रुद्राक्ष धारण करने का शुभ दिन और विभिन्न मंत्र
शिवपुराण, लिंगपुराण तथा स्कन्द पुराण आदि में रुद्राक्ष के महत्व और माहात्म्य का विशेषरूप से उल्लेख किया गया है। रुद्राक्ष
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शिवपुराण, लिंगपुराण तथा स्कन्द पुराण आदि में रुद्राक्ष के महत्व और माहात्म्य का विशेषरूप से उल्लेख किया गया है। रुद्राक्ष
प्रथम भाव (लग्न) – अहं से आत्मा तक केतु लग्न में – आत्मा पूर्वजन्म में स्वयं पर काम कर चुकी
वैदिक ज्योतिष में वक्री ग्रह जिस भाव में स्थित होता है, उस भाव से संबंधित पूर्वजन्मीय कर्म अधूरे माने जाते
जन्मकुंडली भविष्य नहीं बताती, वह केवल यह दिखाती है कि पूर्वजन्म में क्या बोया गया था और इस जन्म में
अभी तक कालसर्प योग अथवा दोष के बारे में अनेकानेक लेख प्रकाशित हो चुके हैं और भविष्य में भी होते
तिथि /Dates दिन / Days समय/Time 3 दिसंबर बृहस्पतिवार भद्रा 10:59 से 23:04 तक 6 दिसंबर रविवार भद्रा अर्धरात्रि 26:23