राहु के मंत्र

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राहु का अपना कोई भौतिक अस्तित्व नहीं होता है. यह एक छाया ग्रह है लेकिन छाया ग्रह होते हुए भी कुण्डली पर अपना अत्यधिक प्रभाव बनाये रखता है. राहु सदा अशुभ प्रभाव नही देता है. आधुनिक समय में बहुत सी नई टेक्नोलॉजी राहु के अधिकार क्षेत्र में आती है. इालिए हम इसे सदा अशुभ नहीं मान सकते है. हाँ यह अवश्य है कि कई बार स्वास्थ्य के नजरिये से यह ऎसी बीमारी दे देता है जिसका निवारण देर से हो पाता है.  इसकी दशा/अन्तर्दशा में व्यक्ति की बुद्धि कुछ भ्रमित सी रहती है.  व्यक्ति कई ऎसे निर्णय ले लेता है जिसके लिए उसे भविष्य में पछताना पड़ सकता है. सही और गलत में अंतर करना मुश्किल हो जाता है.

राहु के कुप्रभाव को दूर करने के लिए राहु के मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए. इस मंत्र का जाप रात के समय करना चाहिए और शनिवार से मंत्र जाप आरंभ करने चाहिए.

राहु का वैदिक मंत्र – Vedic Mantra for Rahu
ऊँ कयानश्चित्र आभुवदूतीसदा वृध: सखा । कयाशश्चिष्ठया वृता ।

राहु का तांत्रोक्त मंत्र – Tantrokta Mantra for Rahu

  • ऊँ ऎं ह्रीं राहवे नम:
  • ऊँ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम:
  • ऊँ ह्रीं ह्रीं राहवे नम:

नाम मंत्र – Naam Mantra for Rahu
ऊँ रां राहवे नम:

राहु का पौराणिक मंत्र – Poranik Mantra for Rahu
ऊँ अर्धकायं महावीर्य चन्द्रादित्यविमर्दनम ।
सिंहिकागर्भसंभूतं तं राहुं प्रणमाम्यहम ।।

753 comments

  1. राहु की ग्रह तकलीफ के लिए आप रोज रात में राहु के मंत्र का जाप 108 बार करें. “ऊँ रां राहवे नम:” मंत्र है. इसके साथ ही आप चंदन से बनी चीजों का उपयोग करें. रात्रि में पैरों को धोकर ही सोने जाएं और दिन भर में एक समय का भोजन आप अपने रसोईघर में करें.

  2. Guru ji,pranam,
    my D.O.B.-04.02.1965, time-04.30 p.m.,place-lucknow, I am getting many hurdles since June-2009 in my job,right now i am still jobless from nov.2013, now i have lost all my money ,confidence ,family & relatives disputes RUNNING ,also i have wasted more MONEY & TIME in many pandits thier own ways but in Sep.2015 currently some astrologer suggested to wear -jamunia,oppal,& cats eye,as well done “sankata hawan”.and suggested to chant daily rahu “jaap-om rang ranhway namah ” & “om hrim sankate mam rogam nashay swaha” mantra.so i am doing.but still i am in dillema whether some favourable time will come or not,kindly suggest in detail.
    MANOJ KUMAR SRIVASTAVA

  3. नमस्कार! आपकी जन्म कुंडली में इस समय केतु की महादशा में चंद्रमा की अंतर्दशा चल रही है. केतु की यह महादशा अप्रैल 2013 से आरंभ हुई है. इससे पहले आपकी कुंडली में बुध की महादशा चली हुई थी. जून 2009 से आपकी कुंडली में दशा और गोचर दोनो ही अनुकूल नहीम थे और फिर बुध की महादशा के समाप्त होने का समय आ गया था जिसके कारण आपको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा. कुंदली में जब भी कोई महादशा खतम होकर नई आरंभ होने वाली होती है तब जीवन में हलचल सी मचा देती है. आपके साथ भी ऎसा ही हुआ. केतु की महादशा को भी बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता है क्योंकि और राहु का अपना अस्तित्व नहीं होता है और ये जिस ग्रह की राशि में स्थित होते हैं उसी के जैसे काम करते हैं. वैसे भी केतु को मंगल के स्वभाव जैसा उग्र माना गया है. और कुंडली में केतु मंगल की राशि में स्थित है. मंगल आपकी कुंडली में वक्री अवस्था में तीसरे भाव में स्थित है. केतु तो हमेशा ही वक्री अवस्था में ही रहता है. अब केतु भी वक्री और केतु का राशिश मंगल भी वक्री अर्थात केतु जिस ग्रह की राशि में स्थित है वह भी वक्री ही है. जब कुंडली में वक्री ग्रह की दशा चलती है तब वह एक ही काम की पुनराव्टति कराते हैं अर्थात एक ही काम को करने के लिए बार – बार प्रयास करना. फिर आपके व्यवसाय भाव का स्वामी मंगल है जो वक्री होकर तीसरे भाव में स्थित है. तीसरा भाव प्रयासों का है इसलिए एक ही काम को करने के लिए ज्याद प्रयास लगते हैं. फिर जो भी काम आप करते हैं उसके लिए जरुरत से ज्यादा परिश्रम तो होता है लेकिन फल आपके मनानुसार नहीं मिलते हैं.

    दूसरे आपकी कुंडली में चंद्रमा शनि के साथ अष्टम भाव में स्थित है. आप बहुत ही जल्दी हार भी मान जाते हैं. मन बहुत ज्यादा व्याकुल तथा परेशान रहता है. जरा सी परेशानी होते ही आप इधर – उधर भगा जाते हैं. ऎसा नहीं होना चाहिए. कुंडली के योगों को आपको ही झेलना है चाहे आप हंसकर सहे या रोकर सहे. खुद जरा मजबूत बनाएँ. आपको कुछ ज्यादा काम नहीं करने हैं. सबसे पहले तो आपकी कुंडली में केतु की महादशा है तो आप केतु के मंत्र जाप करें ना कि राहु के. केतु के वैदिक मंत्रो का 7000 जाप आप एक बार किसी अच्छे से पंडित से अपने घर में करा लें और जाप के बाद दशांश हवन भी कराएँ अर्थात जब 7000 मंत्र का जाप हो जाए तब आप इन मंत्रों का दस प्रतिशत हवन के समय करें. इन सब में ज्यादा खर्चा नहीं आएगा. कोई आपसे हजारों रुपए मांगे तो मत दीजिएगा. ज्यादा से ज्यादा पंडित जी अपना मेहताना मांगेगे. जब आप केतु के मंत्र जाप करा लें तब रोज आपको केतु के मंत्र का 108 बार जाप रात में करना चाहिए जब तक की केतु की दशा चलती है. आप चंदन की चीजों का उपयोग अधिक से अधिक करें. आप लहसुनिया अर्थात कैट्स आई पहन सकते हैं और कुछ ना पहने. चाहे तो एक मूंगा और सुनहला पहन लें. मूंगा इसलिए कि यह आपके व्यवसाय भाव का स्वामी है और खराब अवस्था में है. आपके भाग्य भाव के स्वामी गुरु हैं लेकिन शनि से दृष्ट होकर कमजोर हो गए हैं. इसलिए आप भाग्य को बढाने के लिए सुनहला पहन सकते हैं. केतु का मंत्र आप खुद से करना जल्द आरंभ करें. मंत्र हैं :- ऊँ कें केतवे नम: हर रात्रि 108 बार. आप इतना करे तो सही आपको कुछ ना कुछ अच्छे फल जरुर मिलेगें.

  4. आपका धनु लग्न और मेष राशि है. इस समय मंगल की महादशा में चंद्रमा की अंतर्दशा चल रही है. मंगल की यह दशा अब खतम होने के कगार पर है, इसलिए अभी आपकी परेशानियों का दौर चल पड़ा है. मंगल आपकी कुंडली में नीच राशि में अष्टम भाव में स्थित है. महादशानाथ अष्टम भाव में और अंतर्दशानाथ चंद्रमा पंचम भाव में स्थित होकर राशि परिवर्तन भी कर रहे हैं. कुल मिलाकर आपके लिए अभी समय अनुकूल बिलकुल भी नहीं है. आय से अधिक आपके व्यय बने हुए हैं. मंगल की यह दशा इस साल दिसंबर में खतम होने जा रही है.के बद राहु की महादशा का आरंभ होगा. जब भी एक महादशा खतम होकर दूसरी महादशा को आरंभ करती है तब जीवन में परेशानियाँ आती ही हैं. आप प्रतिदिन संकष्टमोचन का पाठ संध्या समय में करें. जब 9 दिसंबर से राहु की महादशा आरंभ हो जाए तब आप प्रतिदिन रात में राहु के मंत्र का जाप 108 बार जरुर करे. इससे आपको राहत मिलेगी. जब तक आपकी परेशानियां दूर नहीं हो जाती हैं तब तक आप रोज सुबह या शाम को नारायण कवच का पाठ अवश्य करें.

  5. Guru ji pranam

    your suggestion is very good I do as per your suggestion, Guru ji kindly tell us about my job whether it continue or left if it left can I find another good job immediately. Now the situation is very bad.
    My date of birth 01st Oct 1966 Place Etawah Uttar Pradesh Time 12.10 Noon Guruji now these days i am loosing my confidance stability even Job also Kindly suggest.

    Ashish

  6. Pranaam mera dob 1-10-79 time 1.45 am merit parashani hai meri health thik nahi rahti ghar mai parashaniya bani rhati hai sahi job bhi nahi lag pa rahi hotey kaam khrab ho jatey hai ghar mai kitna bho ker lo koi nahi manta pls koi mantra aap suggest ker dey taki sab thik ho jai jaldi batai

  7. नमस्कार!
    आपकी कर्क लग्न की कुंदली है और चंद्रमा मकर राशि में है. इस समय आपकी कुंडली में राहु की महादशा में चंद्रमा की अन्तर्दशा चली हुई है. राहु आपकी कुण्डली में दूसरे भाव अर्थात मारक भाव में स्थित है. चंद्रमा भी लग्न के स्वामी होकर मारक भाव में स्थित हैं और केमद्रुम योग भी बना रहे हैं. अभी समय और दशा आपके पक्ष में बिलकुल भी नहीं कहे जा सकते हैं. आपका मन तो बहुत ज्यादा विचलित रहता है. राहु आपके मन में स्थिरता प्रदान नहीं करता है और साथ ही आपके अपने स्वभाव में चिड़चिड़ापन तथा क्रोध भी बढ़ रहा है. आप भी आजकल झुंझलाहट से ही भरे रहते हैं.

    आपकी सेहत अभी कुछ समय तक ऎसे ही चलेगी और यदि आप अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही बरतते रहे तो तबीयत ज्यादा बिगड़ सकती है. राहु की यह महादशा अभी देढ़ साल तक ओर चलेगी और इस समय में आप काफी परिवर्तन भी महसूस कर सकती हैं. दशा अगर अनुकूल ना हो तब घर हो या बाहर, कहीं भी अनुकूल फल प्राप्त नहीं होते हैं. राहु के बाद आपकी गुरु की महादशा आएगी जिसमें आपको थोड़ी राहत मिल सकती है.

    जब तक यह राहु की दशा है तब तक आप राहु के किसी भी एक मंत्र का जाप करे जो आपको मेरे ब्लॉग से मिल जाएगा. इस मंत्र का जाप आपको रात्र में ही करना है और 108 बार करना है. अभी आप एक नियम यह बना लें कि आप हर रोज शिवलिंग में जल दें. यह काम आपको इस दिसंबर तक करना है उसके बाद आपको हर सोमवार शिवलिंग पर जल देना है. हर रोज आपको महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी 108 बार करना है. इसे आप सुबह या शाम किसी भी समय कर सकते हैं. हर मंगलवार और शनिवार के दिन आप 7 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें. यदि आप शनिवार के दिन कोढ़ी लोगों को कुछ दान दे सकती हैं तो जरुर दें. घर की शांति बनाए रखने के लिए आप विष्णू सहस्त्रनाम का पाठ करें.

  8. जो दशा इस समय चली हुई है उसके आधार पर तो यही संदेह होता है कि आपकी जॉब जा भी सकती है या परेशानियों से तंग होकर आप खुद ही इसे छोड़ दें, लेकिन आप अपनी मन की स्थिति पर काबू करने का प्रयास करें और कोशिश करें कि जॉब छोड़ने से पहले आपको नई मिल जाए.

    हर व्यक्ति की जन्म तारीख से उसका एक नया वर्ष फल बनता है और आपकी दशा के साथ वर्षफल भी औसत ही नजर आ रहा है. ये नहीं कि आपको नई नौकरी मिलेगी नहीं लेकिन हो सकता है आप उसमें अपना मन लगा ना पाएं और कुछ समय लगे. वैसे तो आप कोशिश यही करें कि नई नौकरी आपको मिल ही जाए और यदि मिल जाती है तब आप 9 अक्तूबर के बाद ही उसे ज्वाईन करें और यदि आप 13 अक्तूबर के बाद ज्वाईन करते हैं तब ओर भी अच्छा रहेगा. आपको जो पाठ बताया गया है वो तो आप करें ही साथ ही आप मंगल के वैदिक मंत्र का जाप भी रोज रात्रि में 108 बार करें. “ऊँ अं अंकारकाय नम:” मंत्र है. मंगल में चंद्रमा की अन्तर्दशा के लिए आप शिवलिंग पर जल अर्पित करना भी शुरु कर देगें तो लाभ ही होगा.

  9. नमस्कार!
    आपकी कुण्डली में अभी शनि की महादशा में राहु की अन्तर्दशा चल रही है. शनि आपकी कुंडली के लिए शुभ ग्रह नहीं हैं और राहु लग्न में बैठकर आपकी बुद्धि को भ्रमित कर रहे हैं. शनि की दशा के साथ उतरती हुई साढ़ेसाती का प्रभाव भी बना हुआ है. जब दशा ही ठीक ना हो तब आप कोई भी काम करे, असफल ही रहते हैं. आपके लिए नौकरी करना ज्यादा सही है. आप उसमें ही अपना भविष्य बनाने का प्रयास करें. जब तक शनि की यह दशा चलेगी तब तक आप शनि के मंत्र का जाप 108 बार संध्या समय में करें और शनि स्तोत्र का पाठ हर शनिवार को 11 बार करें. यदि आपका कोई पैतृक व्यवसाय है तब आप उसे कर सकते हैं लेकिन नए कारोबार के चलने में संदेह ही है. आप अभी कुछ समय नारायण कवच का पाठ करे. इसे आप सुबह या शाम किसी भी समय कर सकते हैं.

  10. Guruji pranam

    My dob is 2.10.76 and time 19.30 pauri garhwal. Please advise till what time i will face professional difficulty. Should i try to settle abroad in east asia? If yes when should i look to migrate from India?

  11. मेरा birth date 11/12/1990 Time 10:30 am है….मुझे business मे परेशानीया आ रही है…२ महिनेसे काम नही आ रहा है…कुछ उपाय बताओ

  12. नमस्कार!

    सबसे पहले तो जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ. आपकी मेष लग्न की कुंडली बनती है और चंद्र राशि मकर है. इस समय आपकी कुंडली में गुरु की महादशा चल रही और बुध की अन्तर्दशा. गुरु आपकी कुंडली में भाग्य भाव के स्वामी है और दूसरे भाव में स्थित है जो कि उनकी शत्रु राशि है. इसलिए दशा अनुकूल होते हुए भी उतने फल नहीं मिल पा रहे हैं जितने कि आपको मिलने चाहिए. दूसरे ये कि गुरु वक्री अवस्था में स्थित है जिससे आपको एक ही काम के लिए कई बार प्रयास करने पड़ते हैं. अन्तर्दशानाथ बुध आपकी कुण्डली के लिए शुभ नहीं है इसलिए आपको अप्रत्यक्ष रुप से शत्रुओं का सामना करना पड़ सकता है.

    आप जो भी काम इस समय कर रहे होगें उसमें बदलाव की स्थिति भी बन सकती है. आी इस वर्ष की वर्ष कुंडली भी कोई शुभ संकेत नहीं दे रही है. जब दशा और गोचर ही अनुकूल ना हो तब आप कहीं भी जाएं आपको परेशानियाँ उठानी ही पड़ती है. वही अभी आपके साथ भी हो रहा है. अभी एक वर्ष तक कुछ मुश्किलों का सामना आपको करना पड़ सकता है. आप विदेश में भाग्य आजमाना चाहते हैं तो जरुर आजमाएँ. दूसरी बात यह कि आप बहुत ज्यादा जिद्दी किस्म के व्यक्ति भी हैं. आप जो भी निर्णय लेते हैं उसमें किसी अन्य की राय भी अवश्य लें. आप किसी भी काम को करने में उतावलापन ना दिखाएं और ना ही बिना सोचें एकदम से ही आर पार वाली कोई बात ही करें. जुबान पर भी जरा नियंत्रण रखने का प्रयास करें.

    आपकी कुण्डली में गुरु की महादशा चल रही है तो आप एक बार गुरु के मंत्रो का जाप अवश्य करा लें और साथ ही दशांश हवन भी कराएँ. उसके बाद आप इन मंत्रों का प्रतिदिन 108 बार पाठ जरुर करें. ये मंत्र जाप आप सुबह या शाम किसी भी समय कर सकते हैं. प्रत्येक मंगलवार को हनुमान जी के मंदिर अवश्य जाएं और हनुमान चालीसा का पाठ भी करें. हर बृहस्पतिवार के दिन आप केले की जड़ में जल दें. बृहस्पतिवार के दिन व्रत रख सकते हैं तो अवश्य रखें. इस दिन व्रत में नमक नहीं खाते हैं और ना ही आप बृहस्पतिवार के दिन केला खाएँ. आप इतना जरुर करें आपको कुछ ना कुछ अनुकूल फल अवश्य प्राप्त होगें. यदि आप ये सब नहीं कर सकते हैं तब अपनी पत्नी को कहें, वह ये सब करेगी. मन को शांत रखने का प्रयास करें और अपना काम करते रहें.

  13. नमस्कार!

