महाभागवत – देवी पुराण – सोलहवाँ अध्याय 

इस अध्याय में भगवती गीता के वर्णन में ब्रह्मविद्या का उपदेश है, आत्मा का स्वरूप, अनात्मपदार्थों में आत्मबुद्धि का परित्याग,

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महाभागवत – देवीपुराण – पंद्रहवाँ अध्याय 

इस अध्याय में हिमालय और मेना की तपस्या से प्रसन्न हो आद्यशक्ति का “पार्वती” नाम से हिमालय के यहाँ प्रकट

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महाभागवत – देवीपुराण – बारहवाँ अध्याय  

इस अध्याय में शंकर जी का योनिपीठ कामरूप (कामाख्या) में जाकर तपस्या करना है, जगदम्बा द्वारा प्रकट होकर शीघ्र ही

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महाभागवत – देवीपुराण – ग्यारहवाँ अध्याय 

इस अध्याय में त्रिदेवों द्वारा जगदम्बिका की स्तुति करना, देवी का भगवान शंकर को पार्वती रूप में पुन: प्राप्त होने

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