथियाँ दिसंबर 2018

तिथि /Dates समय/Time 1 दिसंबर 26:41 से अगले दिन दोपहर 14:01 तक 5 दिसंबर 12:03 से 24:08 तक 11 दिसंबर 07:06 से 20:22 तक 15 दिसंबर 04:16 से 17:15 तक 18 दिसंबर 19:47 से अगले दिन सुबह 07:36 तक 21 दिसंबर 26:09 से अगले दिन 12:44 तक 25 दिसंबर 03:24 से 13:48 तक 28 दिसंबर…

भद्रा तिथियाँ नवंबर 2018

तिथि /Dates समय/Time 2 नवंबर 18:11 से सुबह 05:11 तक 5 नवंबर 23:47 से अगले दिन सुबह 10:07 तक 11 नवंबर 10:59 से 23:45 तक 15 नवंबर 07:05 से 20:23 तक 18 नवंबर 26:02 से अगले दिन 14:30 तक 22 नवंबर 12:54 से 24:02 तक 25 नवंबर 17:23 से सुबह 04:07 तक 28 नवंबर 20:52…

भद्रा तिथियाँ अक्तूबर 2018

तिथि /Dates समय/Time 1 अक्तूबर 05:45 से 16:58 तक 4 अक्तूबर 11:00 से 21:49 तक 7 अक्तूबर 14:03 से 24:38 तक 12 अक्तूबर 17:32 से सुबह 05:35 तक 16 अक्तूबर 10:17 से 23:34 तक 20 अक्तूबर 07:00 से 20:01 तक 23 अक्तूबर 22:37 से अगले दिन सुबह 10:26 तक 27 अक्तूबर 07:24 से 18:38 तक…

भद्रा तिथियाँ सितंबर 2018

तिथि /Dates समय/Time 1 सितंबर 21:45 से अगले दिन सुबह 09:17 तक 5 सितंबर 04:13 से 15:01 तक 8 सितंबर 05:59 से 16:21 तक 13 सितंबर 03:30 से 14:52 तक 16 सितंबर 15:55 से 28:50 तक (सुबह 04:50 तक) 20 सितंबर 11:59 से 25:17 तक 24 सितंबर 07:18 से 19:51 तक 27 सितंबर 20:54 से…