उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का उपचार
जन्म नक्षत्र यदि उत्तराभाद्रपद होकर वह पाप अथवा अशुभ प्रभाव में स्थित है तब इसका उपचार अवश्य करना चाहिए अन्यथा
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जन्म नक्षत्र यदि उत्तराभाद्रपद होकर वह पाप अथवा अशुभ प्रभाव में स्थित है तब इसका उपचार अवश्य करना चाहिए अन्यथा
पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र, जन्म कुंडली में पाप प्रभाव में होने से कई अशुभ परिणामों को जन्म देता है. इस नक्षत्र के
शतभिषा नक्षत्र अगर जन्म नक्षत्र होकर पीड़ित अथवा अशुभ प्रभाव में है तब व्यक्ति को शारीरिक कष्ट प्रदान करेगा जैसे
धनिष्ठा नक्षत्र के देवता आठ वसुओं को माना गया है इसलिए इस नक्षत्र के पीड़ित होने पर इन आठ वसुओं
इस नक्षत्र के देवता विष्णु जी है और विष्णु जी को संसार के पालन-पोषण का कार्य भार सौंपा गया है.
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के अधिपति देवता दस विश्वेदेवों को माना गया है. इस नक्षत्र के पीड़ित होने पर इनकी पूजा करनी