    आपकी कुण्डली में अभी इस समय राहु की महादशा में सूर्य की अन्तर्दशा चल रही है. वैसे तो दोनों सही स्थिति में है लेकिन अभी कुछ समय पहले गुरु की प्रत्यंतर दशा से आपको समस्या आनी आरंभ हुई है साथ ही कुंडली में ग्रहों का गोचर आपके अष्टम भाव को प्रभावित कर रहा है. अष्टम भाव रुकावटों का है इसलिए आपको परेशानियाँ आ रही है. यह परेशानियाँ अस्थाई हैं. आप परेशान ना हों क्योंकि आपके व्यवसाय का संबंध विदेश से अच्छा होने वाला है.

    आप मेरे ब्लॉग से राहु का वैदिक मंत्र लें और उसका जाप रात्रि में 108 बार करें. एक समय का भोजन आप अपने घर के रसोईघर में अवश्य करें. जहाँ आप सोते हैं उस बिस्तर के सिरहाने तले एक मोर का पंख रखें. अपने घर और आफिस की साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें. जहां आपका आफिस है, उस आफिस के दरवाजे की चौखट के ऊपर अंदर की ओर एक चांदी का स्वस्तिक लगा दें. यह आप शुक्ल पक्ष के बुधवार को लगाएँ. साथ ही आप शनिवार के दिन कोढ़ी लोगों को भोजन कराएं अथवा कुछ दान दक्षिणा उन्हें दें.

  14. नमस्कार!

    आपकी कुंडली में जो दशाक्रम आपको मिला है उसके अनुसार आपकेव जीवन में कैरियर को लेकर उठा-पटक होनी ही थी. स्थायित्व की कमी होगी ही. अभी भी नीच के मंगल की महादशा चली हुई है जो इसी वर्ष जनवरी से आरंभ हुई है. मंगल वैसे तो भाग्येश है लेकिन नीच का स्थित है तो भाग्य संबंधी मामले ढीले ही रहते हैं. आप हर रोज शाम को हनुमान चालीसा का पाठ 7 बार करे. मंगलवार का व्रत रखें और शाम को हनुमान जी को प्रसाद चढ़ाएँ फिर भोजन करें. आपको केवल मीठा भोजन ही करना है. हर रोज शाम को आप मंगल के मंत्र – “ऊँ अं अंगारकाय नम:” का जाप 108 बार करें. आप श्रद्धा से ये काम करते रहे आपको सफलता जरुर मिलेगी.

  15. Namaste Panditji,

    Mere details hain
    Name- Raidu Leela
    DOB-5/10/1982
    PLACE- Jamshedpur
    TIME- 11:02 PM

    Main IT  company mein job kar rahi thi aur job dissatisfaction ke vajeh se sept 2014 mein job chod di , although maine 10 saal job kiya aur mere kaam ko har jageh bahut saraha gayi hai. main aage fashion designing mein course karke apna career usmein shuru karna chahti hun kya yea line of career mere liye suitable hai? Mujhe iss line mein kaafi interest hai aur shaadi shuda life mein work life balance ke liye ghar pe hi boutique kholna chahti hun.
    Kya mere liye business karna suitable hoga ya phir kisi export house mein designer ka job lena uchit hoga?

    Dusri samasya hai mere health problems se related, mujhe monthly ki problem hai (PCOD)starting se hi , bahut dava kar chuki par koi labh nahi ho raha hai.shaadi ki date nazdeek hain isiliye mujhe tension hai ki iss health issue ke vajeh se santaan prapti mein dikkat na ho , mujhe bataya gaya hai ki meri kundali mein rahu ki dasha kharaab hai, uske liye puja kara chuki hun. rahu mantr Om Raam Rahvey Namah ka jaap 108 baar kar rahi hun, iske alava sharir mein jageh jageh dard rehna par koi bimaari ka diagnose nahi ho raha hai iske liye mujhe bhi koi solution batayein. Shaadi tay hone mein bhi kaafi dikkatein ho rahi thi. ab shaadi tay ho chuki 25 feb 2016 ki date fix hui hai aur mere hone waale life partner ki details hain
    Name: Ganesh Velumkar
    place : Belgaum
    Time : 01:15 pm
    DOB : 27th January 1979

    I hope humari married life thik hoga, mujhe kaha gaya hai ki meri married life mein problems aa sakti hai iske liye kuch upay batayein, main niyamit roop se puja paath karti hun aur Surya ko haldi daal kar jal chadhati hun.

    dhanyawaad! !

    Regards, 
    Leela

  16. गुरुजी……राहु का मंत्र नाथ संप्रदाय मे भी होता है…..उस मंत्र का जाप करनेसे.जल्दही परिनाम मिलते है ऐसा मेने सुना है….

  17. नमस्कार!

    आपने जो सुना है ठीक ही होगा. आप एक बात ध्यान में रखें कि कोई भी उपाय हो या कोई मंत्र ही क्यूँ ना हो, आप जब तक उसे श्रद्धा व विश्वास से नहीं करेगें तब तक अनुकूल फलों की प्राप्ति नहीं होगी. इसलिए मंत्र कोई भी हो आप उसे दिल से करें और पूरे विश्वास के साथ करें.

  18. नमस्कार!

    आपने जन्म का समय जो दिया है वह दिन का है या रात का है? और साथ ही यह भी बताएँ कि आपका जन्म स्थान कहाँ का है?

  19. नमस्कार!

    मंगल की दशा सात साल की है तो इतना ही समय समझें, लेकिन आप बताए गए कामों को करे तो सही! आपको अनुकूल फल जरुर मिलेगें. समय खराब है या स्टैबिलिटी नहीं है सोचकर तो आप हाथ पर हाथ धर कर बैठे नहीं रह सकते हैं. यदि आप बढ़िया से प्रयास करेगें तो अपना भाग्य अपने पक्ष में जरुर कर पाएंगे.

  20. नमस्कार!

    सबसे पहले तो जन्मदिन की शुभकामनाएँ! प्रश्नों के उत्तर देने के अलावा ओर भी बहुत से काम होते हैं हमें. जब समय मिलता है तब उत्तर दे ही दिये जाते हैं. कुछ लोगों के प्रश्नों के उत्तर तो साल बाद भी दिए गए हैं लेकिन ऎसा समयाभाव के कारण ही होता है. फिए भी समय मिलते ही उत्तर दे ही दिए जाते हैं.

    आपकी कुंडली में राहु की महादशा चल ही पड़ी है और इस समय राहु में गुरु की दशा का प्रभाव चला गुआ है. कुंडली चाहे किसी की भी हो जब राहु में गुरु की दशा चलती है तब जीवन में काफी हलचल देखी जाती है. बहुत से बदलाव देखने को मिलते हैं. आपके साथ भी अभी यही हो रहा है. राहु आपकी कुण्डली में लग्न में स्थित है और लग्न को पीड़ा पहुंचा रहे हैं. साथ ही आपके लग्न का स्वामी बुध भी बहुत अच्छी हालत में नहीं है. इन सब कारणों से आपके कैरियर व स्वास्थ्य दोनों को नुकसान पहुंच रहे हैं. जो माहवारी की समस्या आप बता रहे हैं वह भी आपकी कुंडली में दिखाई दे रही है और इसी कारण संतान प्राप्ति में भी परेशानियाँ देखी जा सकती है. लेकिन आप किसी अच्छे चिकित्सक की सलाह लेकर अपना ईलाज कराती हैं तब आपको संतान प्राप्ति के योग बन सकते हैं.

    आप अपने कैरियर में बदलाव चाहती हैं तो ला सकती है क्योंकि समय ही बदलाव का है और आप नौकरी करें या अपना स्वयं का काम करें दोनों ही आपके लिए अनुकूल रहेगें. अभी समय कुछ ठीक नहीं है इसलिए आपको कैरियर में समस्या लग रही है. टिककर आप बैठना नहीं चाहती हैं क्योंकि राहु आपके लग्न में होने से आपको उकसाने का काम अधिक करता है. आपकी शादी तय हो गई है तब अभी आप किसी तरह का वहम ना पालें. यदि आपका वैवाहिक जीवन खराब होता है तब उसका ज्यादा जिम्मेदार आप ही होगी. आप जिद्दी किस्म की व्यक्ति है और एक बात आपके दिमाग में जब घुस जाती है बाहर निकलने का नाम नहीं लेती है. आपके पति का रुझान आपकी ओर ही ज्यादा रहेगा लेकिन आपको अपने व्यवहार में नरमी लानी चाहिए. मैरिड लाईफ जैसी भी आपको चाहिए वह आपके अपने हाथ में होगी.

    राहु से पहले शादी लायक कोई दशा ही नहीं थी जिससे कि आपका विवाह हो पाता. राहु एक छाया ग्रह है इसलिए वह आपकी बीमारी को पहचानने में दिक्कते दे रहा है. राहु की दशा में चीजें साफ दिखाई नहीं देती हैं. आप राहु का जो भी मंत्र जाप कर रहे हैं वह ठीक है, उसे करते रहे. यह जाप आपको रात में ही करने हैं. अपने घर में साफ सफाई का पूरा ध्यान रखें इससे राहु आपसे दूर ही रहेगा. आप चंदन की चीजों का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें. राहु के लिए आप नीली वस्तुओं का दान शनिवार के दिन करती रहें. आपके होने वाले पति की कुंडली में भी राहु की दशा चल रही है इसलिए इन सभी बातों का आप ध्यान रखें.

    आपकी कुंडली में शुक्र नीच राशि में स्थित है इसके लिए आप एक ओपल अपने दाएं हाथ की मध्यमा अर्थात बीच की अंगुली में पहन ले. यह ओपल आप चांदी में बनवाएं और शुक्ल पक्ष के शुक्रवार को सुबह सूर्योदय होने के एक घंटे के भीतर पहन लें. आप प्रतिदिन सुबह के समय गणेश संकट स्तोत्र का पाठ भी करें.

  21. नमस्कार!

    आपकी जन्म कुंडली में विवाह संबंधी योग अच्छे नहीं है इसलिए आपके विवाह में इतना अधिक विलम्ब हो रहा है. कुंडली में विवाह के देरी से होने के ही योग बने है. कुंडली में जब विवाह संबंधी योग बने हुए थे तब आप लोगों की अपनी वजह से वह विवाह में नहीं बदल पाएँ हैं. आपके माता-पिता की वजह से भी इस विवाह में देरी हो रही है. हो सकता है कि आप अपनी पसंद का लड़का देख रहे हों और वह अभी तक मिल नहीं पाया हो. या आपके माता-पिता को कोई पसंद ही नहीं आ रहा हो. इसी में आपके विवाह में इतना विलम्ब हो गया. आपके परिवार वालों की वजह से ही इतनी देर हो रही है. कई बार बहुत सी बातों को नजर अंदाज किया जाता है. आपकी कुंडली में विवाह को लेकर बहुत ज्यादा प्रयास दिखाई दे रहे हैं.

    दशा सही नहीं है तो नौकरी में भी परेशानियाँ ही हैं. अभी तो दशा बिलकुल भी पक्ष में नहीं कही जा सकती. शनि की महादशा चली हुई है और शनि हर काम में देर कराते ही हैं. आप हर शनिवार को शनि स्तोत्र का पाठ करें. यह आपको हमारे ब्लॉग से मिल जाएगा. साथ ही हर रोज शाम को शनि मंत्र का भी जाप 108 बार करें. शनि के मंत्र का जाप आप रविवार के दिन ना करें. जब तक शादी तय नहीं हो जाती है तब तक आप प्रतिदिन शिवलिंग पर जल दें और जल में पांच चीजें मिलाकर अर्पित करें. साफ जल में गंगाजल मिलाएं, थोड़ा सा कच्चा दूध, दही, शहद मिलाकर शिवलिंग पर दें. आपको अनुकूल फल जरुर मिलेगें.

  22. अगर राहु ग्रह की तकलीफ है तब आप हमारे ब्लॉग से इसका कोई भी एक मंत्र लें और उसका जाप रात में 108 बार करें. यदि किसी अन्य ग्रह की पीड़ा आपको है तो वह भी बताएँ ताकि आपको हम सही राह दिखा सकें.

  23. नमस्कार!

    आपकी कुंडली में महादशा तो ठीक ही है लेकिन अभी बुध में गुरु का अम्तर आपको परेशान कर रहा है. दोनों का परस्पर संबंध कुंडली में सही नहीं बन रहा है. षडाष्टक योग में स्थित होने से आप परेशान हैं. अभी कुछ बदलाव आपके जीवन में हो सकते हैं और आप यदि अभी तक विदेश नहीं गए हैं तब जा सकते हैं अथवा घर से दूर भी आप जा सकते हैं. साथ ही आपको अपनी परेशानियों को नजर अंदाज करना होगा, नहीं तो डायबिटिज होने की संभावना भी प्रबल बन रही है. आपको फिलहाल अपने स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए और बिना बात किसी से झगड़ा मोल नहीं लेना चाहिए. गुरु आपकी कुण्डली में छठे भाव में स्थित है और बुध से आठवें भाव में स्थित है. छठा भाव रोग, ऋण तथा शत्रुओं का होता है. इसलिए आप घबराएँ नहीं और अपने आत्मविश्वास को भी डममगाने नहीं दें.

    आप रोज सुबह स्नान आदि करने के बाद गणेश जी का संकट स्तोत्र पढे और साथ ही रोज 108 बार “ऊँ गं गणपतये नम:” मंत्र का जाप ही करें. हर रोज सुबह या शाम को आप नारायण कवच का पाठ करें. यदि आप कर नहीं सकते हैं तब आप इसे यू टयूब से डाउनलोड कर के सुन भी सकते हैं.

  24. नमस्कार!

    राहु/केतु एक ही राक्षस था जिसका नाम स्वरभानु था. समुद्र मंथन के समय देवताओं को राक्षसों की सहायता लेनी पड़ी और उसके लिए कहा गया कि समुद्र से जो अमृत निकलेगा उसका रसपान राक्षसों को भी कराया जाएगा. अंत में जब अमृत निकला तब एक लाईन में देवता तो दूसरी लाईन में राक्षसों को बिठाया गया. विष्णु जी जानते थे कि राक्षसों को अमृत पिलाते ही वह अमर हो जाएंगे और फिर अत्यधिक उत्पात मचा देगें. इसलिए विष्णु भगवान ने मोहिनी का रुप धारण किया ओर मुस्कुराते हुए देवताओं को अमृत पिलाना शुरु कर दिया साथ ही वह राक्षसों को अपनी मोहिनी मुस्कुना से देखते रहे. स्वरभानु राक्षस को यह समझते देर नहीं लगी कि उन्हें अमृत नहीं पिलाया जाएगा और वह वेष बदलकर चुपके से देवताओं की लाईन में जा बैठा. मोहिनी बने विष्णू जी ने स्वरभानु के प्याले में भी अमृत उड़ेल दिया और वह प्याले को मुँह से लगाकर पीने लगा. जैसे ही उसने पीना शुरु किया तब तक सूर्य व चंद्रमा ने उसे पहचान लिया कि यह स्वरभानु राक्षस है. विष्णू जी ने तुरंत अपना चक्र स्वरभानु की ओर चला दिया लेकिन जब उसकी गर्दन धड़ से अलग होने लगी तब तक अमृत की कुछ बूँदे उसके गले से नीचे जा चुकी थी. अमृत जाने से स्वरभानु को तो अमर होना ही था लेकिन वह दो भागों में बंट चुका था. एक गर्दन का हिस्सा और दूसरा धड़. गरद्न से ऊपर का हिस्सा राहु बना और धड़ को केतु का नाम दिया गया. तब से यह आसमान में भटक रहे हैं. राहु को सांप का मुँह तो केतु को पूँछ कहा गया है. सूर्य और चंद्रमा ने स्वरभानु को पहचान लिया था इसीलिए इन्हीं दोनों को ग्रहण लगता है. जब भी ग्रहण होता है तब उस दिन ये ग्रह राहु/केतु अक्ष पर होते हैं. इन्हें यह ग्रसित करता है अर्थात निगलता है.

    वैसे कहा यह गया है के सूर्य का जो विस्तारित पथ आसमान में बना हुआ है. उस पथ को जब चंद्रमा का विस्तारित पथ दो बिंदुओं पर काटता है उन बिंदुओं को राहु तथा केतु कहा गया है. अमृत की कुछ बूंदे गले से नीचे जाने की वजह से केतु को मोक्षकारी ग्रह भी कहा गया है. राहु शरीर का ऊपरी हिस्सा है जो देख तो रहा है लेकिन कुछ कर नहीं पाता है. केतु शरीर का दूसर भाग है जिसे कुछ दिखाई नहीं दे रहा है तो निर्णय कैसे लेगा? इसलिए राह/केतु की दशा में व्यक्ति की बुद्धि भ्रमित सी रहती है. किसी भी काम की स्पष्ट तस्वीर दिखाई नहीं देती हैं. समझते बूझते हुए भी निर्णय गलत हो जाते हैं.

  25. mera name sumit Kumar h. mera janm 12/11/1989 KO 3:20 pm raxaul Bihar me hua h. mera Naukari nahi lag rahi h aur me bahut manshik roop se pareshab hu. mere upar kus grah ka bura prakop h aur uska kya upay h. kripya karke hame bataye.

    namaskar.

  26. नमस्कार!

    आपकी जन्म कुंडली में अभी चंद्रमा की महादशा चल रही है और 2 अक्तूबर से राहु की अन्तर्दशा आरंभ हुई है. राहु आपके लिए खराब नहीं है लेकिन चंद्रमा में राहु का अंतर आने से आपको मानसिक दबाव अधिक लग रहा है. चंद्रमा आपकी कुण्डली में त्रिकोण भाव के स्वामी होकर धनभाव में स्थित है तो ठीक ही हैं धन संबंधी मामलों को लेकर लेकिन समस्या यह है कि आपकी कुंडली में चंद्रमा अकेले स्थित हैं और केमदुम योग भी बना रहे हैं. जब चंद्रमा इस योग में शामिल होता है और उसकी दशा भी कुंडली में आ जाए तब परेशानियों का दौर आरंभ हो ही जाता है. चंद्रमा मन है और जब मन ही परेशान हो तब कुछ भी अच्छा नहीं लगता है. अभी तो आपकी कुंडली में चंद्रमा की वजह से ही दिक्कते आ रही है. अभी 2 तारीख से राहु की दशा आरंभ हुई है तो आपकी नौकरी लगने की संभावना बननी आरंभ हो गई है. नौकरी लगने की बहुत अच्छी संभावना दिसंबर से बननी आरंभ हो जाएगी. आप अभी प्रयास करें और यदि आप कुछ उपाय करना आरंभ कर दें आपको शीघ्र फल मिलेगें.

