विभिन्न वारों(Weekdays) में किए जाने वाले कार्य –

सप्ताह में सात वार होते हैं और सभी का अपना महत्व होता है. आप जब भी कोई नया कार्य आरंभ करें तब एक बार इन वारों में किए जाने वाले कार्यों पर एक निगाह अवश्य डालें ताकि जिस वार में जो काम शुभ होता है, आप उसे उसी वार विशेष से आरंभ कर सकें जिससे…

आवश्यक मुहूर्त विचार

जन्म के समय से ही संस्कारों अथवा मुहूर्तों का चयन भिन्न-भिन्न कामों के लिए किया जाता है. जन्म के बाद नामकरण मुहूर्त, मुंडन मुहूर्त, विद्यारंभ मुहूर्त, विवाह मुहूर्त, नौकरी का मुहूर्त और ना जाने कितनी ही बाते हैं जिनके आरंभ से पहले शुभ समय पर विचार करना आवश्यक समझा जाता है. वर्तमान समय में बहुत…

क्यों मनाया जाता है कुंभ पर्व

कुंभ पर्व के स्नान का हिन्दु धर्म में बहुत महत्व माना गया है लेकिन यह पर्व क्यों आरंभ हुआ और कैसे हुआ, इसके विषय में कई मान्यताएँ तथा कथाएँ प्रचलित हैं. वेदों में कुंभ पर्व का आधार सूत्रों व मंत्रों में वर्णित है लेकिन हमारे पुराणों में इस पर्व को मनाने की चार कथाएँ दी…

राहु काल

राहु काल के समय में किसी नये काम को शुरु नहीं किया जाता है परन्तु  जो काम इस समय से पहले शुरु हो चुका है उसे राहु-काल के समय में बीच में नहीं छोडा जाता है. कोई व्यक्ति अगर किसी शुभ काम को इस समय में करता है तो यह माना जाता है की उस…

भद्रा काल विचार

भद्रा को कुछ कार्यों के लिए शुभ नहीं माना जाता है, लेकिन कुछ कार्य ऎसे भी हैं जिनमें भद्रा काल को शुभ तथा ग्राह्य माना गया है. लेकिन यदि आवश्यकता पड़े तब भद्रा मुखकाल का त्याग कर उसके बाद के भाग का समय लिया जा सकता है. भद्राकाल में विवाह करना, बच्चे का मुंडन संस्कार…

गुलिक काल

यदि कोई काम आवश्यक है तो हरेक दिन गुलिक काल होता है जिसमें शुभ काम शुरु किए जा सकते हैं. नीचे दी गई तालिका गुलिक काल की है जो हर दिन हर वार के लिए अलग समय बता रही है. यह भारतीय मानक समयानुसार है. दिन गुलिक काल सोमवार दोपहर 1:30 बजे से दोपहर 3:00…