दोहरी मस्तिष्क रेखा

हाथ में दोहरी मस्तिष्क रेखा कम ही पाई जाती है. जब जब दो अलग-अलग मस्तिष्क रेखाएँ स्पष्ट रुप से दिखाई दें तो उसके प्रभाव से जातक दो स्वभावों का हो जाता है. व्यक्ति की मानसिक प्रवृत्तियाँ दो अलग प्रवाहों में बहती हैं. व्यक्ति में मानसिक कार्य करने की असाधारण व अद्भुत मानसिक क्षमता होती है….

मस्तिष्क रेखा में परिवर्तन

मस्तिष्क रेखा प्राय: अपने मार्ग में अनेकों प्रकार के परिवर्तन करती है और उसमें से रेखाएँ निकलकर ऊपर या नीचे की ओर जाती हैं. इन परिवर्तनों से भी मस्तिष्क रेखा के प्रभाव के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त होती है. उदाहरण के लिए यदि एक नीचे की ओर मुड़ती रेखा अपने मार्ग में किसी स्थान…

मस्तिष्क रेखा से जुड़े तथ्य

मस्तिष्क रेखा पर द्वीप चिन्हों का महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है लेकिन इनका विचार करने पर यह ध्यान देना आवश्यक है कि किस आयु में किस चिन्ह का क्या प्रभाव पड़ने वाला है. वर्तमान समय में यदि द्वीप चिन्ह बना है तो यह हर रेखा को कमजोर बनाता है. द्वीप को दुर्भाग्य सूचक माना गया है….

मस्तिष्क रेखा का आरंभ स्थान

इस लेख में हम पाठकों को मस्तिष्क रेखा के आरंभ स्थान के बारे में  बताएंगे. मस्तिष्क रेखा हाथ में तीन प्रकार से आरंभ होती है. पहली प्रकार की मस्तिष्क रेखा का आरंभ जीवन रेखा के अंदर से होता है. दूसरी प्रकार की मस्तिष्क रेखा का आरंभ जीवन रेखा से जुड़कर होता है और तीसरी प्रकार…

मस्तिष्क रेखा

इस लेख में हम मस्तिष्क रेखा के विषय में चर्चा करेगें और मस्तिष्क रेखा के बारे में हस्तरेखा शास्त्री “कीरो” की विचारधारा के अनुसार पाठकों को जानकारी दी जाएगी. इस लेख में मस्तिष्क रेखा के विषय में कुछ जानकारी दी जाएगी और धीरे-धीरे कर मस्तिष्क रेखा से संबंधित सभी बातों का अध्ययन आने वाले लेखों…

हाथ देखने के नियम

हाथ देखने से पहले कुछ बातों पर ध्यान देना जरुरी है कि हाथ की बनावट कैसी है, हाथ की त्वचा कैसी है अथवा हाथ की त्वचा किस तरह का रंग लिए है आदि बातें हैं जिनका जानना जरूरी होता है. इस लेख के माध्यम से ऎसी ही कुछ बातों पर रोशनी डाली जाएगी.   हाथ…

तर्जनी अंगुली के पोरों(Phalanges) का अध्ययन

तर्जनी अंगुली का पहला पोर(1st Phalanx) हर अंगुली में मुख्य रुप से तीन पर्व होते हैं और आपकी तर्जनी अंगुली भी मुख्य रुप से तीन मुख्य भागों में बंटी होती है. इस अंगुली के सबसे ऊपर के नाखून वाले भाग को पहला पर्व कहा जाता है. यदि यह पर्व अंगुली के अन्य दो पर्वों से बड़ा…

हस्तरेखा शास्त्र में “वाया लेसीवा(लासिवा) अथवा असंयम रेखा” का महत्व

इस रेखा के विषय में अनेक मतभेद पाए गए हैं. कई विद्वान इसे बुध रेखा या चन्द्र रेखा के समानांतर एक छोटी रेखा मानते हैं. यह रेखा बुध रेखा को एक तरह से विशेष शक्ति प्रदान करती है और यह शक्ति केवल और केवल अधिक कामुकता के रुप में सामने आती है. मतांतर से कुछ…

अंगूठे का अध्ययन

हस्त रेखा शास्त्र में अंगूठे का अत्यधिक महत्व माना गया है. इसे हथेली का राजा कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी. अगर अंगूठा ना हो तो हम इसके बिना किसी काम के करने की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं. आज के इस लेख में हम आपको अंगूठे की विशेषताओ के बारे में बताएंगें…

अंगुलियों का झुकाव

हस्तरेखा शास्त्र में हाथों की लकीरों के साथ हाथ से जुड़े हर पहलू का अपना विशेष महत्व होता है. हाथों का आकार-प्रकार क्या है, हाथों की रंगत कैसी है? हाथ हल्का है या भारी है आदि ना जाने कितनी ही बातें हैं जिनके आधार पर व्यक्तित्व का पता लगाया जा सकता है. इसी प्रकार हाथो…

अंग फड़कने का अर्थ (अंग स्फुरण)

हिन्दुस्तान में बहुत सी बातें ऎसी है जिनके विषय में यह नहीं पता कि यह कब और कैसे आरंभ हुई पर इन बातों का आम व्यक्ति के जीवन पर काफी प्रभाव माना जाता है. आपको इस लेख के माध्यम से अंगों के फड़कने का फल बताया जाएगा. प्राचीन ग्रंथों में स्त्रियों के बाएँ अंग और…

नाखूनो पर बनी धारियों का अध्ययन

आपने शायद ही अपने नाखूनो को कभी ध्यान से देखा हो. हम में से अधिकतर इस बात से अनजान ही रहते हैं कि हमारे नाखून कैसे है और वह किस प्रकार से हमारे व्यक्तित्व को प्रभावित करते हैं. इस लेख के माध्यम से नाखूनो के बारे में बताने का प्रयास किया जाएगा. यदि आपके नाखूनो…