    आप हर सोमवार के दिन सुबह के समय शिवलिंग में जल अवश्य दे. जल में थोड़ा कच्चा दूध अवश्य मिलाएं. जल देते समय शिव भगवान का ध्यान करते हुए मंत्र बोलें – ऊँ नम: शिवाय. इसके साथ ही आप हर रोज रात में “ऊँ सों सोमाय नम:” मंत्र का जाप 108 बार करें. इस मंत्र का जाप आप शुक्ल पक्ष के सोमवार से करें. शुक्ल पक्ष के सोमवार को ही आप एक चांदी का कड़ा या एक चांदी की चेन अपने गले में पहन ले. हर बृहस्पतिवार को आप विष्णू सहस्त्रनाम स्तोत्र का पाठ करें. इसे आप सुबह अथवा शाम को कभी भी कर सकते हैं.

  27. नमस्कार!

    आपकी कुंडली में अभी राहु की महादशा में शुक्र की अन्तर्दशा चली हुई है. राहु में शुक्र की दशा जीवन में काफी बदलाव लाने वाली होती है. आप यदि विवाहित हैं तब किसी भी प्रकार के अफेयर में ना पड़े अन्यथा आपको बहुत परेशानी उठानी पड़ साक्ती है. अभी तो आरंभ में सब ठीक ठाक ही लगेगा लेकिन यह कुछ समय के बाद शुक्र की दशा के बाद टूट भी सकता है. यदि आप अविवाहित हैं तब आपका अफेयर चलता है तब भी सूर्य की अन्तर्दशा में आपको परेशानी उठानी पड़ सकती है. अभी इस समय आपकी राहु/शुक्र्/राहु की दशा है. यदि आप नौकरी करते हैं तब थोड़ा सोच समझ कर फैसले लें. अपनी प्लानिंग्स को ज्यादा जग जाहिर ना करें. आपकी अपने से बड़ो के साथ भी अनबन हो सकती है. कोई भी निर्णय लें तो उसे कई बार सोचें कि इसके दूरगामी परिणाम क्या होगें तभी आगे बढ़े. पिता की सेहत पर ध्यान देने की भी जरुरत है अथवा घर के बड़े बुजुर्गों का भी स्वास्थ्य बिगड़ सकता है. आप ख्याल रखें. धर्म से हटकर काम करने का मन करता है तो ना करें अर्थात कोई ऎसा काम जो लीक से हटकर हो और दूसरों की नजर में अधार्मिक हो.

    आप रात में राहु के मंत्र की एक माला रोज करें और आपको हमारे ब्लॉग से यह मंत्र मिल ही जाएगा. उसमें कई मंत्र हैं जो आप आसानी से कर सकते हैं, उसका चयन करें. राहु की दशा में अपने कमरे की साफ सफाई का ध्यान रखें, जाले आदि नहीं लगने चाहिए और सामान भी बेतरतीब नहीं रहना चाहिए. शनिवार के दिन कोढ़ियों को दान दे सकते हैं.

  28. गुरूजी प्रणाम मेरा नाम ओम और जन्म टाइम है 10 /10/1968 टाइम 5 am स्थान सिरसा हरयाणा 2 महीने से कोई काम नहीं है कर्ज है कोई रास्ता निकालो गुरु जी

  29. Aapki guidance ke liye bahut bahut dhanyawaad Panditji , bus kuch aur sawaal meri aur mere hone waale husband ke kundali mein rahu ki mahadasha kab rak rahegi? Yea upay jivan bhar karna hoga ? Aur opal kitne ratti ka pehnu ?

    Thank you!!
    Leela

  30. Pranam Guruji,
    My DOB is 30-10-1982 12:15 PM Dehradun I am very tensed since last few months and none of my work is getting Done . Even my marriage is also keep getting postponed due to unknown reasons , even I am not able to concentrate on my job due to these tensions.
    Kindly suggest any thing which can be helpful.

  31. Namaskar Pandit ji
    My dob is 10/3/77 time 20.25 place ranchi. mujhe ye janna hai ki kya meri kundli me santan yog hai ya nahi. 2 baar miscarriage ho chuka hai. medically koi problem nahi hai.
    Bahut logo ko dikhaya per koi kuch nahi bata pa rhe.Kripya meri madad kare
    Dhnyawad

  32. नमस्कार !

    आपकी जन्म कुंडली में संतान भाव पर ग्रहों का इतना प्रभाव था कि आप माँ बनने के लिए तैयार हो गई लेकिन दशा बिलकुल भी अनुकूल नही थी. कुंडली में केतु की महादशा आरंभ हो चुकी है और केतु हर जगह पीड़ित है तभी कंसीव करने पर भी आप माँ बनने से वंचित रह गई हैं. अभी फिर से गोचर तो शुरु हो गया है लेकिन दशा सही नहीं है. आप अगले साल बच्चे के लिए प्लान करे तो अच्छा रहेगा. अभी आप केतु के मंत्रो का जाप करा ले. अपने आसपास किसी अच्छे और बिना लालच के किसी पंडित जी से कहे कि आपको केतु के मंत्रो का जाप कराना है. जाप के बाद आप दशांश हवन कराएँ. उसके बाद आप केतु के मंत्र का जाप स्वंय रात में 108 बार जरुर करें. केतु की दशा आपकी कुंडली में सात साल तक रहेगी तभी तक आप इन मंत्रों का जाप करती रहेगी तो आपके लिए अच्छा रहेगा.

    इसके साथ ही आप प्रतिदिन संतान गोपाल मंत्र का जाप भी करें. यह जाप आपको नेट से आसानी से मिल जाएगा. इस मंत्र का जाप आप सुबह या शाम किसी भी समय 108 बार करें. आपकी कुंडली में शनि की साढ़ेसाती भी चली हुई है इससे भी काम में रुकावट आती है और संतान देने वाला ग्रह आपकी कुंडली में शनि है तो आप शनि स्तोत्र का पाठ हर शनिवार को 11 बार करें. यह आपको हमारे ब्लाँग से मिल जाएगा. इन सभी कामों को आप श्रद्धा और विश्वास के साथ लगातार करती रहेगी तो अवश्य ही लाभ होगा. जनवरी माह में पुत्रदा एकादशी का व्रत होता है. जनवरी में यह किस दिन होगा आप घर के आसपास किसी मंदिर में जाकर पूछ लें और याद से उस दिन आप दोनों पति-पत्नी इसका व्रत रखें. व्रत में नमक और अन्न का सेवन नहीं करते हैं. आप दोनों को केवल फलाहार पर ही पूरे दिन रहना होगा. ईश्वर पर भरोसा रखें आपको संतान की प्राप्ति होगी लेकिन थोड़ा विलम्ब से.

  33. नमस्कार !

    आपकी जन्म कुंडली में अभी दशा अनुकूल नही कही जा सकती है. अभी विवाह टल गया तो अच्छा ही है अन्यथा विवाह होने के बाद टूट भी सकता था. आप खुद को शांत करने का प्रयास करें और चीजों को समझने का भी प्रयास करें कि क्यूँ ये सब हो रहा है. आप अत्यधिक उतावले व्यक्ति है और सदा ही जल्दबाजी में भी रहते है. साथ ही आपको शायद गुस्सा भी जल्दी आता है और बहुत ही जल्दी परेशान होकर प्रतिक्रिया एकदम से देना शुरु कर देते हैं. आप जब तक थोड़ा सा गति को कम नहीं करेगें तो मानसिक तनाव बढ़ेगा ही. समय सही नहीं है तो उसे कुछ टाईम के लिए छोड़ दें. अभी आपकी ईच्छाएँ भी बहुत जोर मार रही होगी. आप अभी कुछ समय के लिए अपने कैरियर पर ध्यान दें अन्यथा बेकार की टेंशन से जॉब भी जा सकती है. विवाह भी हो जाएगा. थोड़ा खराब समय निकल जाने दें. जब समय अनुकूल होगा तो आपका मन खुद ब खुद अच्छा सोचना आरंभ करेगा.

    अभी आप शुक्रवार के दिन सफेद वस्तुओं का दान करना आरंभ करें और यदि आपको कोई एक आँख का काना व्यक्ति मिलता है तो उसे एक समय का भोजन शुक्रवार के दिन कराएँ. यदि आपको ऎसा व्यक्ति नहीं मिलता है तब आप अंध विद्यालय में शुक्रवार के दिन कुछ ना कुछ दान अवश्य दें. आपको एकदम सफेद वस्त्रों को ना ही पहने तो अच्छा होगा. जैसे एकदम से सफेद कमीज ना पहने. हल्की क्रीम कलर की पहन सकते हैं. लाईट ग्रे भी चल सकती है लेकिन पूरी सफेद ना पहने. शुक्र का कोई भी एक मंत्र आप हमारे ब्लाँग से ले सकते है और उस मंत्र का 108 बार जाप आप रोज सुबह के समय करे. साथ ही आप प्रतिदिन कुछ समय के लिए नारायण कवच का पाठ अवश्य करें. ये आप सुबह या शाम किसी भी समय कर सकते हैं.

  34. नमस्कार !

    आप राहु के मंत्रो का जाप कम से कम 5/6 साल तो करें ही, चाहे दशा कब तक चले. रही बात ओपल की तो आप अपने वजन के हिसाब से इसे पहने, अर्थात आपका वजन यदि 50 किलो के आसपास है तो आप सवा पाँच रत्ती का ओपल पहन सकती है और यदि आपका वजन 60 से 70 किलो के बीच है तो आप सवा सात रत्ती का ओपल पहने.

  35. नमस्कार !

    ओम जी, आपकी कुंडली में अभी जो दशाक्रम शुरु हुआ है वह सही नहीं है तभी तो समस्या जीवन में आती हैं. अभी दिसंबर तक इस समस्या के चलने के योग बन रहे हैं और आपकी आय से ज्यादा आपके खर्चे अभी जून 2016 तक भी बने रह सकते हैं. आप कर्जों के लिए ऋण मोचक मंगल स्तोत्र का पाठ शाम के समय रोज करें. साथ ही आप हमारे ब्लॉग से गुरु का कोई भी मंत्र चुन लें और उसका सुबह या शाम में 108 बार पाठ करें. हर बुधवार और बृहस्पतिवार को आप विष्णू सहस्त्रनाम का ओपाठ करें. बृहस्पतिवार के दिन केले के पेड़ को जल दें और उस दिन केला नहीं खाएँ. साथ ही आप सितंबर 2017 तक महामृत्युंजय का पाठ जरुर करें. यदि आप एक माला नहीं कर सकते हैं तब आप 27 बार इसका जाप करें. आप ये सब काम करेगें तभी आपको अपनी समस्याओं के निदान के लिए कोई ना कोई रास्ता अवश्य मिल पाएगा.

  36. नमस्कार !

    आपने अपना जन्म का स्थान नहीं बताया? कृपया कर यह भी बताएँ और यदि आप अपने एक्सीडैंट की डेट भी बता सकती हैं तो अच्छा होगा.

    धन्यवाद

  37. Bahut Bahut Dhanyavad
    Agle saal kab sahi samay hai santaan plan karne ke liye. Mera last miscarriage nov 14 me hua tha aur usse pehle 2011 me .
    Age factor bhi hai.
    Aapki madad ke liye dhanyawad. Maine sare upay shuru kar liye hai.

  38. Pranam Guruji,
    My DOB is 30-10-1982 12:15 pm hai Dehradun
    Mara koi Bhi Kaam theek thang se Nahin ho raha hai. Har Kaam me in koi an koi rukawat aati rehti hai …koi upai batai taaki life kuch improve ho .
    Dhanyawad!!!

  39. नमस्कार ! आपकी जन्म कुंडली में राहु की महादशा सवा दो साल बाद खतम हो जाएगी। अभी राहु में चन्द्रमा की दशा में आप ज्यादा परेशान हो रहे हैं और यह स्वाभाविक भी है क्योंकि चन्द्र मन है और राहु मन को भ्रम में रखने का काम करता है। आप अपने मन को संभालकर रखेगें और व्यवहारिकता से काम लेगें तो काफ़ी चीजें सरल होती नजर आएंगी। राहु के लिए आप राहु के मंत्र का जाप रात में रोज 108 बार करें और चंदन से बनी वस्तुओं का उपयोग अधिक से अधिक अपने दैनिक जीवन में करें। साथ ही आप अपने आसपास के वातावरण को साफ़ सुथरा रखे। घर में सामान को अस्त व्यस्त ना रखें। घर के जाले आदि हटाते रहें। शनिवार के दिन कोढी लोगों को दान आदि दें। ये सब काम आपको राहु की दशा जब तक रहेगी तब तक करने हैं और श्रद्धा भक्ति के साथ करने हैं।

  40. आप फ़रवरी के अंतिम सप्ताह से कोशिश कर के देखें। भगवान चाहेगें तो जरुर कुछ अच्छा ही होगा और परेशान होना छोड दें। जितना अधिक इस बारे में सोचेगी उतना मानसिक परेशानी बढेगी, आपकी दशा भी मन को अशांत रखने वाली ही है। इसलिए सब कुछ ऊपर वाले पर छोड दें और प्रसन्न रहने का प्रयास करें। आप केवल अपनी ओर से प्रयास कर सकती हैं।

  41. नमस्कार ! आपकी कुण्डली में काफ़ी अधिक प्रयासों के बाद ही कुछ फ़ल मिलने के योग हैं। अभी जुलाई से दशा आरंभ हुई है जो आपको सफ़लता दिला सकती है, इसलिए प्रयास करते रहें और हो सकता है कि नवंबर के बाद आपको सफ़लता मिल ही जाए। आप रोज सुबह सूर्य को जल अर्पित करें और जल में चीनी के कुछ दाने जरुर डाले या चावल के कुछ दाने डालें। प्रतिदिन सुबह के समय गणपति का ध्यान करें और 11 बार गणेश स्तोत्र का पाठ करें। यह आपको हमारे ब्लाग से मिल जाएगा।

  42. आपने पहले भी प्रश्न किया था और प्रश्न का उत्तर दे दिया गया है। आप अपना उत्तर देखें और यदि आपको उत्तर नहीं मिला है तब हमें बताएंं लेकिन पहले आप देख लें अपना उत्तर। बार – बार एक ही प्रशन का वही उत्तर होगा जो पहले दिया है। आपको जो कहा गया है उसे करना आरंभ करें। एक दिन में तो हालात बदल नहीं जाएंगे इसलिए आप सब्र रखें।

  43. Pranam Guruji

    My DOB is 03/11/1972 00:30 am Mumbai hai. Meri life mein koi Kaam theek Nahin hua hai ,m still unmarried and don’t know if I will get my life partner. Apart from this Life is very harsh for me …noting happened as per my wish and I’ve suffered a lot till now . Please suggest something .

  44. Guru ji pranam

    My date of birth 07th Mar 1975 Place Pune, Maharashtra Time 01.10 am Guruji now these days i am loosing my confidance stability even Job also Kindly suggest.

  45. Mera Name Ketan hai,Mera Birthdate 3/4/1990 hai,mera birthpalce kalol (North Gujarat)hai,Birthtime 4.30 am hai.maine meri aus ki pr file 19 octomber 2015 ko rakhi hai muje is may pr visa ke liye file apply ki hai muje ushme pr visa mile aesha koi rasta dikhavo.

  46. Pranam Guruji,
    My DOB is 03-07-1985 04:10 am hai, Varanasi.

    Maine 2011 mein naya vyapar shuru kiya, 2012 & 2013 to accha tha 2014 se vyapaar kam hota gaya.

    Ab to istithi yeh aa gayi hai ke lag raha hai kaam band karna padega kyuki nuksaan ho raha hai.

    Kya samay anukool nahi hai? koi upay ho to bataye, mai bahut karcha karne ki istithi mein nahi hoon.

    Dhanyawad!!!

  47. Namaste Guruji
    My date of birth is 9th july ,1989 at 5 a.m. in sikar, rajasthan. Please tell me when is marriage yog in my kundli? Would i have love marriage. When should i talk with my parents about him? What is the right time for me to tell them.

  48. guruji mera date of birth 12 nov 1990 hai aur time 11:12 min subhe mujhe mere career k bare mai jana hai ki mujhe kab tak taklif uthani padegi aur mujhe life mai kab tak success milega aur kon se kaam krne se milega

  49. नमस्कार !

    हमारी यह सर्विस बिलकुल मुफ्त में उपलब्ध है और कोशिश यही रहती है कि हर किसी के प्रश्न का उत्तर दे दिया जाए लेकिन कई बार विलम्ब हो ही जाता है. फ्री सेवा होने से प्रश्नों की संख्या कम नहीं होती है. सभी को प्रती़क्षा रहती है और समय मिलते ही हमारी कोशिश यही रहती है आप लोगों को संतुष्ट कर सके.

    शादी के बारे में क्या पूछना चाहते हैं इस बात का खुलासा करें. रही बात राहु की तो राहु की तो आपकी कुंडली में चन्द्रमा की महादशा में राहु की अन्तर्दशा चल रही है जो अगले साल सितम्बर तक रहेगी. यदि आप विवाह के बारे में पूछना चाहते हैं तो उसका समय चल चुका है. जुलाई 16 तक आपका विवाह हो जाएगा अथवा विवाह पक्का तो हो ही जाएगा.

  50. नमस्कार !

