महाभागवत – देवीपुराण – दूसरा अध्याय 

इस अध्याय में महामुनि जैमिनि द्वारा श्रीवेदव्यास जी से शिव-नारद-संवाद के रूप में वर्णित देवी के माहात्म्य वाले महाभागवत को

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महाभागवत – देवीपुराण – पहला अध्याय 

श्रीगणेश जी को नमस्कार है।। श्रीगणेश जी के चरण कमल के परागकण, जो देवेन्द्र के मस्तक पर विराजमान मन्दार-पुष्प के

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अथ प्राधानिकं रहस्यम्

ऊँ अस्य श्रीसप्तशतीरहस्यत्रस्य नारायण ऋषिरनुष्टुप्छन्द:, महाकालीमहालक्ष्मीमहासरस्वत्यो देवता यथोक्तफलावाप्तयर्थं जपे विनियोग: । अर्थ – ऊँ सप्तशती के इन तीनों रहस्यों के

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