कुंडली के 12 भावों से रोग का आंकलन

जन्म कुंडली के 12 भावों से रोगों की पहचान की जाती और घटनाओं का आंकलन भी किया जाता है. जन्म कुंडली के पहले भाव से लेकर बारहवें भाव तक शरीर के विभिन्न अंगों को देखा जाता है और जिस अंग में पीड़ा होती है तो उस अंग से संबंधित भाव अथवा भावेश की भूमिका रोग…

चंद्रमा की दशा के फल

चंद्रमा जन्म कुंडली में जिस अवस्था में होगा उसी के अनुसार उसकी दशा/अन्तर्दशा में फल मिलेगें. इस लेख में चंद्रमा की भिन्न-भिन्न अवस्थाओं के अनुसार फलकथन कहने का प्रयास किया गया है. परमोच्च व उच्च चन्द्र के फल – Results For Exalted Moon अगर किसी की जन्म कुंडली में चंद्रमा अपने परमोच्च अंशों(चंद्रमा वृष राशि…

अश्लेषा नक्षत्र और व्यवसाय

अश्लेषा नक्षत्र कर्क राशि में 16 अंश 40 कला से 30 अंश तक रहता है. इस नक्षत्र का स्वामी ग्रह बुध है. इस नक्षत्र के अन्तर्गत निम्नलिखित व्यवसाय आते हैं :- इस नक्षत्र के अन्तर्गत नशीले पदार्थों का कार्य, विष से संबंधित व्यवसाय, कीटनाशक दवाएँ, विष द्वारा उपचार के कार्य, दवाईयाँ भी विष की श्रेणी…

शनि का धनु राशि में प्रवेश 26 अक्तूबर 2017

वैसे तो शनि महाराज 26 जनवरी 2017 को धनु राशि में प्रवेश कर गये थे लेकिन 6 अप्रैल को वो वक्री हो गये और 20 जून को वापिस वृश्चिक राशि में आ गये. उसके बाद 25 अगस्त को मार्गी होना शुरु कर दिया और अब 26 अक्तूबर को 15:20, या 15:22 या 15:27 पर धनु…

जन्म कुंडली अनुसार बंधन योग

इस लेख में बंधन योग का अर्थ किसी तरह की जेल अथवा जेल जैसी यातना वाला बंधन नहीं बताया जा रहा है. यहाँ बंधन योग का अर्थ है कि कई बार मनुष्य स्वयं को हर समय किसी ना किसी बंधन में महसूस करता रहता है जिसकी वजह से वह कभी अपने विचारो को खुल कर…

राशियों के लिए जपनीय मंत्र

भचक्र(Zodiac) में कुल 12 राशियाँ हैं और इन्हीं 12 राशियों में से कोई एक जन्म कुंडली का लग्न(Ascendant) बनती है तो कोई एक राशि जन्म राशि अथवा चन्द्र राशि(Moon Sign) बनती है. कई बार लग्न तथा जन्म राशि एक भी हो सकती है अर्थात लग्न में ही चंद्रमा स्थित होने से लग्न तथा चंद्र राशि…

हस्त नक्षत्र और व्यवसाय

हस्त नक्षत्र कन्या राशि में 10 अंश(Degree) से 23 अंश 20 कला(Minute) तक रहता है. इस नक्षत्र के अधिकार क्षेत्र में निम्नलिखित व्यवसाय आते हैं :- हस्त नक्षत्र का स्वामी चंद्रमा है तो कला से संबंधित व्यवसाय इस नक्षत्र के अन्तर्गत आते हैं जैसे शिल्पी अथवा दस्तकार, सौन्दर्य प्रसाधन निर्माता, आन्तरिक गृह सज्जा, हाथ की…

सूर्य दशाफल

सूर्य महादशा के फल – Results Of Sun Mahadasha यदि किसी जातक की कुंडली में सूर्य की महादशा आरंभ हो गई है तब उसे इस समय में गोपनीय विधि से धनागम हो सकता है लेकिन अग्नि अथवा पशु से भय भी बना रह सकता है. उदर (पेट) तथा दाँतों संबंधी रोग जकड़ सकते हैं. पत्नी…

गण्डमूल नक्षत्र 2018

27 नक्षत्रों में से 6 ऎसे नक्षत्र हैं जिन्हें गण्डमूल नक्षत्र कहा गया है. इनमें 3 नक्षत्र केतु के तो बाकी तीन बुध के नक्षत्र हैं. केतु के अश्विनी, मघा व मूल नक्षत्र हैं तो बुध के आश्लेषा, ज्येष्ठा व रेवती नक्षत्र गण्डमूल कहे जाते हैं. गण्डमूल नक्षत्रों में एक नक्षत्र की समाप्ति पर दूसरे…

जन्म पत्रिका

जो भी व्यक्ति अपनी जन्म पत्री अथवा जन्म पत्रिका अथवा जन्म कुंडली बनवाने की इच्छा रखते हैं वह मात्र 550 रूपये देकर बनवा सकते हैं. हिन्दी और इंगलिश भाषा में से किसी भी भाषा में इसे बनवा सकते हैं. जन्म पत्रिका में पूरा विवरण दिया जाएगा. 50 से 60 पेजों की यह पत्रिका तैयार की…