    23 अगस्त से आपकी जन्म कुंडली में शनि की महादशा आरंभ हुई है और शनि आपके लिए शुभ ही कहा जाएगा. आप किसी भी तरह का ऎसा काम कर सकते हैं जिसमें आपको कमीशन मिलता हो या कोई भी ऎसा काम करें जो आपको खुद को पसंद हो, जिसमें आपकी रुचि भी हो. जिस काम की जानकारी भी आप ज्यादा रखते हों. किसी के कहने में आकर कोई ऎसा काम ना करें जिसका आपको कोई अनुभव ही ना हो अर्थात जिसे आप कतई ना जानते हों. ऎसा भी हो सकता है कि आप भविष्य में किसी के साथ मिलकर कोई काम आरंभ करें और फिर बाद में उससे अलग हो जाएं. आप कोई भी काम करें उसमें ध्यान लगाकर करें. दशा अनुकुल है लेकिन धीरे-धीरे ही फल देगी. इसलिए आप परेशान ना हो कि आपको फल नहीं मिल रहा है. शनि का काम ही है धीरे फल देना.

  51. नमस्कार !

    आपकी जन्म कुंडली में महादशा को जो क्रम है वह सही नहीं रहा है इसीलिए आपको परेशानियों और तकलीफों से गुजरना पड़ रहा है. आपका लग्न स्वामी गुरु उच्च का होते हुए भी पीड़ित है इसलिए भी बहुत सी चीजे हक में नहीं हो पाती हैं. आपका चन्द्र स्वामी सूर्य भी पीड़ित है, यह अपनी नीच राशि में स्थित है. अभी दो साल से कुंडली में राहु की दशा चली हुई है जिससे आपकी बुद्धि भटकती सी देखी जा सकती है. आपका स्वभाव भी तेज है जिसे थोड़ा बदलने की आवश्यकता है. अभी कुंडली में शनि की ढैय्या का प्रभाव भी चल चुका है. जिससे बनते काम फिर लटकते से जान पड़ते है. आप राहु के मंत्रों का जाप करें और चंदन की वस्तुओं का उपयोग अपनी दिनचर्या में अधिक से अधिक करे. शनि की ढैया के लिए आप हर शनिवार को सुबह के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीया जलाएँ और 11 बार शनि स्तोत्र का पाठ करें. तेल व दीया आपको घर से ही लेकर जाना है उस दिन खरीदना नहीं है. हर रोज आपको नारायण कवच का पाठ भी करना है. इसे आप सुबह या शाम किसी भी समय में कर सकते हैं.

  52. नमस्कार !

    आपकी कुंडली में अभी अक्तूबर माह से विवाह के योग बन चुके हैं. आपका प्रेम विवाह बहुत मुश्किल कहा जा सकता है और यदि हो भी गया तो आप काफी ज्यादा परेशान रहेगी. अभी आपको अपने प्रेमी जीवन के सामने कुछ दिखाई नहीं दे रहा है. समय भी अनुकूल नहीं है. इसलिए अभी आप कुछ समय के लिए विवाह का ख्याल मन से निकाल दें. इस समय में हुआ विवाह आपको मानसिक परेशानी ही देगा. साथ ही आप अपने प्रेमी के बारे में जानकारी भी हासिल करें कि कहीं वह आपसे टाईम पास तो नहीं कर रहा है. आप मन को शांत रखें और जो घर में सबसे अधिक क्लोज है उससे अपने प्रेम संबंधों के बारे में सलाह लें. अभी आप कुछ समय तक शिवलिंग पर रोज जल अर्पित करें.

  53. नमस्कार !

    शनि की महादशा अभी तो काफी बची हुई है. मई से जो बुध की अन्तर्दशा आरंभ हुई है वह आपके लिए ज्यादा घातक है. बुध आपकी कुण्दली के लिए शुभ बिलकुल भी नहीं है और नीच राशि में स्थित है. दशमांश कुंडली में बुध छठे भाव में स्थित हो गए हैं और महादशानाथ शनि यही पर अपनी नीच राशि में स्थित हैं. कर्म संबंधी सुख में कमी तो साफ दिख ही रही है. अभी आप रोज सुबह के समय गणेश स्तोत्र का पाठ 11 बार करें. शनिवार के दिन शनि स्तोत्र का पाठ 11 बार करें. शनि मंत्र का जाप 108 बार रोज संध्या समय में करें लेकिन रविवार के दिन शनि मंत्र ना पढ़े. आपको यह सब हमारे ब्लाँग से मिल जाएगा. हर बुधवार को विष्णु सहस्त्रनाम स्तोत्र का पाठ भी आप करें और इसे आप सुबह या शाम कभी भी कर सकते हैं.

  54. Dhanyavaad prabhu ji, main bas yehi poochna chahta hu ki vivah k liye maine 21000 rahu k mantr ka jaap kiya hai. Muje aur kuch krna hai … Aur mere jiwan me koi aur rukawat hai?

  55. नमस्कार !

    आपने जब व्यापार शुरु किया था तब दशा कुछ और थी और बाद में नवम्बर 2013 से पूरी महादशा ही बदल गई है. साथ ही पिछले नवम्बर से शनि की साढ़ेसाती भी आरंभ हो गई है. दूसरी बात यह कि पिछले सवा साल से आपका कर्म स्थान अर्थात आजीविका भाव राहु/केतु अक्ष से गुजर रहा है. जनवरी के बाद आपको कुछ राहत मिलनी आरंभ हो सकती है. आपको राहु के मंत्रो का जाप खुद रात में 108 बार करना चाहिए. राहु की महादशा बहुत लम्बी है इसलिए इन मंत्रो को कभी भूले ना. आप अपने कार्यस्थान पर साफ सफाई का विशेष ध्यान रखे<. चीजें अस्त व्यस्त नहीं होनी चाहिए. शनिवार के दिन भिखारी अथवा कोढ़ी व्यक्ति को भोजन करा सकते हैं. आप धीरज रखें, यह बुरा समय भी निकल जाएगा क्योंकि अभी बहुत सी बाते कुंडली की आपके पक्ष में कही ही नहीं जा सकती है. आप हर बृहस्पतिवार को केले के पेड़ की जड़ में पानी दें और इस दिन केला बिलकुल ना खाएँ. केले के पेड़ की पूजा करें. बृहस्पति का मंत्र रोज सुबह 108 बार पढ़े. कोई भी मंत्र या पाठ जो आपको बताया गया है वह आपको हमारे ब्लॉग से मिल जाएगा.

  56. नमस्कार !

    राहु का यदि आप वैदिक मंत्र लेगें तो आपको अच्छे फल मिलेगें औए एक माला तो रोज करनी ही चाहिए, वह भी रात्रि समय में. यदि आप एक से ज्यादा माला करना चाहें तो कोई बुराई या हानि नहीं है. आप अपनी श्रद्धानुसार माला करें. आपको हमारे ब्लाँग से राहु के सभी मंत्र मिल जाएगें. यहाँ आपको राहु का वैदिक मंत्र पूरा तथा लघु दोनों ही मिल जाएंगे. जिसे करने में आप सुविधा अनुभव करें अर्थात उच्चारण में गलतियाँ ना करें, उसे आप लें ले.

  57. नमस्कार !

    cprabha123@gmail.com पर आप संपर्क कर सकती हैं लेकिन यहां भी समय का अभाव रहता है. पर आप प्रश्न पूछ सकती हैं. समय मिलते ही जवाब भी मिल जाएगा.

  58. नमस्कार !

    अभी 29 सितंबर से शनि में गुरु की महादशा आरंभ हुई है और पिछले 17 वर्षों से चली आ रही दशा समाप्ति की ओर है. इसमें बदलाव के आसार भी नजर आते हैं. हो सकता है कि आपका काम बन जाए. अब जब भी कभी आप वीजा के काम के चक्कर में जाएं तब अपनी जेब में एक बेल का पत्ता जरुर रखें और मन ही मन ऊं नम: शिवाय का जाप करते रहें.

  59. नमस्कार !

    मंगल की महादशा समाप्ति की ओर है और जाती हुई दशा जाते – जाते कई बार परेशानी दे जाती है. दूसरा यह कि शनि की साढ़ेसाती आरंभ हो चुकी है और गोचर के शनि आपकी खोपड़ी अर्थात लग्न से ही गुजर रहे है. इसलिए भी आपको ये सब नकारात्मक अहसास हो रहे हैं. जाँब में भी कुछ उतार-चढ़ाव नजर आएंगे ही लेकिन आपको परेशानी की हालत में कोई गलत कदम नहीं उठाना है. आप रोज संध्या समय में बजरंग बाण तथा संकष्ट मोचन का पाठ अवश्य करें. आपको राहत होगी. प्रतिदिन सूर्य को जल जरुर दें. जल में चावल अथवा चीनी के कुछ दाने अवश्य मिला लें. आपको काफी राहत होगी, धीरज रखें.

  60. नमस्कार !

    आपकी जन्म कुंडली में इस वर्ष जून 23 से मंगल की महादशा आरंभ हुई है और मंगल आपकी कुंडली में राहु के साथ एक अंश की दूरी पर स्थित होकर अंगारक योग बना रहे है, जिसे अच्छा नहीं कहा जा सकता है. सबसे पहले तो आप मंगल के मंत्रों का जाप विदिवत तरीखे से करें या कराएँ. यदि आपकी आर्थिक स्थिति ऎसी नहीं है कि आप करा सकें तो खुद करें और बाद में किसी पंडित जी को घर बुलाकर दशांश हवन भी कराएँ. “ऊँ अं अंगारकाय नम:” मंत्र है. इसे आपको शुक्ल पक्ष के मंगलवार से आरंभ करना है. दीवाली को अमावस्या होती है आप जानते ही है, इसके बाद जो भी पहला मंगलवार होगा उस दिन से आप इस मंत्र का जाप आरंभ कर दें. मंगल ग्रह के मंत्रों की जप संख्या दस हजार होती है. इतनी ही संख्या में आपको जप करना है. आप पहले दिन निर्धारित कर लें कि आप कितने दिनों में इसे पूरा कर सकते हैं और उतने ही दिनों में फिर यह पूरा होना चाहिए. आप दस दिन में भी इसे पूरा कर सकते हैं. एक बार जप संख्या पूरी हो जाए तब उसका दशांश हवन करें अर्थात जितने मंत्र आपने किए हैं, उसका दस प्रतिशत हवन के समय करें. दस हजार का दस प्रतिशत 1000 होगा. अपनी हवन कराकर अपनी श्रद्धानुसार व क्षमतानुसार दान दक्षिणा ब्राह्मण को दें. किसी लालची पंडित के चक्कर में बिलकुल ना पड़े.

    इसके अतिरिक्त आप रोज संकट मोचन का पाठ करें व हनुमान चालीसा पढ़े. मंगलवार का व्रत रखें और संध्या समय में हनुमान जी को भोग लगाकर भोजन करें. भोजन में नमक नहीं खाना है. आपको अवश्य ही लाभ होगा.

  61. नमस्कार !

    आप कोई भी डारेक्ट काम ना करें अर्थात आप ऎसा काम करें जिसमें आपको कमीशन जैसा फंड मिले. दशा अनुकूल नहीं थी तो आपको परेशानी थी. दूसरी बात यह कि आप घर से दूर जाकर काम की तलाश करेंगे तो आपके लिए अच्छा होगा, आपकी अभी जो दशा है उसके अनुसार आपको घर से दूर कामयाबी मिलेगी. आपको इस समय अपने ज्यादा से ज्यादा प्रयास दिखाने पड़ सकते हैं और एक ही काम के लिए बहुत ज्यादा मेहनत आपकी कुंडली में अभी है. आप शनि मंत्र का जाप रोज संध्या समय में करें और चाहे तो शनि के लिए घोड़े की नाल से बना छल्ला अपनी दाएं हाथ की मध्यमा अंगुली में शनिवार के दिन धारण करें. आप नीली भी पहन सकते है उससे भी लाभ होगा.

  62. नमस्कार !

    आपकी जन्म कुंडली में गुरु की महादशाार्च 2007 से चली हुई है और उससे पहले राहु की महादशा थी जो 18 वर्ष की रही. गुरु और राहु दोनो ही आपकी जन्म कुंडली में छठे भाव में स्थित हैं. राहु तो वहां ठीक है लेकिन गुरु के वहां होने से इसे ग्रहण लग गया है. गुरु आपकी कुंडली में भाग्य भाव के स्वामी भी है और छ्ठे भाव के भी. छठा भाव अच्छा नहीं माना जाता है. बिना बात की बाधाएँ जीवन में बनी रहती हैं. आपकी अपनी ईच्छाएँ बहुत रही हैं और जो चाहती हैं केवल वही पाना भी चाहती हैं. जब शादी का उचित वक्त था तह शायद आपकी अपेक्षाएँ लड़को से बहुत रही और अपनी अपेक्षाओं पर खरा ना पाते हुए आप विवाह से इंकार करती रही हैं या आपके परिवार से कोई ना कोई आपत्ति होती रही होगी. आपकी कुंडली में प्रेम विवाह के लक्षण नजर आते हैं. परिवार पर ध्यान ना देते हुए आप अपने बारे में सोचें और अपनी पसंद का जीवनसाथी तलाश करें, खुद इसका चयन करें. सफल वैवाहिक जीवन के लिए बहुत सी बातों के लिए समझौता करना पड़ता है तो आपको अपनी कुछ इच्छाओं का दमन करना चाहिए तभी आप विवाह कर पाएंगी.

    आप गुरु ग्रह का उपाय करें और बृहस्पतिवार के दिन विष्णू भगवान की पूजा करें. आपको अवश्य ही अनुकूल फल मिलेगें.

  63. Aapke marg darshan ke liye dhnyavaad!!!
    Ek prashna aur hai, mai left hand mein chandi mein gomed pehenta hoon.
    Aur right hand mein chandi mein neelam karib 4-5 ratti ka, ek heera sone mein.
    Ek sone mein sunehla ki angoothi bhi hai par abhi pahen raha hoon.
    Sunehla pehanna uchit hai.

    Kya baki ratan thik hai ya utar dene chanhiye?

  64. सुनहला पहनने की आवश्यकता नहीं है, गुरु नीच का कुण्डली में स्थित है इसलिए आपको सुनहला बता दिया गया है लेकिन नवांश में गुरु की स्थिति में सुधार है वह उच्च राशि में स्थित है. बाकी जो आपने पहना है ठीक है. यदि आपको लाभ लगता है तो पहने रहिए.

  65. प्रियंका जी, आपका उत्तर आज दे दिया गया है. जहाँ आपने प्रश्न किया था वहीं उत्तर भी देखें.

  66. Thank you guruji. Mere parents ladka dhoond rahe hai but i want to marry from my choice. Please bataiye mera sahi samay 2016 mai kab aayega? Tabhi mai parents se baat karu.

  67. DOB-13/02/1989
    Place of birth- delhi
    Time of birth- 6:35 am
    बताइए राहु की महादशा चल रही ह के नहीं।। स्वस्थ्य ठीक नही रहता और बुद्धि इस्थिर नही रहती। नौकरी मैं कोई उन्नति नहीं और काम मैं मन नही लगता।

  68. नमस्कार !

    28/11/2009 से राहु की दशा चली हुई है जो 18 वर्ष तक रहेगी. राहु की दशा में बुद्धि भ्रम में रहती ही है. आपकी कुण्डली में अभी दशा राहु में शनि की चली हुई है और शनि व्यय भाव में हैं जिससे आपके स्वास्थ्य का व्यय हो रहा है. राहु भी शनि की राशि में होने से वह शनि की तरह ही फल देने का काम करेगें. जनवरी मध्य बाद से काम में मन लगना शुरु हो सकता है लेकिन बुद्धि में स्थिरता आने में संदेह है. आपको खुद को समझना होगा कि क्या आपके लिए उचित है. यदि कोई बात समझ नहीं आती तो एक बार किसी दूसरे से सलाह अवश्य लें अन्यथा राहु की दशा में निर्णय भी गलत ले लिए जाते हैं. राहु के मंत्र का जाप रोज रात में एक माला करें. राहु के वैदिक मंत्र का जाप करें. चंदन से बनी हुई चीजों का उपयोग करें. रोज सुबह या शाम के समय एक माला मृत्युंजय मंत्र की जरुर करें. प्रतिदिन शिवलिंग पर जल दें.

  69. नमस्कार !

    शादी का समय भी अनुकूल नहीं है और ना ही दशा आपके लिए सही है. बुध में राहु की दशा है जो मानसिक दबाव बनाकर रखती है. आने वाले समय में विवाह की बात पक्की हो ही जाएगी अगर नहीम हुई तो मई के बाद से तो विवाह की दशा और भी मजबूत चलनी आरंभ हो जाएगी. अभी जब समय अनुकूल नहीं है तो नौकरी में भी परेशानियाँ बनेगी ही लेकिन परेशान होकर आप कार्यक्षेत्र पर ऎसा कोई कदम ना उठाएँ जिससे आप बाद में पछताएँ. आप यह समय शांत रहकर ही गुजारें और बुध के मंत्र का जाप रोज सुबह या शाम के समय एक माला करें. बुधवार के दिन हरी वस्तुओं का दान भी आप कर सकते हैं.

  70. Pranam Guruji,
    My DOB is 11-12-1984 12:00 PM morbi I am very tensed since last few months and none of my work is getting Done . Even my marriage is also keep getting postponed due to unknown reasons , even I am not able to concentrate on my job due to these tensions.
    Kindly suggest any thing which can be helpful.

  71. नमस्कार !

    आपकी जन्म कुंडली में अभी बुध में चंद्रमा की दशा चली हुई है जिसे अनुकूल नहीं कहा जा सकता है. आपकी बुद्धि अत्यधिक चंचल रहती है जिससे मानसिक दबाव भी आप महसूस कर सकते हैं. अभी कुछ समय के लिए शादी टल गई है तो अच्छा ही है अन्यथा इस दशा में विवाह संबंधी अन्य कई परेशानियाँ पैदा होती. आप परेशान ना हो, विवाह का समय चला हुआ है और विवाह हो जाएगा. आप अभी ईमोशनल ज्यादा हो रहे है जो कि आपके मन मस्तिष्क के लिए अच्छा नहीं है. मन को नियंत्रित करने का प्रयास करे अन्यथा आप भावनात्मक रुप से काफी कमजोर हो जाएंगे और आत्मविश्वास में भी कमी हो जाएगी. आप यह सोचें कि जो होता है अच्छे के लिए ही होता है और मन शांत करें. आप रोज सुबह गणेश चालीसा का पाठ लगातार 40 दिन करें.

