आवश्यक मुहूर्त विचार

जन्म के समय से ही संस्कारों अथवा मुहूर्तों का चयन भिन्न-भिन्न कामों के लिए किया जाता है. जन्म के बाद नामकरण मुहूर्त, मुंडन मुहूर्त, विद्यारंभ मुहूर्त, विवाह मुहूर्त, नौकरी का मुहूर्त और ना जाने कितनी ही बाते हैं जिनके आरंभ से पहले शुभ समय पर विचार करना आवश्यक समझा जाता है. वर्तमान समय में बहुत…

विद्या प्राप्ति के मंत्र

कई बार परिस्थितियाँ कुछ ऎसी हो जाती है कि बच्चा पढ़ाई में पिछड़ने लगता है. माता-पिता के लिए यह एक तनाव का विषय बन जाता है. ऎसे में कुंडली में उस ग्रह की शांति तो करानी ही चाहिए जिसकी वजह से पढ़ाई में रुकावट आ रही हो, साथ ही विद्या प्राप्ति के जो अलग से…

रामायण – मनका 108

इस पाठ की एक माला प्रतिदिन करने से मनोकामना पूर्ण होती है, ऎसा माना गया है. रघुपति राघव राजाराम । पतितपावन सीताराम ।। जय रघुनन्दन जय घनश्याम । पतितपावन सीताराम ।। भीड़ पड़ी जब भक्त पुकारे । दूर करो प्रभु दु:ख हमारे ।। दशरथ के घर जन्मे राम । पतितपावन सीताराम ।। 1 ।। विश्वामित्र…

श्री शिवाष्टक स्तोत्रम

प्रभुमीशमनीशमशेष गुणं गुणहीनमहीश गरलाभरणम । रण निर्जित दुर्जय दैत्यपुरं, प्रणमामि शिवं शिवकल्पतरुम ।।1।। गिरिराजसुतान्वित-वामतनुं तनुनिन्दितराजित कोटिविधुम । विधिविष्णुशिरोधृत-पादयुगं, प्रणमामि शिवं शिवकल्पतरुम ।।2।। शशिलांछित-रंजित सन्मुकुटं कटिलम्बितसुन्दर कृत्तिपटम । सुरशैवलिनी-कृतपूतजटं, प्रणमामि शिवं शिवकल्पतरुम ।।3।। नयनत्रय भूषित-चारुमुखं मुख पद्मपराजित कोटिविधुम । विधु खण्ड-विमण्डित-भालतटं, प्रणमामि शिवं शिवकल्पतरुम ।।4।। वृषराज निकेतनमादिगुरुं गरलाशनमार्तिविषाणधरम । प्रमथाधिपसेवक रंजनकम, प्रणमामि शिवं शिवकल्पतरुम ।।5।। मकरध्वजमत्तमातंगहरं…

बजरंग बाण

दोहा निश्चय प्रेम प्रतीति ते, विनय करै सनमान । तेहि कारज सकल शुभ, सिद्ध करै हनुमान ।। चौपाई जय हनुमंत संत हितकारी । सुनि लीजै प्रभु बिनय हमारी ।। जन के काज विलंब ना कीजै । आतुर दौरि महासुख दीजै ।। जैसे कूदि सिंधु के पारा । सुरसा बदन पैठि बिस्तारा ।। आगे जाय लंकिनी…

आरती रविवार की

कहं लगि आरती दास करेंगे, सकल जगत जाकी जोत विराजे, सात समुद्र जाके चरणनि बसे, कहा भये जल कुम्भ भरे हो राम, कोटि भानु जाके नख की शोभा, कहा भयो मन्दिर दीप धरे हो राम, भार अठारह रामा बलि जाके, कहा भयो शिर पुष्प धरे हो राम, छप्पन भोग जाके नितप्रति लागे, कहा भयो नैवेद्य…

गंगा माता जी की आरती

ॐ जय गंगे माता श्री जय गंगे माता… जो नर तुमको ध्याता मनवांछित फल पाता… चंद्र सी जोत तुम्हारी जल निर्मल आता… शरण पडें जो तेरी सो नर तर जाता … पुत्र सगर के तारे सब जग को ज्ञाता… कृपा दृष्टि तुम्हारी त्रिभुवन सुख दाता… एक ही बार जो तेरी शारणागति आता… यम की त्रास…

नामकरण संस्कार

भारतीय ज्योतिष में नामकरण संस्कार को सोलह संस्कारों में से एक संस्कार के रुप में महत्ता प्राप्त है. व्यक्ति के जीवन में नाम का व्यवहारिक ही नही अपितु धार्मिक तौर पर भी खास महत्व है. नाम का चयन करते वक्त यह देखा जाता है कि नाम सुन्दर होने के साथ-साथ अर्थपूर्ण भी अवश्य होना चाहिए…..