महाभागवत – देवीपुराण – ग्यारहवाँ अध्याय
इस अध्याय में त्रिदेवों द्वारा जगदम्बिका की स्तुति करना, देवी का भगवान शंकर को पार्वती रूप में पुन: प्राप्त होने
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इस अध्याय में त्रिदेवों द्वारा जगदम्बिका की स्तुति करना, देवी का भगवान शंकर को पार्वती रूप में पुन: प्राप्त होने
इस अध्याय में सती के यज्ञकुण्ड में प्रवेश का समाचार सुनकर भगवान शंकर का शोक से विह्वल होना, उनके तृतीय
इस अध्याय में सती का पिता के घर पहुँचना, माता प्रसूति द्वारा सती का सत्कार करना तथा यज्ञ-विध्वंस के भयंकर
इस अध्याय में भगवान शंकर द्वारा सती का दक्ष के घर जाने को अनुचित बताना, देवी सती के विराट रूप
इस अध्याय में भगवती सती तथा भगवान शिव का आनन्द विहार, दक्ष द्वारा यज्ञ करने और उसमें शंकर को न
इस अध्याय में सती के साथ भगवान शिव का हिमालय पर्वत पर आना, सभी देवों का हिमालय पर विवाहोत्सव में