  72. नमस्कार !

    आप बुध के साथ राहु के मंत्र का जाप भी करें और अपने आसपास साफ सफाई का ध्यान ज्यादा रखें. रोज एक माला मृत्युंजय मंत्र की करें. 6 दिसंबर से अच्छे योग बन रहे हैं आप प्रयास तो करते रहिए. साथ ही मंत्रों का जाप भी शुरु करें. हो सकता है इससे पहले भी योग बन जाएं वरना 6 दिसंबर से तो योग बन ही रहे हैं.

  73. नमस्कार !

    आपने केवल अपनी जन्म तिथि दी है, इसके असथ आपको जन्म का समय और जन्म स्थान भी बताना होगा. यदि जन्म का समय नहीं पता है तो आप जन्म स्थान तो अवश्य ही बताएँ.

  74. सादर नमस्कार,

    राहु के दुष्प्रभावों से मैं अत्यंत पीड़ित हूँ. पंचमेश सूर्य को कन्या के राहू ने पीड़ित किया हुआ है.
    और अब तो गोचर में भी राहू कन्या का ही है.

    DOB 12.10.1978, TIME: 18:43, PLACE: SAMBHAL (U.P.)

    कुछ बताइए ? क्या करें ? कैसे करे ?

  75. Guru ji, pranam. my date of birth is 05 july 1964 and birth time is 3.15 am at delhi. I am presently facing a lot of police/ court cases and lost my job and house. Do u see jail term for me. If so how to prevent it. someone also said that on 01.2.2016 rahu is entering simh rasi for 18 months which enhance my problems. Kindly guide what to do. Thanks

  76. Namaste,
    My dob is 26/6/1971, 22:05 pm, panaji, Goa, India
    I hv rahu and mangal in first house!
    House is my rahu? Should I do rahu mantra for better results?
    Does it eclipse the ruchak yoga made by mangal?
    I wish to start my work in
    spiritual field, will it be alright?
    Many things I plan don’t work,
    What is it for me to do to better circumstances?
    thank you,
    Pranaam,

  77. नमस्कार !

    आपके आधे प्रश्न का जवाब हमने अभी दूसरे प्रश्न में दे दिया है, उसमें आपने केवल राहु/मंगल का जिक्र किया था. आपकी कुण्डली में मंगल को ग्रहण लगा हुआ ही है, ये आप भी जान रहे हैं. रुचल योग बनाते हुए भी उसका फल आपको नहीं मिल पाएगा. दूसरे आपकी कुण्डली में चंद्र भी पीड़ित है इसलिए चंद्र/मंगल के योग से जो अनुकूल फल मिलने चाहिए, उनमें भी कमी रहेगी लेकिन शनि/शुक्र मिलकर राजयोग बना ही रहे हैं जिससे आपको कुछ अनुकूल फल मिल सकते हैं. अगर आप आध्यात्म के क्षेत्र में कोई काम करना चाहते हैं तो कर सकते हैं. अभी चन्द्रमा की दशा है इसलिए आपका मन भागता रहता है इसलिए कुछ भी काम करने से पहले अच्छी तरह से एक बार जरुर सोच लें. कहीं ऎसा ना हो कि बीच में ही काम छोड़ दें क्योंकि चंद्रमा की दशा है और चंद्रमा मन का कारक होता है. आपकी कुण्डली में चंद्रमा पीड़ित है इसलिए मन के पीड़ित होने से आप में स्थिरता का अभाव हो सकता है.

    आपकी दशमांश कुण्डली में चंद्रमा नीच राशि में स्थित है और नवांश कुण्डली में छठे भाव में स्थित है. जन्म कुण्डली और वर्ग कुण्डलियों में चंद्रमा की स्थिति ठीक ही नहीं है तो काम कैसे बनेगा! आपको अभी फिलहाल चंद्रमा को मजबूत करना चाहिए. मंगल के काम मंगल की दशा में करें. शुक्ल पक्ष के सोमवार से आप चंद्रमा के मंत्र का 108 बार जाप करें. चंद्रमा के मंत्र आपको हमारे ब्लाग से मिल जाएंगे. अगर आप हर पूर्णिमा को व्रत रख सकते हैं तो रखें और साथ ही सत्यनारायण भगवान की कथा करें, आपको लाभ होगा.

  78. नमस्कार !

    आपकी जन्म कुंडली में अभी राहु की महादशा के साथ शनि की ढैया भी चली हुई है जिससे समय को अनुकूल नहीं कहा जा सकता है. महादशा राहु और अन्तर्दशानाथ शुक्र एक – दूसरे से द्विद्वार्श योग भी बना रहे है, वैसे भी राहु में शुक्र की दशा जीवन में परिवर्तन लाने वाली होती है. समस्या अभी की ज्यादा है क्योंकि प्रत्यंतर दशा अभी मंगल की है और मंगल बारहवें भाव के स्वामी है जो जेल का प्रतीक है. दशाएं प्रतिकूल हैं लेकिन आपकी वर्ष कुंडली में कहीं से भी जेल जाने के योग बनते नहीं दिखाई दे रहे हैं. आप अभी केवल मृत्युंजय मंत्र का जाप रोज करें औऋ शिवलिंग पर रोज जल दें. सौ प्रतिशत आपका बचाव होगा. कोर्ट – केस से बचने के लिए आप रोज बगुलामुखी पाठ करें. इसके साथ ही आप एक माला निम्न मंत्र की करें जब तक की आपका केस खतम नहीं हो जाता. मंत्र हैं :- “शंखभृन्नंदकी चक्री शार्ङ्गधन्वा गदाधरः । रथांगपाणिरक्षोभ्यः सर्वप्रहरणायुधः।।”

  79. नमस्कार !

    आपको जो भी पीड़ा हो रही है उसका राहु से फिलहाल कोई लेना-देना नहीं है. आपकी कुंडली में अप्रैल 2012 से शनि की महादशा आरंभ हो चुकी है और शनि आपकी कुंडली में बाधक ग्रह के रुप में काम करेगा लेकिन शनि वर्गोत्तम भी है शायद अपने बुरे फलों में कुछ कमी करें. जब भी कोई महादशा आरंभ होती है तो वह आते ही बुरे फल नहीं देती है और शनि तो वैसे भी धीमी गति के ग्रह है इसलिए बहुत धीरे-धीरे फल प्रदान करेगें, चाहे वह अच्छे हों या बुरे हो. अभी कुंडली में समस्या यह है कि शनि में बुध की अन्तर्दशा आरंभ हो गई है. बुध आपकी कुंडली के बहुत खराब ग्रह हैं और मारक स्थान पर बैठे हैं. बुध कुंडली में तीसरे और छठे भाव के हैं और सप्तम में स्थित हैं. जब तीसरे की दशा चलेगी तब प्रयास भी बढेगें. जब छठे की दशा चलेगी तब रोग, ऋण व शत्रुओं का आगमन होगा ही, इसमें बेचारे राहु महाराज क्या कर रहें. छठे भाव के राहु शुभ होते हैं जो आपको हर तरह की परेशानी में आगे बढ़ने का हौंसला देते हैं. अगर यह पंचमेश सूर्य के साथ हैं तो पंचम भाव के फलों में कमी करेगें. राहु ना भी होता तब भी पंचमेश का छठे में जाना शुभ तो नहीं कहा जा सकता है. हां, राहु जब पंचम भाव में शनि के ऊपर स्दे गोचर करेगें तब शायद परेशानी दें क्योंकि पाप ग्रह के ऊपर से पाप ग्रह का गोचर शुभ नहीं माना गया है. जब कन्या में राहु के ऊपर से गुरु गोचर करेगें तब भी आपको प्रतिकूल फलों को देखना पड़ सकता है. गोचर तो आता-जाता रजता है. मुख्य बात है कि दशा किस ग्रह की है और कहां के स्वामी होकर किस भाव में स्थित है. आप दशानाथ को मनाएँ, उन्हें दान व जाप से प्रसन्न करें क्योंकि अब तो फल आपको शनि महाराज ने ही देने हैं.

  80. गुरूदैव, आपका बहुत बहुत धन्यवाद
    Sir kindly also advise if there is a jail yoga in my kundali when rahu enters simha rasi on 01.2.16 and stays there for about 18 months. Kindly tell about this thing when dasha of SANKATA YOGINI starts.
    Would always be greatful to you for this act of kindness.
    Name – gcsingh
    DoB – 05.7.64
    ToB – 03.15 am
    Place – Delhi

  81. Pranaam.

    Bahut shukriya jawaab ke liye! I shall start Chandra ma mantra from shukla paksha Monday! You are right, mera mind har direction mai ja raha hai! I am confused, which direction to take, Guruji, do you see any favourable time in future for me? As advised, shall start Chandra mantra to strengthen my moon! Thank you very much for the time and effort! Pranaam,

    Vidya Arora

  82. नमस्कार !

    अभी शुक्ल पक्ष शुरु हो चुका है, अगर आज से मंत्र जाप शुरु नहीं किए हैं तब आप अगले सोमवार से शुरु कर सकते हैं. यदि तब भी याद नहीं रह पाता है तब आप पूर्णिमा के दिन से भी आरंभ कर सकते हैं. आप यह आरंभ तो करें और श्रद्धा से करें, यह ना सोचें कि कुछ लाभ नहीं हुआ, कोई काम व्यर्थ नहीं जाता है. यह मंत्र जाप आपको शाम को करने हैं साथ ही आपको पूर्णमासी की कथा व व्रत भी करना चाहिए. आपका काम अवश्य बनेगा लेकिन बीच – बीच में खराब गोचर से कुछ रुकावटे भी महसूस हो सकती हैं लेकिन आप घबराएँ नहीं.

  83. नमस्कार !

    राहु की दशा के साथ साथ आपको शनि के उपाय भी करने चाहिए क्योंकि महादशा राहु की तो अन्तर्दशा शनि की है जो मई 2016 तक रहेगी, साथ ही शनि की ढैया का प्रभाव भी आपकी कुण्डली में बना हुआ है जो अभी तकरीबन डेढ वर्ष तक रहेगा. आप राहु के पौराणिक मंत्र का जाप रोज रात में एक माला करें और शनिवार के दिन कोढ़ियों को दान दें. शनि के लिए रोज शाम को शनि स्तोत्र का पाठ करें लेकिन रविवार के दिन आप शनि स्तोत्र ना पढ़े. शनिवार के दिन आप पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएँ लेकिन तेल व दीपक पहले से ही खरीद लें, शनिवार को ना खरीदें.

  84. नमस्कार !

    आपकी जन्म कुंडली में चौथा भाव खाली है तो राहु के गोचर से ज्यादा कुछ प्रभाव नहीं होगा लेकिन राहु/केतु का गोचर चौथे व दशम भाव से होगा तो शायद अपने व्यवसाय को लेकर आप परेशान रहें. जब दशा/अन्तर्दशा और गोचर में आठवें व बारहवें का संबंध बनेगा तब आपको जेल यात्रा होगा. आप यदि नकारात्मक सोच रखेगें तब अवश्य ही कुछ ना कुछ नकारात्मक होगा ही. आप क्यूं कोई ना कोई दशा लगाकर जेल योग बना रहे हैं. यदि आपसे कुछ गलत हुआ भी है तो आप उसे सुधारने का प्रयास करे, आपको अनुकूल फल मिलेगें. जन्म कुंडली में तो ना जाने कितनी दशाएँ लगती है, ऎसे तो जीवन में कभी कुछ अच्छा होगा ही नहीं और कोई ना कोई दशा खराब तो हो ही जाएगी. आप योगिनी दशाओं को छोड़ दें, इससे बेहतर तो चर दशाएँ होती हैं. मन से बुरी बातों का ख्याल निकालने का प्रयास करें और जो आपको बताया गया है उसे करना आरंभ करें. आपके हाथ में कुछ नहीं हैं, आप केवल प्रयास कर सकते हैं. आप जो कर्म लेकर आए हैं उसे भोगना ही है, चाहे वह अच्छे हों या बुरे हों. कुंडली को देखना और दिखाना तो छोड़ ही दें क्योंकि अपनी कुंडली में चीजे या तो बेहद बुरी या बेहद अच्छी दिखाई देती हैं.

  85. My dob 25.2.82 time 13:35 place shahjahanpur . Meri marriage kab hogi . Pichle ek sal mai teen job choot chuki hai … Ek 4 sal purana side business band hogaya. 2-3 New business band hogaye . Sar ghoomta rahta hai … Kya karu bahot pareshan hu …. Kya panna pahenne se kuch hoga..

  86. Guruji radhe radhe
    My name is sanjay date of birth 29-07-1972 place delhi time 6.45 pm.
    Now I these days I am loosing my job and I am suffring from diffretion
    Please suggest to me

  87. Namskar Guruji ,
    Mera nam Umesh Kumar Bindal hai aur me Gwalior (MP) me rahta hu meri details hai : Name : Umesh Kumar Bindal
    DoB : 090.09.1982 Time : 11:11 AM
    Place : Sheopur (MP)

    mene aapke dwara bataye gaye kai sujhaavo ko padha hai , me bi aapse kuch puchna chahta hu ummeed hai ki aap mujh par kripa karke kuch achche nidaan mujhe bataaynege aisi me aapse aasha karta hu. me last two years se bahut pareshan rah raha hu. Aug 13 me meri job chali gayi thi jo bad me 8 mahine bad lagi . aur abhi july 15 me mene apni job se resign bhi kar diya hai m
    mene abhi partnership me ek ITI college khola hai jisme teen partener hai jinke naam hai
    Rajeev Kumar Gupta aur Ram Lakhan Singh jadon aur college ka nam Technocrat Pvt ITI hai
    problm yah hai ki is samay meri aarthik stithi bahut gambhir ho gayi hai .. college se bhi income nhi ho pa rahi hai aur upar se karib 15 lac ka karz ho gya hai income zero hai aur kharche bahut ……. iska kya nidaan hai ….
    me is varsh ek aur ITI plan kar raha hu ……………… me aapse yah jaan na chahtaa hu ki mujhe karzo se mukti kab tak milegi aur dusra ki meri income kab tak badegi jis se ki pahle ki tarah khushi khushi jee saku………… mene apne bare me abhi tak ghar par bhi jyada kuch nhi bata rakha hai …….. mene pandit ji se advice li thi to unhone mujhe Rahu ke liye siloni gomed pahnaya hai aaj kal mene rahu ki Aum Bhram , Bhreem, Bhrow wale mantra ki 11 maalaa jap karna bhi shuru kiya hai aur socha hai ki unke 40000 mantro ka jaap karu
    plz aap mujhe ise karne ki puri vidhi vistar se bataaiye aur yadi kuch or karna hoto jarur bataaiye….

    mujhe aapke answer ka intezar rahega.

    Regards,

    Umesh

  88. नमस्कार !

    राहु की महादशा में जब भी शुक्र की अन्तर्दशा आती है तब जीवन में उतार – चढ़ाव आते ही हैं. पार्टनरशिप में कोई दिक्कत नहीं हैं, आपके पार्टनर मजबूत ही होगें. आपकी दशा जीवन में परिवर्तन लाने वाली चली हुई है और साथ ही इस समय आपका दशम भाव एक्टिवेट हो रखा है साथ ही दशम भाव में बैठे ग्रह भी अभी प्रभावित हैं जिससे आपको व्यवसाय संबंधी परेशानियाँ आ रही हैं. जन्म कुण्डली में शनि आपके लग्न को देखते हैं और इस समय गोचर के शनि आपके लग्न से गुजर रहे हैं. गोचर के गुरु आपके दशम भाव से गुजर रहे हैं. एक बात समझ नहीं आई कि आपका अभी एक कॉलेज ज्यादा चला नहीं है फिर आप दूसरा क्यूँ शुरु करना चाह रहे हैं. अभी आपको कुछ समय के लिए रुक जाना चाहिए. आपने जॉब इसलिए छोड़ी क्योंकि आपकी कुंडली में अपना व्यवसाय करने के अच्छे योग बने हुए हैं. साथ ही अभी दशम भाव में बैठे ग्रह की दशा भी आ गई तो व्यवसाय से संबंधित काम हुए हैं. अभी कुछ समय तक आपको परेशानी ओर झेलनी पड़ सकती है लेकिन कुछ ना कुछ लाभ आपको मिल ही जाएगा. आपकी कुंडली में शुक्र ग्रह सूर्य के साथ स्थित है और जब शुक्र, सूर्य के साथ होता है तब अपनी दशा/अन्तर्दशा में अनुकूल फल नहीं देता है क्योंकि वह क्षोभित अवस्था में रहता है और अपना क्षोभ अर्थात क्रोध दशा आने पर दिखाता है इसीलिए आपको फल भी नहीं मिल पा रहे हैं. साथ ही जन्म कुंडली में तो सूर्य दशम भाव में अपनी स्वराशि सिंह में स्थित होकर दिग्बली हो गए हैं लेकिन नवाँश कुंडली में सूर्य अपनी नीच राशि में चले गए हैं.

    दूसरी बात यह कि राहु अपनी दशा के आरंभ में कई बार अच्छे फल देता है लेकिन आधी दशा के बाद से या दशा खतम होने से कुछ समय पहले वह सब दिया हुआ वापिस भी ले लेता है. ऎसा कई कुंडलियों में देखा गया है क्योंकि यह व्यक्ति को भ्रम में बहुत रखते हैं. जब भी किसी ग्रह की महादशा आरंभ होती है तभी उसके मंत्र जाप करा लेने चाहिए लेकिन व्यक्ति मुसीबत में याद करता है. खैर, आप राहु के जो मंत्र करते आ रहे हैं उन्हें करते रहिए लेकिन यह मंत्र आपको रात में ही करने हैं या फिर संध्या समय में करें, सुबह के समय ना करें. आपको चंदन की धूप या अगरबत्ती का उपयोग करना चाहिए. आप स्वंय भी चंदन की वस्तुओं का उपयोग अधिक से अधिक करें. यदि प्रतिदिन शिवलिंग में जल अर्पित कर सकते हैं तो जरुर करें. बिस्तर पर जाने से पहले पैर धोकर जाएँ. एक समय का भोजन यदि रसोई घर में कर सकते हैं तो करें. शनिवार के दिन कोढ़ियों को दान दें, जो आपकी सामर्थ्य हैं उतना ही दें.

