श्रावण मास माहात्म्य – पन्द्रहवाँ अध्याय

सुपौदन षष्ठी व्रत तथा अर्क विवाह विधि सनत्कुमार बोले – हे देवेश ! मैंने नागों का यह आश्चर्यजनक पंचमी व्रत

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श्रावण मास माहात्म्य – तेरहवाँ अध्याय

दूर्वागणपति व्रत विधान सनत्कुमार बोले – हे भगवन ! किस व्रत के द्वारा अतुलनीय सौभाग्य प्राप्त होता है और मनुष्य

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श्रावण मास माहात्म्य – बारहवाँ अध्याय

स्वर्णगौरी व्रत का वर्णन तथा व्रत कथा ईश्वर बोले – हे ब्रह्मपुत्र ! अब मैं स्वर्णगौरी का शुभ व्रत कहूँगा,

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