महाभागवत – देवीपुराण – दूसरा अध्याय 

इस अध्याय में महामुनि जैमिनि द्वारा श्रीवेदव्यास जी से शिव-नारद-संवाद के रूप में वर्णित देवी के माहात्म्य वाले महाभागवत को

पढ़ना जारी रखें

महाभागवत – देवीपुराण – पहला अध्याय 

श्रीगणेश जी को नमस्कार है।। श्रीगणेश जी के चरण कमल के परागकण, जो देवेन्द्र के मस्तक पर विराजमान मन्दार-पुष्प के

पढ़ना जारी रखें

अथ मूर्त्तिरहस्यम्

देवी की अंगभूता छ्: देवियाँ हैं – नन्दा, रक्तदन्तिका, शाकम्भरी, दुर्गा, भीमा और भ्रामरी. ये देवियों की साक्षात मूर्तियाँ हैं,

पढ़ना जारी रखें

कार्तिक मास में आकाशदीप की महिमा

कार्तिक महीने में आकाशदीप का भी महत्व माना गया है. जो व्यक्ति कार्तिक मास आने पर प्रात:काल स्नान करके आकाशदीप

पढ़ना जारी रखें