    आप एक बार राहु के 18,000 मंत्रों का जाप कराएँ और जाप पूरा होने पर आप दशांश हवन अवश्य कराएँ अर्थात 1800 मंत्रों का जाप हवन के समय करें. उसके बाद आप नियमित रुप से मंत्र जाप करते रहें. अपने आफिस में आप प्रतिदिन गणेश जी की पूजा अवश्य करें और “ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय नम:” का जाप भी करें. यदि आप कर्जो से मुक्ति चाहते हैं तो प्रतिदिन श्रीसूक्तम का पाठ करें या ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का पाठ भी आप कर सकते हैं. आप दिल से यह सब करेगें तो अवश्य ही अनुकूल फल मिलेगें.

  89. नमस्कार !

    इस वर्ष जून मध्य से आपकी जन्म कुंडली में बुध में गुरु की महादशा आरंभ हुई हैं और दोनों ग्रह एक-दूसरे से षडाष्टक योग बनाकर बैठे हैं जो कि आपको कभी अनुकूल फल देने वाले नही है. साथ ही दोनो ग्रहों में मित्रता भी नहीं है जो फल प्रदान करें. तीसरा यह कि इस वर्ष की वर्ष कुंडली आपके पक्ष में नहीं बन रही है. आपको काफी परेशानियाँ झेलनी पड़ सकती है और जो काम आपने नहीं किया है उसका इल्जाम आप पर लग सकता है. खासकर कार्यक्षेत्र पर आपको किसी से कोई पंगा नहीं लेना चाहिए क्योंकि बदनामी के योग बनते हैं. आप प्रतिदिन अपनी पूजा का आरंभ गणेश स्तोत्र से करें और उसे 11 बार पढ़े. सुबह अथवा शाम को जब भी आप समय निकालें तब नारायण कवच का पाठ रोज करें. अपने रोजगार को बनाएँ रखने के लिए आप प्रतिदिन एक माला निम्न मंत्र की करें – ” विश्व भरन पोषन कर जोई, ताकर नाम भरत असि होई”. आप ये सब करें, आपको अवश्य ही लाभ होगा और आप डिप्रेशन से बाहर भी आएंगे.

  90. नमस्कार !

    आपकी कुंडली में दशा ही ठीक नहीं है तभी तो ये सब हो रहा है. अगर दशा ठीक होती तो आप हमसे कुछ पूछते भी नहीं. आपकी कुंडली में अभी बुध में राहु की दशा चली हुई है, इसीलिए नौकरी में भी टिकाव नहीं हो रहा है. इस दशा में व्यक्ति को मानसिक तनाव बहुत रहता है और आपकी कुंडली में दोनों गर्ह षडाष्टक योग में बैठे हैं. आप अभी कुछ समय तक मृत्युंजय मंत्र की एक माला का जाप रोज सुबह या शाम को करें. आप पन्ना पहन सकते हैं लेकिन पहनने से पहले पन्ना को कुछ दिन अपने पास पर्स में रखें और देखें कि आपको कोई नुकसान तो नहीं दे रहे हैं, तब उसके बाद उसे अंगूठी में बनवाएँ. बुधवार के दिन आप हरी वस्तुओं का दान अवश्य करें.

  91. Sir Pranaam
    kindly also advise if there is a jail yoga in my kundali when rahu enters simha rasi on 01.2.16 and stays there for about 18 months. Kindly tell about this thing when dasha of SANKATA YOGINI starts. If so, kindly guide me how to get rid of same.
    Govt. Job hai lekin bogus FIRs/ court cases ki vajah se job se pichle 2 saal se absent chal raha hoon.
    One astrologer has told me to wear diamond emerald sapphire and gomed. What do you recommend for me to wear.
    I want to get some pooja etc done through as5roprabha to negate evil effects of ongoing dasha. Kindly also guide me for this.
    Most importantly, i am presently acting as broker for a property deal which is expected to give handsome commission. What upaayes shud i do so that this deal materialises.
    Would always be greatful to you for this act of kindness.
    Name – gcsingh
    DoB – 05.7.64
    ToB – 03.15 am
    Place – Delhi

    vidyaarora पर 3

  92. Sir/Mam,
    Pranaam
    I am a B Tech E&T Engg.I work as Software Engineer in a top MNC Software company in Bangalore.
    Here are my birth details :
    Date of Birth: 10 February 1981 Tuesday
    Time of Birth: 21:43 (=09:43 PM), Indian Standard Time
    Place of Birth: Bhubaneswar (Orissa), India
    Latitude: 20.13N Longitude: 85.50E
    Gender : Male
    Marital Status : Single
    मेरा प्रेम विवाह होगा या अरेंज्ड विवाह.विवाह कब होगा और वैवाहिक जीवन कैसा रहेगा
    एक महीना हुआ मंगल की महदशा शुरू हुआ है यह महादशा कैसा रहेगा अच्छी आया बुरी
    Kripaya Batayen,

    Sumit

  93. नमस्कार !
    कुंडली के अनुसार आपके प्रेम विवाह के योग अधिक हैं और वही आपके लिए सही भी है. आप अपनी पसंद की लड़की से विवाह करें लेकिन परिवारवालों की रजामंदी भी उसमें शामिल हो. कुछ परेशानियों के बाद ही आपका विवाह हो पाएगा. कई बार बात बनते – बनते बिगड़ भी जाएगी, फिर आपको दुबारा कोशिश करते रहना पड़ सकता है. विवाह का समय अभी जुलाई से पहले चला ही हुआ था लेकिन आपके अपने ही कारणों से यह बात बन नहीं पाई है. अभी गोचर में विवाह स्थान एक्टिवेट नहीं हुआ है लेकिन जब यह एक्टिवेट होगा तब विवाह भी हो जाएगा. ऎसा गुरु के वक्री होने पर होगा जो अभी होने वाले हैं या फिर अगले साल जब जुलाई में गुरु कन्या राशि में प्रवेश करेगें तब आपका विवाह कराएंगे. अप्रैल 16 से मंगल में राहु की दशा चलेगी तब भी आपका विवाह होने की संभावना बनती है.

    मंगल आपकी कुंडली के लिए अच्छे ग्रह नहीं है और छठे भाव में स्थित है जिससे छठे भाव से जुड़े फल मिलने आरंभ हो जाएंगे, लेकिन साथ ही मंगल आपकी कुंडली में विपरीत राजयोग भी बना रहे हैं इसलिए यह कुछ तकलीफों के साथ लाभ भी प्रदान करेगें. आपको मंगल ग्रह के मंत्रों का जाप प्रतिदिन संध्या समय में करना चाहिए. साथ ही आपको मंगलवार के व्रत भी रखने चाहिए जिसमें आपको नमक नहीं खाना चाहिए. हनुमान जी को बूंदी का भोग हर मंगलवार को लगाएँ और सात बार हनुमान चालीसा जरुर पढ़े.

  94. राहु मारक भाव में है तब आप क्या करेगें राहु का रत्न पहनकर? आप डायमंड और नीलम ट्राई करें. नीलम को पहनने से पहले उसे कुछ दिन अपने पास रखें और देखे कि कोई नुकसान या बुरे सपने तो नहीं आ रहे हैं, तब उसे अंगूठी में बनवाएँ. आप अभी फिर बार – बार वही प्रश्न दोहरा रहे हैं जिनके बारे में हम बात कर चुके हैं जबकि आपको मैने मना किया था कि आप नकारात्मक सोच से बाहर निकलें. जो काम नहीं भी होना है वह आपके डर से हो ही जाएगा लेकिन आपको बात समझ नहीं आ रही है. आपको जो बताया गया है, आप करना तो आरंभ करें. शनि की ढैया के लिए हर शनिवार 11 बार शनि स्तोत्र का पाठ भी करें. आप जो भी डील करना चाहते हैं उसके होने की संभावना बन रही है और अड़चनों के बावजूद शायद हो ही जाए. आप इसके लिए रोज संध्या समय में 7 बार हनुमान चालीसा पढ़े.

  95. मई के बाद शादी करेगें तो आपके लिए अच्छा होगा और विवाह भी अच्छा होगा उससे पहले परेशानियां ही होगी, फरवरी के बाद ज्यादा अच्छे योग बनेगे एक अच्छी नौकरी के.

  96. नमस्कार !

    अभी दशा आपके पक्ष में नहीं है क्योंकि राहु/बुध की दशा में मानसिक तनाव ज्यादा रहता है और व्यक्ति किसी एक चीज पर ध्यान नहीं लगा पाता है, इसलिए आप कम्पीटीशन की तैयारी भी उतना नहीं कर पाते हैं जितनी आपको करनी चाहिए. सरकारी नौकरी लगने की संभावना तो है लेकिन कुछ समय लग सकता है. सरकारी नौकरी नहीं भी मिली तो भी आपको सरकारी संस्थान जैसी जगह पर काम मिलेगा ही. आप राहु के मंत्र जाप करें जिससे भटकता हुआ मन एक राह पकड़ सके.

  97. नमस्कार !

    आपने अपना प्रश्न नहीं बताया कि क्या पूछना चाहते हैं? वैसे आपकी जन्म कुंडली में इस समय केतु की महादशा में शनि की अन्तर्दशा चली हुई है. नवंबर 2017 तक केतु की महादशा रहेगी उसके बाद आपकी कुंडली में भाग्य भाव के स्वामी शुक्र की महादशा का आरंभ होगा. शुक्र की महादशा आपके लिए अच्छी कही जा सकती है. जो काम अभी नहीं बन पा रहे होगें वह आने वाली दशा में होने आरंभ हो जाएंगे. अभी आपको अपने खर्चों को नियंत्रित करना चाहिए और अपनी सेहत को लेकर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए. जब तक केतु की महादशा रहेगी तब तक रोज रात में केतु के मंत्र की एक माला आपको करनी चाहिए. मंत्र है – “ऊँ कें केतवे नम:”

  98. नमस्कार !

    आपकी कुंडली में अभी शुक्र में बुध की दशा चली हुई है और यह दशा आपका विवाह भी करा देगी, साथ ही सरकारी नौकरी लगने की संभावना भी इसी दशा में बन रही है. आप प्रतिदिन सूर्य को जल दें और जल में कुछ दाने चीनी के मिला लें और सूर्य को जल देते समय “ऊँ घृणि सूर्याय नम:” बोलें. इस मंत्र का रोज सुबह 108 बार जाप करें. शुक्र की महादशा चल रही है तो आपको शुक्र के मंत्र का जाप भी रोज सुबह करना चाहिए. मंत्र है – “ऊँ शुं शुक्राय नम:” आप श्रद्धा भक्ति से इन दोनो मंत्रो का जाप करें आपको सफलता मिलेगी.

  99. Namaste,
    My Name is Rohini. My date of birth is 05/01/1966 at 8.20am at Karjat, kolab, Raigad. Lots of financial Problems. I work Hard . I have lost everything, Confusing about what kind of work I should do? I have tried a lot Now doing share trading and real estate marketing but not getting any deal done in spite of lot of work.

  100. Pranaam!!!

    Kripaya mujhe bataye kaun sa mantra karna chahiye!
    Mai abhi Oh Ra Rahave Namah ka kar raha hoon, par blog pe aur bhi kai mantra hai, mere liye kaun sa uchit rahega!
    Rahu ki dasha 18 varsh ki hai, kya mai tak tak aaise hi pareshaan rahunga?

    Aapko is blog ke liye bahut dhanyavaad!

  101. नमस्कार !

    आपके लिए “ऊँ रां राहवे नम:” का मंत्र सही है और आपको यही करना चाहिए. यह आवश्यक नहीं कि 18 वर्षों की पूरी महादशा खराब होगी. कई बार अन्तरदशाएं और प्रत्यंतर दशाएँ भी खराब होती हैं औऋ साथ ही खराब गोचर चलने से प्रतिकूल फल मिलते हैं. हां इतना जरुर है कि जब तक राहु की दशा रहती है तब तक राहु से संबंधित काम करते रहना चाहिए क्योंकि जिस ग्रह की महादशा होती है मुख्य रुप से फल उसी ने देने होते हैं इसलिए आई हुई दशा का स्वागत करने के लिए उसके मंत्र जाप किए जाते हैं. इन मंत्रों के जाप से ही परेशानियों से मुक्ति मिलती है. आप चाहे तो राहु का स्तोत्र भी हर शनिवार के दिन पढ़ सकते हैं.

  102. नमस्कार !

    आप जो काम कर रही हैं वो आपके लिए अभी सही है लेकिन लाभ क्यूँ नहीं मिल रहा है उसका कारण शुक्र के अंशों पर सूर्य का स्थित होना है. मतलब कि आपकी कुंडली में जिस ग्रह से व्यवसाय देखा जाएगा वह शुक्र हैं और वह कुंडली में आठवें भाव के स्वामी सूर्य के अंशों पर स्थित हैं इसलिए कार्य में बाधा आ रही है, अभी इस समय शनि में शुक्र की ही दशा भी चली हुई है. अभी गोचर भी आपके लिए प्रतिकूल ही है. आप हिम्मत ना हारें शेअर के काम में ही लगे रहें. प्रतिदिन शनि के मंत्र का जाप संध्या समय में 108 बार करें. साथ ही अपने दाएँ हाथ की मध्यमा अंगुली में एक ओपल पहन लें. इससे आपको लाभ होगा. व्यापार में लाभ हो इसके लिए आप गणेश जी की पूजा से दिन का आरंभ करें. किसी भी डील के आरंभ से पूर्व आप गणेश जी का ध्यान अवश्य करें, आपका काम होगा.

  103. नमस्कार !

    समय चला हुआ है, चेंज कर सकते हैं लेकिन जो भी करें पहले देख समझ लें कि क्या चाहते हैं और मिल क्या रहा है! राहु की प्रत्यंतर दशा में कई बार फैसले गलत भी हो जाते हैं इसलिए देख भाल कर ही आगे बढ़े. जब कहीं अच्छी नौकरी मिल जाए और आफर लेटर भी हाथ आ जाए तभी चेंज का सोचें. प्रॉपर्टी में निवेश भी कर सकते हैं. समय चला हुआ है लेकिन वही कि जरा खोज बीन कर ही निवेश करें.

  104. नमस्कार !

    बुध में गुरु की दशा 21 सितंबर 2017 तक रहेगी. इसके बाद आपके अटके हुए कम धीरे-धीरे खुद ब खुद बनने आरंभ हो जाएंगे. आपको जो भी बताया गया है उसे आप अवश्य करें.

  105. नमस्कार ममता !

    आपने अभी अपनी डेट सही दी है पहले 39 लिखा हुआ था इसलिए उत्तर नहीं दिया जा रहा था. आपकी कुंडली में राहु की दशा में शुक्र की अन्तर्दशा चली हुई है और दोनो एक – दूसरे से 2/12 अक्ष पर स्थित है. राहु पर से अभी शनि का गोचर भी हो रहा है जिससे राहु महाराज पीड़ित हो रहे हैं. राहु आपकी कुण्डली में मंगल की राशि में मारक भाव में स्थित है. राहु का अपना कोई भौतिक अस्तित्व नहीं होता है वो छाया ग्रह है इसलिए ये जिस ग्रह की राशि में स्थित होते हैं उसी ग्रह की तरह काम करते हैं. राहु मंगल की राशि में स्थित है तो मंगल जैसे काम करेगा और मंगल आपके व्यवसाय भाव में वक्री अवस्था में नीच राशि में स्थित है. मंगल का नीच भंग तो हो रहा है लेकिन वक्री होने से आपको व्यवसाय को लेकर अत्यधिक प्रयास करने पडे़गे. साथ ही शुक्र भी तीसरे भाव में है इसका अर्थ है कि आपको व्यवसाय के लिए अपने स्थान से कुछ दूर पर जाकर प्रयास करने चाहिए. तभी आपको सफलता मिल पाएगी. राहु आपकी कुण्डली में अपनी नीच राशि में स्थित है और मारक भाव में होने से परेशानियाँ भी दे रहा है. आपको गोमेद नहीं पहनना चाहिए क्योंकि मारक भाव में बैठे ग्रह का रत्न नहीं पहना जाता है. आप गोमेद निकाल दें. आपको राहु के मंत्र का जाप रोज रात में 108 बार करना चाहिए. चंदन की बनी चीजों का उपयोग करें. नीलम पहनने की जरुरत नहीं है. आप चाँदी में एक मोती पहन लें. इसे आप दाएँ हाथ की सबसे छोटी अंगुली में शुक्ल पक्ष के सोमवार को पहन लें. आप प्रतिदिन शिवलिंग में जल दें मन में इस कामना के साथ की आपकी नौकरी लग जाए. शाम को रोज 7 बार हनुमान चालीसा पढ़े. इन सब चीजों को करे आपकी नौकरी शीघ्र लग जाएगी.

  106. Namaskar
    My DOB is 16/12/1979 time 12.03 pm
    place – Ranchi Jharkhand
    I am having lots of problem at work place all of a sudden and things do not seem good currently.
    Every plan is failing and there is no progress in life. Have to struggle a lot for everything.
    Pls advice me what shall i do to get everything on right track.
    Am currently fasting on Saturdays due to Sadhesati ,sometimes do Pradosh Vrat, may be 1 in month and alternate Tuesday fast also as suggested by someone.Have already done Rahu Jaap by Pandit along with Hawan as told by one astrologer but things not becoming good.

