महाभागवत – देवी पुराण – तेईसवाँ अध्याय
इस अध्याय में भगवती का काली रूप में भगवान शंकर को दर्शन देना है, भगवान शंकर द्वारा काली के चरण
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इस अध्याय में भगवती का काली रूप में भगवान शंकर को दर्शन देना है, भगवान शंकर द्वारा काली के चरण
इस अध्याय में ब्रह्माजी का तारकासुर से पीड़ित देवताओं को भगवान शंकर के पुत्र द्वारा उसके वध की बात बतलाना
इस अध्याय में शंकर जी का सती को पुन: पत्नी रूप में प्राप्त करने के लिए हिमालय पर तपस्या में
इस अध्याय में भगवती का विविध बालोचित लीलाओं द्वारा हिमालय तथा मेना को आनन्दित करना, देवर्षि नारद द्वारा देवी के
इस अध्याय में हिमालय को तत्त्व ज्ञान का उपदेश प्रदान कर देवी का सामान्य बालिका की भाँति क्रीडा करना है,
इस अध्याय में भगवती गीता के वर्णन में मोक्ष योग का उपदेश है, देवी के स्थूल स्वरुपों में दस महाविद्याओं