श्रेणी: arti
श्रीदेवी जी की आरती
जगजननी जय ! जय ! माँ ! जगजननी जय ! जय ! भयहारिणि, भवतारिणि, भवभामिनि जय ! जय !! जगo
आरती भगवान श्रीजानकीनाथ जी की
जय जानकिनाथा, जय श्रीरघुनाथा । दोउ कर जोरें बिनवौं प्रभु ! सुनिये बाता ।।टेक।। तुम रघुनाथ हमारे प्रान, पिता-माता ।
भगवान मर्यादापुरुषोत्तम की आरती
आरती कीजै श्रीरघुबर की । सत चित आनँद शिव सुंदरकी ।।टेक।। दशरथ-तनय कौसिला-नन्दन, सुर-मुनि-रक्षक दैत्य-निकन्दन, अनुगत-भक्त भक्त-उर-चन्दन, मर्यादा पुरुषोत्तम वरकी
आरती भगवान श्रीराम की
हरति सब आरती, आरती राम की । दहन दुख-दोष निरमूलिनी काम की ।। सुभग सौरभ धूप दीपबर मालिका । उड़त
आरती श्रीराम-लक्ष्मण जी की
अति सुख कौसिल्या उठि धाई । मुदित बदन मन मुदित सदनतें, आरति साजि सुमित्रा ल्याई ।। जनु सुरभी बन बसति