  107. Namaskar,
    My DOB is 13-11-1967; Time: 10:45AM; Place : Kannur (Kerala)
    I am facing lots of Business/Finance Problem and some health problem since 1 Jan 2015,
    Somebody said its because of Rahu in my 10th house. Kindly advice, what and how long this period will affect me . Any remedies for the same

  108. NAMASTEY MAM
    My name is AYUSH SAURABH my DOB is 15/05/1989 time is 00:40 am
    mam i have done B.Tech in 2013 and now prepararing for Gov job, but i cannot concentrate on my studies properly.Mam plz suggest me kya mujhe gov job milegi ya private me hi try karu naukari ki…
    thankyou

  109. नमस्कार !

    आप मुझे अपना जन्म समय सही से बताएं कि 12:03 रात के हैं या दिन के हैं. रात के हैं तो 15/16 तारीख की रात हैं या 16/17 तारीख की रात होगी क्योंकि जब कुण्डली बनाते है तो रात में 12 बजे के बाद तारीख बदल जाती है और तब हम 12:03 की बजाय 00:03 लिखेगें. मुझे आपके प्रश्न से समय का संदेह हो रहा है क्योकि दिन के 12:03 लेने पर राहु की दशा का कोई प्रभाव नहीं है लेकिन जब 15 तारीख रात के 00:03 समय लिखा तब राहु की अन्तरदशा आ रही है. इसलिए आप कृपया कर जन्म समय को एक बार सुनिश्चित कर लें.

    धन्यवाद

  110. नमस्कार !

    आपके दशम भाव में शुक्र अपनी नीच राशि में स्थित है और 23 दिसंबर 2014 से शुक्र में केतु की अन्तर्दशा शुरु हो गई थी जिससे आपको परेशानियां आनी शुरु हुई. शुक्र की महादशा खतम होने को है इसलिए अभी छिद्र दशा चल रही है अर्थात जीवन के हर काम में आपको छेद होते ही नजर आएंगे. राहु का गोचर आपके दशम भाव में जुलाई 14 से आरंभ हो गया था लेकिन आपकी परेशानियों की मुख्य वजह आपकी दशा है क्योंकि शुक्र नीच राशि में है और केतु भी शुक्र की राशि में स्थित होने से नीच फलों में वृद्धि कर रहे हैं. साथ ही शुक्र से केतु 2/12 अक्ष पर स्थित हैं लेकिन फरवरी में यह महादशा खतम हो रही है और सूर्य की महादशा आरंभ हो रही है, सूर्य जन्म कुंडली के भाग्येश है आपको अच्छा फल देगें. आप अभी फिलहाल सूर्य को रोज जल दिया करें और सूर्य की पूजा आराधना करें. अपने फाईनेंस को बढ़ाने के लिए आप लक्ष्मी मंत्र पढ़ सकती हैं जो आपको इंटरनेट से मिल जाएगा. अभी जनवरी के अंतिम सप्ताह में राहु दशम भाव से निकल जाएंगे और फरवरी में आपकी महादशा खतम हो जाएगी तो आपको घबराने की जरुरत नहीं है. लेकिन इसके बाद गुरु के ऊपर से राहु का गोचर होगा जिससे आपको अपनी सेहत को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए.

  111. नमस्कार !

    सरकारी नौाक्री के लिए आप जितना जोर लगा सकते हैं अभी एक साल के अंदर लगा दीजिए क्योंकि अभी समय अनुकूल है और काफी अच्छी संभावना बनती है सरकारी नौाक्री के लिए. आपकी कुंडली में अभी अगस्त से राहु की महादशा आरंभ हुई है इसीलिए आपकी बुद्धि भ्रम में रहती है और आपका चित्त स्थिर नहीं रहता है. मन भी भटकता सा रहता है और आप शांत होकर एक स्थान पर एकाग्रचित्त होकर पढ़ाई भी नहीं कर पा रहे होगें. आपकी कुण्डली का लग्नेश शनि भी वक्री है और बारहवें भाव में स्थित है. आपका लग्न के आसपास दो पाप ग्रह होने से आप खुद को एक बंधन में ही महसूस करते हैं और शायद इसलिए भी आप पढ़ाई पर पूरा ध्यान नहीं लगा पा रहे हैं. अभी आप राहु के मंत्र का जाप जरुर करें जो कि रात में ही करने हैं. सोने से पहले अपने हाथ व पैर जरुर धिकर सोएँ. आप अधिक से अधिक चंदन की वस्तुओं का उपयोग करें जिससे नकारात्मक ऊर्जा आपसे दूर रहेगी. शनिवार के दिन कोढ़ियों को दान दिया करें. जब भी आप पढ़ने बैठे, उससे पहले 11 बार एक सरस्वती मंत्र का जाप जरुर करें. “सरस्वती महाभागे विद्ये कमललोचने, विद्यारुपे विशालाक्षि विद्यां देहि नमोस्तुते” जो बताया है उसे करें, आपको अवश्य लाभ होगा.

  112. Guru ji, pranaam
    Govt job mein hoon lekin 2 saal se absent chal raha hoon kyonki kuchch court cases ho rakhein hain jinme abhi court se relief nahi mil hai. Abhi daal roti ki koyi vyvastha nahi ban pa rahi hai kyonki overage hone ki vajah se koi pvt job bhi nahi mil rahi hai.
    Property dealing ka kaam kharcha chalaane ke liye shuru kiya hai lekin abhi tak koi deal nahi hui hai
    Kya govt job join ho paayegi aur kya tab tak property dealing se kuchch kharcha niklega thanx
    Dob – 05.7.64
    3.15 am
    Delhi

  113. dhanyawaad madam
    apke dwara bataye gaye upayo ko avashya karunga….aur mam mind me jo confusion rehta h usse bahut pareshan rehta hu shyad esliye padh bhi nahi pata hu kripya thoda aur bataye kya karna hitkari hoga…..

  114. Aadarneey Pandit ji …..
    Mujhe bahut khusi hai ki aapne meri kundali dekhi aur uske nidaan bhi bataaye iske liye bahut bahut dhanyawad. Par aapne mujhse kuch pucha tha isiliye me aapko apni puri bat details se bhej raha hu aur aashaa karta hu ki aap is bar mujhe sahi disha nirdesh denge. Aapke sujhaavo hetu yadi aap dashikhna ( Fees ) bhi kuch lete ho to wah bi aap mujhe bata sakte hai .. agar kuch galat kaha ho to kshamaa kare… ek bar aur aapko pareshan kar raha hu kyoki is bar mene kaafi details se likh diya hai ……………..
    Meri details is prakaar hai …
    1.) Umesh Kumar bindal
    Dob : 09.09.1982 & Time : 11:11 AM ( Din)
    Place : Sheopur (MP)
    2.) Ram Lakhan Singh Jadon ( My Partner )
    Dob : 07.10.1985 & 02 : 20 AM ( Raatri )
    Place : Bhind ( MP)

    Aapne mujhse pucha tha ki jab ek ITI puri tarah se establish nhi hua to me dusra kyo plan kar raha hu uska reason yah hai ki
    1.) Maximum students humare pas usi jagah ka ( Joura MP) ka hai jaha hum New ITI plan kar rahe hai
    2.) Hume humare itne bade karze se niptane ke liye extra money ki jarurat hai jo hume eek or business se hi mil sakti hai. Hume ye bhi maalum hai ki is
    3.) Yaha humare jo teesre partner hai jinki yaha ki building ab unke man kuch beimaani bhi aa gayi hai. Isiliye naye ITI me keval hum do log hi partner rahenge aur hume us Unit ko ek large scale par le jana hai.
    4.) Aur jis jagah hum plan kar rahe hai waha se 20 km tak koi or nhi hai isiliye hume success hone ki puri ummeed hai.

    Mene aapke dwara bataaye gaye upaay karnaa shuru kar diye hai me aapko me kuch or bi batana chahta hu ki me or kya kya karta hu aur fir bad me aapse kuch jaan na chahta hu .
    Aapne mujhe bataya tha ki

    (A) Raahu ke 18000 jaap karwaye aur fir 1800 mantro ki aahuti dilwaye.
    (B) Ganesh ji ki murti office ki puja me rakhe.
    (C) Rat ko sone se pahle pair dhoye.
    (D) Karz nivarn hetu Shri Sutam ka jaap kare.
    (E) Aur kam se kam ek time ka khana kitchen me hi khaaye.
    (F) Aur Shankar ji par Doodh Chadhaaye.
    (G) Aur Chandan ka adhik se adhik upyog kare par kya kare aur kaise kare ye nhi bataya..

    Mene aapke sujhaavo par kaam karna shuru kar diya hai. Wese Me abhi jo kar raha hu wo ye hai.

    1.) Mene Seedhe haath ki kanshika me sawaa saat ratti ka cilony gomed chaandi ki sarpa kaar angoothi me pahna hua hai. ( Pandit ji ke anusar April 15 se )

    2.) Abhi har roz Rahu ke yantra ke saamne 11 mala Rahu ke mantra “ Aum Bhram ,bhreem, ………….” Ki kar raha hu jise me lagbhag 40000 mantro tak karunga . aur abhi tak 21000 ho chuke hai . par har rat ko sambhav nhi ho pata to kabhi subah aur kabhi rat me kar leta hu. Aur Desi ghee ka Deepak jalata hu aapne bataya to doop batti bhi lagana shuru kar diya.

    3.) Aapne Shankar ji par jal chadaane ke liye kaha tha wese meri puja me Peetal ki Shiv Panchayatan hai aur peetal ka Trishul bhi hai me har roz kachche doodh se dono ko snaan karwata hu.

    4.) Mere office me Ganesh ji ki murti hai aur daily agarbatti bhi lagate hai iiske alawa mene har Wednesday ko ganesh ji ke mandir bhi jana shuru kiya hai.
    5.) Me har shaniwar ko Shanichara Dhaam jaa raha hu. Aur ghar ki puja me subah sham Sarso ke tel ka diya shani maharaj ke chitra ke aage lagata hu .
    6.) Pratidin Hanuman ji ke mandir ja raha hu.
    7.) Har Wedensday ko Gaay ko hara charaa bhi khila raha hu .

    Ek pareshan vyakti har koi upaay karta hai inke alawa yadi aap koi bhi upaay mujhe bataayenge to me wo bhi karna shuru kar dunga .
    Me aapse jaan na chahta hu atyav in hetu aap jo bhi sujhaav dena chahe plz avashya de. ..
    1.) Aapne 18000 rahe ke mantro ke jaap ke bare me kaha hai to kya wo mujhe alag se karne honge ya ki si panditji se karwane honge . aur abhi jo mene 40000 pure karne ka faisala liya hai uski bhi aahuti / hawan dilwana aavshyak hai , agar na dilwaya to kya ho sakta hai . kya iske kuch adverseeffect ho sakte hai. Aur kya 40000 ke 4000 har aahuti deni hogi .

    ({ August 13 me meri jab job chali gayi thi tab ek pandit ji ne mujhe Rahu ke anushthaan ke bare me bataya tha jise mene bad me feb 14 me karwaya tha aur uske pura hone se pahle hi mujhe job ghar bethe hi mil gayi thi. Is anushtaan me unhone apne yaha daily ek mala ka jaap kiya tha aur last me hawan se samapti ki thi jisme 72 days lage . Isliye mene 40000 mantra jaap ka nishchay liya tha. }

    2.) Hum dono log apne navin ITI se kitne successful honge. Iske alwa hum logo ke liye nye business ka naam kin shabdo se shuru karna shubh rahega.

    3.) Me jaanta hu ki mujh par karz bahut hai ise kam hone me abhi samay lagega lekin meri Income me vraddhi kaise aur kab tak hone lagegi. Jis se ki me apna ghar achchse chalaa pau.
    Mere pas paise to aate jaate rahte hai par unse mera karz or badhta hi jar aha hu kyo ki wo income ke roop me nhi aa rahe hai.

    4.) Meri ek ladki hai jo 3 saal ki ho gayi hai kya putra praapti ke yog meri kundli me hai aur kab tak hai . is hetu koi sujhav. Kyoki abhi tak mere dwara is bare me kuch nhi socha gaya hai aur ghar walo ka pressure bhi hai ……..

    5.) Yadi me is educational business ke alawa plan karu to mujhe kis type ka business karna theek hoga.
    6.) Mera har kaam bahut hi mushquil se hota aaya hai , har kaam ke liye mene dusro ki tulna me kaafi mehnat ki hai , isiliye ab mujhe mehnat karne se koi darr nahi lagta bas kabhi kabhi nirasha jarur hoti hai.
    7.) Mujhe last 2 years me kaafi nuksaan huye hai , aur abhi bhi wahi silsila jari hai.
    8.) Shri Suktam ka jaap kaise aur kitne dino tak karna hai.

    Mujhe lagta hai kahi aap naaraj ho jaye kyoki Matter to bahut ho gaya iske liye me aapse punh Kshamaa chhahta hu par ummed karta hu kki meri puri bato ko bhali bhaanti samajh gaye honge aur usi ke anusar me sujhaav bhi denge …..
    Me aapka humesha rini rahunga..

    Regards,
    Umesh Kumar bindal ( 07566278143 )

  115. नमस्कार !

    आपका उत्तर अत्यधिक विस्तार से देना होगा तो उसके लिए मुझे कुछ समय दीजिए.

    धन्यवाद

  116. नमस्कार !

    आपने जो जन्म समय दिया है उससे आपका कन्या लग्न बनता है जो 29 अंशों से कुछ अधिक है और मैं यदि 2 बजे से दो मिनट का समय भी आगे कर दूँ तो कन्य लग्न से तुला लग्न बन जाता है इसलिए आप एक बार अपना जन्म समय पक्के से कन्फर्म कर लें कि दिन के पूरे 2 बजे ही आपका जन्म हुआ था?

    धन्यवाद

  117. आपको राहु के जो भी उपाय बताए गए हैं वो आपकी कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए ही हैं. आप उन्हें करना तो आरंभ करें और जो भी मंत्र बताए गए हैं उन्हें शुरु तो करें. आप अभी फिर कन्फ्यूज हो रहे हैं. राहु का तो काम ही है कन्फ्यूजन में रखना!!!!! लेकिन आपकी अपनी विल पावर भी तो कुछ चीज होती है ना…….तो आप अपने आत्मविश्वास को मजबूत बनाएँ जब भी कोई कन्फ्यूजन लगे तो आप भगवान को याद किजिए और “ऊँ गं गणपतये नम:” का जाप तुरंत करने लगे. आप चाहे तो दिन भर जब भी याद आए इस मंत्र को बोलते रहें. जब भी खाली हों ये मंत्र मन ही मन दोहराएँ.

  118. नमस्कार !

    कुण्डली में शनि की ढैया चली हुई है और आपकी जॉब राहु में बुध में गई है शायद, बुध दशमांश कुंडली में लग्न का स्वामी होकर दशम भाव में नीछ के हैं तो कैसे आपको फल मिल सकते हैं जॉब तो जानी ही थी. शनि की जब ढैया या साढेसाती चलती है तब व्यक्ति को उसके किए कर्मों के अनुसार फल मिलता है अर्थात आपने अभी तक जो भी अच्छे या बुरे कर्म किए होगें उनका फल तो आपको भोगना ही होगा. साथ ही शनि की ढैया में ही तो आपको पता चलेगा कि कौन आपके करीब है और कौन आपके दूर है? शनि महाराज आपको कर्म कराए बगैर फल तो देने से रहे? अच्छे से तपाकर ही फल प्रदान करेगें. अभी 22 दिसंबर के बाद से प्रॉपर्टी से संबंधित कोई काम बन सकता है और गोचर भी चला हुआ है कि कोई प्रॉपर्टी से संबंधित काम होगा लेकिन हैरानी की बात है अभी तक हुआ क्यूँ नहीं? इसे आपके द्वारा किए कर्मों का फल ही तो कहा जाएगा ना!! आपको जो भी काम मैने बताएं हैं आप उन्हें श्रद्धा से करें, आपको अवश्य ही कोई ना कोई राह जरुर मिलेगी.

    बार – बार आप इन्हीं प्रश्नों को दोहराते रहेगें तो मेरे लिए भी मुश्किल हो जाएगा उनका उत्तर देना क्योंकि ओर भी बहुत से व्यक्ति हैं जिन्हें जवाब देना होता है. आप संयम से काम लें.

  119. नमस्कार !

    जन्म कुण्डली में गुरू की महादशा में मंगल की अन्तर्दशा चली हुई है जो 27 जनवरी तक रहेगी उसके बाद गुरु में राहु की दशा आरंभ हो जाएगी जो लगभग दो से ढाई साल तक रहती है. गुरु की महादशा उसके बाद खतम हो जाएगी. जब गुरु/राहु की दशा चलेगी तब आपको कुछ ऎसी घटनाओं का सामना करना पड़ सकता है जिनकी आपको उम्मीद ना हो. दशा के साथ गोचर भी कुछ ठीक नहीं कहा जाएगा. इससे निपटने के लिए आप अभी से प्रतिदिन एक माला मृत्युंजय मंत्र की करें. साथ ही आप रोज विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ भी करें.

  120. Guru ji
    Namaskar my name is sanjay srivastava my dob is 29/07/1971 time 18.45 place delhi.
    Now I am job less and siting in hous right now my mind is not working what to do?
    Please tell me I will do business otherwise job?
    Regards
    Sanjay srivastava

  121. नमस्कार !

    अभी शनि में शुक्र की दशा चली हुई है और जाती हुई साढेसाती का प्रभाव भी बना हुआ है. शनि आपकी जन्म कुण्डली में तो सही स्थित हैं लेकिन नवांश व दशमांश में नीच के हो गये हैं और दशमांश कुंडली में तो शनि व शुक्र दोनों ही राहु/केतु अक्ष पर स्थित हैं. इससे आपके लिए यह दशा अत्यंत कष्टकारी सिद्ध हो रही है. अभी अक्तूबर से राहु की प्रत्यंतर दशा का प्रभाव भी आरंभ हो गया है जो अप्रैल तक रहेगी जिससे आपका मन:स्थिति ज्यादा खराब लग रही है. खराब समय को आपको धैर्य से ही निकालना होगा और ईश्वर की भक्ति करनी होगी. आप शनि के मंत्र का जाप रोज 108 बार करें और साथ आप एक पन्ना अपने दाएं हाथ की सबसे छोटी अंगुली में धारण कर लें. आप बिजनेस करें तो अभी छोटै पैमाने पर ही करें नहीं तो आपको विदेश जाने का प्रयास करना चाहिए, वही आपको लाभ होगा.

