महाभागवत – देवीपुराण – बयालीसवाँ अध्याय
श्रीमहादेव जी बोले – तब भगवान ब्रह्मा जी ने महात्मा श्रीराम से संक्षेप में पूर्व वृतांत को कहना प्रारंभ किया
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श्रीमहादेव जी बोले – तब भगवान ब्रह्मा जी ने महात्मा श्रीराम से संक्षेप में पूर्व वृतांत को कहना प्रारंभ किया
श्रीमहादेव जी बोले – इस प्रकार युद्ध में पराजित राक्षसों के स्वामी रावण ने युद्ध करने के लिए महाबलि कुंभकर्ण
श्रीमहादेव जी बोले – विभीषण को पूर्णरूप से शरणागत जानकर महाबाहु श्रीराम ने उसके साथ मैत्री स्थापित की और उसे
श्रीमहादेवजी बोले – मारीच को मारकर जब श्रीराम लक्ष्मण के साथ जब अपनी पर्णकुटी पर आए, तब उन्होंने वहां जानकी
श्रीमहादेवजी बोले – नारदजी ! मुनिश्रेष्ठ वसिष्ठ जी ने महाबाहु राम, लक्ष्मण, भरत तथा शत्रुघ्न को देवी के मंत्र की
श्रीमहादेव जी बोले – भगवती के ऐसे वचन सुनकर नेत्रों में आह्लाद भरे हुए भगवान विष्णु ने उन्हें भक्तिपूर्वक पुनः