श्रावण मास माहात्म्य – तेरहवाँ अध्याय

दूर्वागणपति व्रत विधान सनत्कुमार बोले – हे भगवन ! किस व्रत के द्वारा अतुलनीय सौभाग्य प्राप्त होता है और मनुष्य

पढ़ना जारी रखें

श्रावण मास माहात्म्य – बारहवाँ अध्याय

स्वर्णगौरी व्रत का वर्णन तथा व्रत कथा ईश्वर बोले – हे ब्रह्मपुत्र ! अब मैं स्वर्णगौरी का शुभ व्रत कहूँगा,

पढ़ना जारी रखें

श्रावण मास माहात्म्य – छठा अध्याय

सोमवार व्रत विधान सनत्कुमार बोले – हे भगवन ! मैनें रविवार का हर्षकारक माहात्म्य सुन लिया, अब आप श्रावण मास

पढ़ना जारी रखें