मूल नक्षत्र का उपचार
मूल नक्षत्र का देवता भय व मृत्यु की देवी “नृति” को माना गया है. कुछ विद्वान नृति देवी को प्रलंयकारी
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मूल नक्षत्र का देवता भय व मृत्यु की देवी “नृति” को माना गया है. कुछ विद्वान नृति देवी को प्रलंयकारी
ज्येष्ठा नक्षत्र की गणना गण्डमूल नक्षत्रों के अन्तर्गत भी होती है. इस नक्षत्र के स्वामी बुध हैं और इन्द्र इस
अनुराधा नक्षत्र अगर जन्म नक्षत्र होकर पाप प्रभाव में है तब इसके पाप प्रभाव को मिटाने के लिए द्वादश आदित्य
अगर विशाखा नक्षत्र आपका जन्म नक्षत्र होकर पीड़ित अथवा अशुभ प्रभाव में हैं तब बहुत सी परेशानियों और बाधाओं का
स्वाति नक्षत्र के देवता पवन देव अर्थात वायु को माना गया है और इस नक्षत्र के स्वामी ग्रह राहु हैं.
चित्रा नक्षत्र के देवता “विश्वकर्मा” जी हैं. यदि जन्म कुंडली में चित्रा नक्षत्र पीड़ित है अथवा इस नक्षत्र में पाप