आरती श्री सरस्वती जी
जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता। सद्गुण, वैभवशालिनि, त्रिभुवन विख्याता ।।जय।। चन्द्रवदनि, पद्मासिनि द्युति मंगलकारी। सोहे हंस-सवारी, अतुल
Astrology, Mantra and Dharma
जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता। सद्गुण, वैभवशालिनि, त्रिभुवन विख्याता ।।जय।। चन्द्रवदनि, पद्मासिनि द्युति मंगलकारी। सोहे हंस-सवारी, अतुल
आरती श्रीजनक दुलारी की। सीताजी रघुबर प्यारी की – टेक जगत-जननि जग की विस्तारिणि, नित्य सत्य साकेत-विहारिणि, परम दयामयि
श्री सत्यनारायण भगवान की कथा का पीडीएफ डाउनलोड करें :- श्री सत्यनारायण भगवान की कथा पहला अध्याय – First Chapter
शनिवार का व्रत शनि महाराज को प्रसन्न करने के लिए रखा जाता है. जिनकी जन्म कुंडली में शनि की साढ़ेसाती
शुक्रवार के व्रत में कथा कहते हुए अथवा कथा सुनते हुए हाथ में थोड़ा गुड़ व भुना हुआ चना रखते
बृहस्पतिवार के दिन बृहस्पतिश्वर देव की पूजा व व्रत किया जाता है. स्नानादि से निवृत होकर सुबह पीले रंग के