ज्येष्ठा नक्षत्र का उपचार
ज्येष्ठा नक्षत्र की गणना गण्डमूल नक्षत्रों के अन्तर्गत भी होती है. इस नक्षत्र के स्वामी बुध हैं और इन्द्र इस
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ज्येष्ठा नक्षत्र की गणना गण्डमूल नक्षत्रों के अन्तर्गत भी होती है. इस नक्षत्र के स्वामी बुध हैं और इन्द्र इस
अनुराधा नक्षत्र अगर जन्म नक्षत्र होकर पाप प्रभाव में है तब इसके पाप प्रभाव को मिटाने के लिए द्वादश आदित्य
अगर विशाखा नक्षत्र आपका जन्म नक्षत्र होकर पीड़ित अथवा अशुभ प्रभाव में हैं तब बहुत सी परेशानियों और बाधाओं का
स्वाति नक्षत्र के देवता पवन देव अर्थात वायु को माना गया है और इस नक्षत्र के स्वामी ग्रह राहु हैं.
सूर्य की पहली किरण को सविता कहा गया है और इसी “सविता” को हस्त नक्षत्र का देवता माना गया है.
जन्म कुंडली में उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र, जन्म नक्षत्र होकर पीड़ित है अथवा पाप प्रभाव में है तब इसका उपचार अवश्य करना