राहु/केतु का भावों के अनुसार आत्म-पाठ फल
प्रथम भाव (लग्न) – अहं से आत्मा तक केतु लग्न में – आत्मा पूर्वजन्म में स्वयं पर काम कर चुकी
Astrology, Mantra and Dharma
प्रथम भाव (लग्न) – अहं से आत्मा तक केतु लग्न में – आत्मा पूर्वजन्म में स्वयं पर काम कर चुकी
वैदिक ज्योतिष में वक्री ग्रह जिस भाव में स्थित होता है, उस भाव से संबंधित पूर्वजन्मीय कर्म अधूरे माने जाते
जन्मकुंडली भविष्य नहीं बताती, वह केवल यह दिखाती है कि पूर्वजन्म में क्या बोया गया था और इस जन्म में
अभी तक कालसर्प योग अथवा दोष के बारे में अनेकानेक लेख प्रकाशित हो चुके हैं और भविष्य में भी होते
तिथि /Dates दिन / Days समय/Time 3 दिसंबर बृहस्पतिवार भद्रा 10:59 से 23:04 तक 6 दिसंबर रविवार भद्रा अर्धरात्रि 26:23
तिथि /Dates दिन / Days समय/Time 3 नवंबर मंगलवार भद्रा 23:30 से अगले दिन सुबह 11:04 तक 7 नवंबर शनिवार