जन्म कुंडली के अनुसार समस्याएँ और उनका मंंत्रोपचार
जन्म कुंडली में मौजूद दोषों के कारण व्यक्ति को जीवन में अनेकों बार असफलताओं का सामना करना पड़ता है। इन
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जन्म कुंडली में मौजूद दोषों के कारण व्यक्ति को जीवन में अनेकों बार असफलताओं का सामना करना पड़ता है। इन
इस अध्याय में भगवान शंकर द्वारा पार्वती के समक्ष विवाह का प्रस्ताव रखना है, मरीचि आदि ऋषियों का हिमालय के
इस अध्याय में भगवती का काली रूप में भगवान शंकर को दर्शन देना है, भगवान शंकर द्वारा काली के चरण
इस अध्याय में ब्रह्माजी का तारकासुर से पीड़ित देवताओं को भगवान शंकर के पुत्र द्वारा उसके वध की बात बतलाना
इस अध्याय में हिमालय को तत्त्व ज्ञान का उपदेश प्रदान कर देवी का सामान्य बालिका की भाँति क्रीडा करना है,
इस अध्याय में भगवती गीता के वर्णन में ब्रह्मयोग का उपदेश, पाँचभौतिक देह, गर्भस्थ जीव का स्वरुप तथा गर्भ में