  122. Namaskar
    My name is vivek, Dob 16/12/1979 time 12.03 pm place Ranchi
    I am facing a lot of problem in my professional life, Despite working so hard, results are not good.Always problem being created by boss.No growth in job.
    I am fasting on Saturday for sadhesati, already did Rahu Jaap and Hawan by learned Pandit as suggested by one Pandit.
    Pls also suggest about my family life related to kids.
    Pls help

  123. Namaste Madam,

    My problem is related to my matrimonial life. My marriage was happened on 20th April, 2015. Since my marriage me and my wife are having unwanted arguments without any reason and it causes a negativity in our relation. She generally speak wrong and threafter she regrets.

    we both are running under Rahu Mahadasha. I am running under Rahu Mahadasha and shukra Antardasha and she is running under Rahu Mahadasha and Shani Antardasha.

    My Name is Shashank and my Birth details are 01- February-1984, time 05:05 AM , Birth Place- Ludhiana (Punjab).

    My wife name is Jyoti and birth details are 16- January-1990, time 11 AM, Birth Place- Roorkee (Uttrakhand).

    It is my humble request to suggest any remedies and also suggest the future of this relation.

  124. Namaste Mam
    Dob.22.09.1981
    Time. 02.10 Am. Morning
    Birth place. Pauri garhwal. Uttarakhand
    Main bahut pareshan hun. Pet main problem aur mansik tanav hai. Job main bhi tik nahin pata. Kya gov. Job lagegi. Meri kya dasha lagi hai. Pls upay batayen.

    Regards
    Rajesh Kukreti

  125. My DOB is 13/10/1978 place Muzzafarnagar UP, time 6 am ( same time as written in my kundali, no minute/seconds mentioned)
    Currently i am facing a lot of problem in my job. Its been more than 1 year, company not paying any salary, trying for job, but unable to get.Financially drained, no work/business seems to be working. Problem at home also.It seems that i am surrounded with problem and there is no way to get out of all this.
    Pls help me why this is happening and how this can be corrected.
    I shall be very greatful to you for the same.

  126. नमस्कार !

    आपकी जन्म कुण्डली में अभी शनि की महादशा में मंगल की अन्तर्दशा चली हुई है. पिछले एक साल से आपकी कुण्डली में दशा व गोचर अनुकूल नहीं है और इस साल अक्तूबर से आपकी वर्ष कुण्डली भी ज्यादा अच्छी नहीं बन रही है. 27 दिसंबर के बाद से कुछ हालात ठीख हो सकते हैं और जनवरी के बाद से कुछ ओर हालात सुधरेगें, आप कोशिश करते रहें. घर की तरफ से अभी ज्यादा कुछ ठीक होने के आसार नहीं लगते हैं क्योंकि मंगल की अन्तर्दशा है और मंगल कुटुम्ब भाव में स्थित हैं जिससे लड़ाई – झगड़े अभी कुछ समय तक ओर बने रह सकते हैं. आप एक लोहे का छल्ला अपनी दाएँ हाथ की मध्यमा अंगुली में ट्राई करें, यदि आपको लगता है कि यह सूट नहीं कर रहा है तो बेशक आप इसे निकाल दें. इसे आप शनिवार के दिन धूप – दीप दिखाकर ग्रहण करें. लोहे का छल्ला घोड़े की नाल से बना होना चाहिए. आप हर रोज संध्या समय में शनि स्तोत्र का पाठ 11 बार पढे, लेकिन रविवार को इसे ना पढे. आपको यह स्तोत्र हमारे ब्लॉग से मिल जाएगा. मंगल की अन्तर्दशा है तो आप रोज शाम को हनुमान चालीसा का पाठ भी करें. सुबह के समय आप अष्टलक्ष्मी प्रणाम मंत्र जरुर पढ़े, यह भी आपको हमारे ब्लॉग से मिल जाएगा. नौकरी आपको मिल जाएगी बस थोड़ा सा समय ओर लग सकता है लेकिन आपको जो उपाय बताए हैं उन्हें आप अवश्य करें.

  127. नमस्कार !

    आपकी जन्म कुण्डली में अभी शनि/राहु/चंद्र की दशा चली हुई है. जिस भाव से पेट का आंकलन किया जाता है उसका स्वामी मंगल है जो आपकी कुण्डली में नीच राशि में लग्न में राहु के साथ है. दूसरे दशा भी अनुकूल नहीं हैं. राहु की अन्तर्दशा फरवरी तक रहेगी और जब यह निकल जाएगी तब मानसिक तनाव भी काफी हद तक कम हो जाएगा. आप एक मूंगा तांबे में बनवाएँ और शुक्ल पक्ष के मंगलवार को दाएँ हाथ की अनामिका अंगुली में पहन लें. इससे आपको काफी लाभ होगा और साथ ही आप संकट मोचन हनुमान जी का पाठ भी संध्या समय में करें. सरकारी अनुकरी के चांस बहुत कम हैं.

  128. नमस्कार !

    आप अपना क्लिनिक भी खोल सकते हैं. आपको जो उपाय बताएं है आप उन्हें करें तो सही, तभी कुछ लाभ होगा.

  129. नमस्कार !

    आप दोनों को राहु का मंत्र “ऊँ रां राहवे नम:” रात में 108 बार करना चाहिए. साथ ही आप शिवलिंग पर रोज जल अर्पित करें और सोमवार के दिन एक लीटर दूध भी जरुर चढ़ाएँ. इसके साथ ही आपको रोज विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ सुबह या शाम को जरुर करना चाहिए. आप चंदन की चीजों का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें. अपने घर औऋ आफिस में अपने आसपास की सफाई का ध्यान रखें. घर में जाले आदि ना लगने दें और सामान को बिखराकर ना रखें. रात में सोने से पहले आप अपने पैर धोकर सोएँ और चादर को भी एक बार जरुर झाड़ लें. आपकी पत्नी जब शिवलिंग पर जल दें तो 108 बार “ऊँ नम: शिवाय” का जाप करें. जब तक राहु की दशा चलेगी तब तक आपको साल में एक बार रुद्राभिषेक भी कराना चाहिए. यह रुद्राभिषेक आप शिवरात्रि पर करा सकते हैं या सावन के महीने में करा सकते हैं.

    आप अपने संबंधों को लेकर नाहक ही परेशान हो रहें और ज्यादा ही सोच रहे हैं. जब दो लोग साथ रहेगें तो बाते भी होगी और जब बातें होगी तो बहस भी होती ही रहती है, इसलिए ज्यादा तूल ना दिया करें. बेहतर यही है कि आप इसे अनदेखा करते रहें क्योंकि संबंधों में मधुरता लानी है तो किसी एक तो समझौता करना ही होता है अन्यथा आप जीवन में कभी सुखी रह ही नहीं सकते हैं. बहस होते रहना मुझे नहीं लगता कि बहुत बड़ी कोई समस्या है. अपने घर में भी कितनी बार बहन भाईयों में या फिर माता – पिता के साथ बहस हो ही जाती है. मित्रों के साथ भी ऎसा हो जाता है, लेकिन इसे ईगो नहीं बनाना चाहिए. एक बार ही लाईफ मिलती है उसे टेंशन में क्यूँ निकाला जाएं इसलिए अच्छा यही है कि जो हालात है उसमें ही आपको सकारात्मकता ढूंढनी चाहिए वरना जिन्दगी बदतर हो जाएगी. आप खुद को बदलने का भी प्रयास करें. बहस का क्या है वो तो चलती रहती है उसे भी एंजोय करना सीखें. 🙂 🙂

  130. नमस्कार !

    आपकी जन्म कुण्डली में अभी बुध में शुक्र की अन्तर्दशा चली हुई है जो 14 जुलाई से शुरु हुई है जो आपके लिए बिलकुल भी ठीक नहीं है. शुक्र आपकी कुण्डली के लिए खराब ग्रह हैं और दशम भाव में स्थित हैं, जहाँ से हम व्यवसाय देखते हैं. जब आठवें भाव का स्वामी दशम भाव में स्थित हो तब व्यवसाय से संबंधित काम सफल कैसे होगा? साथ ही आपकी जाती हुई साढेसाती का असर भी है. कुण्दली में आपका छठा भाव भी अभी गोचर में पीड़ित चला हुआ है इसलिए नौकरी से संबंधित समस्याओं से दो-चार आपको होना पड़ रहा है. आप बुध का उपाय भी करें क्योंकि बुध की दशा जो चली हुई है. आप हर रोज सुबह गणेश स्तोत्र का पाठ करें और हर रोज सुबह या शाम को बुध का मंत्र “ऊँ बुं बुधाय नम:” का जाप 108 बार करें. जो आप शनि के लिए कर रहे हैं वो करते रहिए.

    आपने राहु जाप क्यूँ करवाया, ये समझ नहीं आया? क्योंकि राहु की दशा तो है ही नहीं. हाँ राहु व गुरु एक साथ जरुर हैं कुण्डली में लेकिन जहां राहु स्थित हैं वो अच्छी जगह हैं. गोचर में आपके राहु के ऊपर से अभी गुरु भ्रमण कर रहे हैं और समस्या आपकी तब बढ़ सकती है जब आपकी कुण्डली के राहु/गुरु के ऊपर से अभी राहु गोचर करेगें. आपको गुरु को मजबूत करना चाहिए क्योंकि जन्म कुण्डली में गुरु व राहु एक साथ हैं और गोचर के गुरु के साथ राहु जनवरी 29 से आ जाएंगे. तब गुरु और पीड़ित हो जाएंगे. तब आपको कार्यस्थान पर अधिक परेशानी बढ़ सकती है इसलिए आप गुरु को बली करें. आपको रोज शाम को तीन बार नारायण कवच का पाठ करना चाहिए. आप नहीं कर सकते तो अपनी पत्नी को कहिए वो भी कर सकती है लेकिन करिए जरुर. जो गरीब बच्चे हैं जिनके पास किताबें खरीदने के पैसे नहीं हैं उन्हें किताबें दान करें. बुधवार के दिन हरा चारा गाय को खिला सकते हैं या गऊशाला में दान कर सकते हैं. बृहस्पतिवार के ताजे आटे से बनी एक रोटी गाय को खिलाएँ.

  131. Thanks Madam
    I did Rahu jaap in Dec 2014 and hawan on 15 Jan 2015 after my wife suffered miscarriage and some pandit said its coz of Rahu in my Kundli.
    Narayan kawach is too long and in sanskrit, can OM NAMO BHAGWATE VASUDEVAYE chant work

  132. Namastey mam,
    I am Sumit s/o Shri Harpal Singh
    D.o.b-20.07.1977
    Time-15:20
    Place – Bullandsahar , U.P.
    And my wife name is Uma
    D.o.b- 29.06.1982
    Place- dayanatpur, Hapur, U.P.
    Madam,
    I left my job in August 2015 to start my own company named HSBP and started the work in the field of civil construction, fabrication of steel and iron etc. But my all investments are stopped and I m still waiting for return. Somewhere I invest more but return is less and still pending. I am in tension , what should I do. My wife is also doing try for job in teaching line but no result, we are in trundle, I m unable to find out the way that where should I move. Some time I think to search job but unable to find out the job also, and some time I feel that be positive all will be right soon.
    So, please tell me that what is going with me and please help and show the right direction.

    Thanks and regards,

    Sumit

  133. अब नारायण कवच जितना है उतना ही होगा ना!! कोई शॉर्ट कट तो है नहीं…फिर बताइए कैसे मैं मदद कर सकती हूँ?

  134. Guru jI
    Pradaam
    Mera naam ritika jain hai.mera dob
    12 March 1984 hai .birth time morning 4:35.birth place hai jaipur.
    Maine psychology me phd kari hai aur main issi me apna career banana chahti hun. Par mere do beton ( 8mths and 6yrs)ki wajah se nai kar pati hu.kisi ne bataya ki rahu ki wajah se hi bacchon ki taraf se pareshan rahti hu.kripya bataiye kya Yeh Sach hai aur iska kya upaya hai.Yeh bhi please bataiye ki mujhe kaise kaam me safalta milegi-naukari ya apna clinic aur khula kaam (free lancing ) …kya main kabhi kuch bada khud se kar paungi. …..

  135. जो उपाय बताए गए हैं उन्हे करना तो आरंभ करें, https://astroprabha.wordpress.com/2012/09/11/%E0%A4%B6%E0%A4%A8%E0%A4%BF-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0-mantra-for-saturn/

    यहाँ क्लिक करें और शनि के पौराणिक मंत्र का जाप 108 बार संध्या समय में करें.

  136. नमस्कार !

    रीतिका आपकी जन्म कुंडली में राहु की दशा नहीं चली हुई है, आपकी जन्म कुण्डली में केतु की महादशा चली हुई है जो आने वाले मार्च तक रहेगी, उसके बाद शुक्र की महादशा आरंभ होगी और शुक्र में आप जैसा कैरियर बनाना चाहेगी बन जाएगा. केतु की महादशा सात साल की होती है और कुण्डली में केतु कितना भी अच्छा क्यूँ ना हो व्यक्ति को चिड़चिड़ापन और टेंशन देता है. और केतु की दशा के साथ आपका ढाई साल का समय शनि की ढैया का भी रहा है. आप बिलकुल परेशान ना हो दशा अब खतम हो ही रही है. दशा खतम ये मत समझना कि एकदम से काया पलट हो जाएगी. धीरे-धीरे आपकी सेटिंग हो ही जाएगी.

    आपकी मर्जी आप किस तरह से काम करना पसंद करेगी क्योंकि जब दशा अच्छी हो तो तब हर काम सफल होता ही है और जब दशा अच्छी ना हो तब आदमी की उम्मीद वैसे ही कम रह जाती है और तब यही सोचता है कि कौन सी लाईन पकड़ूँ? ताकि सफल हो जाए. आपकी दशा मार्च के बाद से बदल रही है इसलिए आप यह देखें कि बच्चो का ध्यान रखते हुए आपके लिए क्या करना ठीक रहेगा. आप चाहे तो आरंभ में फ्री लांसिंग कर सकती है और फिर धीरे – धीरे आगे बढ़े. बाद में अपना क्लिनिक भी चला सकती है जब आपको लगे कि छोटा बच्चा भी कुछ बड़ा हो गया है. आप कुछ भी करेगें, उसमें एक मुकाम अवश्य ही पाएंगी. अभी मार्च तक आप चंदन से बनी वस्तुओं का उपयोग करें क्योंकि गोचर में अभी केतु पीड़ित हैं जिससे आपका दिमाग ज्यादा तनाव से भरा रहता है. चंदन की धूप को संध्या समय में जलाकर पूरे घर में घुमाएँ जिससे नकारात्मकता कम हो.

  137. नमस्कार !

    राहु में शनि का समय चला हुआ है और राहु/शनि/राहु ने आपको गलत राह दिखाई जिससे नौकरी छोड़ आप बिजनेस में आ गए. दशा तो चलो कोई नहीं लेकिन शनि की अन्तर्दशा के साथ शनि की ढैया भी चली हुई है जो अभी सवा साल ओर रहेगी. इसी वजह से आपको अधिक परेशानी है. सारे ग्रह कुण्डली के एक साईड है औऋ अगर दूसरे ज्योतिषियों की भाषा में कहूँ तो आपकी कुण्डली में कालसर्प दोष बना हुआ है और राहु की ही महादशा भी है. आपकी कुण्डली में जुलाई से ही व्यवसाय भाव एक्टिव था जिससे व्यवसाय को लेकर कुछ ना कुछ तो होना ही था और हुआ ये कि नौकरी चली गई. अभी कि प्रत्यंतर दशा भी ठीक नहीं कही जा सकती है और अप्रैल मध्य बाद ही कुछ परिवर्तन देखे जा सकते हैं उससे पहले कुछ खास नहीं. कोई अचानक से लाभ लग जाए तो लग जाए वरना अप्रैल से पहले मुश्किल है.

    आपको राहु के मंत्रों का जाप रोज 108 बार करना चाहिए. राहु का नाम मंत्र या पौराणिक मंत्र हमारे ब्लॉग से आपको मिल जाएगा. साथ ही आप साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें. शनिवार के दिन आप कोढी लोगों को दान करें. चंदन का तिलक लगाएँ. बिजनेस चलाना है तो आफिस में सुबह के समय 11 बार गणेश स्तोत्र का पाठ रोज करें.

  138. Meri janm date 6-2-1995and time 7:30am birth place champawat uttrakhand he pandit g aap mere bare me kuch btaeye me sarir se bahut kamjor hu pdai me man nhi lagta koi mantra ka upaye btaye aapki but kirpa hogi dhanyabad

  139. Guru jI
    Pradaam
    Mera naam Devendra hai.mera dob
    30 Oct 1982 hai .birth time 12:15 pm birth place hai Dehradun.
    Maine Aapke bataye anusar rahu ka jaap Kiya hai but Kuch safalta hoti Nahin dikh rahi . Please Kuch suggest karein mein Bahut mushkil daur se gujar raha hoon on personal front. Marriage ka Pata Nahin aur job mein bhi Kuch khas Nahin ho raha. Please bataye Ye kab Theek hoga aur marriage hone ke Kab tak chance hain .

  140. namaskar madam ,mera dob 30nov1982 hai birth time night ke 10 baje hai birth place vaishali district in bihar hai. mai raat ko sote samay bahut dukhswapn dekhta hu mai pcs kityari karta hu pahle khoob study karta tha lekin ab bahut iksha hota hai ki study karu lekin kar nahi pa raha please mera margdarshan kare mera samay thik nahi chal raha aisa mujhe lagta hai mai pcs me saflta ke liye sadi v avi nahi kiya hu please rasta dikhaye

  141. Aapko bahott bahott dhanyawad ye sun kar achha laga ki abhi, tanaav kharab dasha ki wajah se hai aur isse mukti hone wali hai..Aap bahott achha kaam kar rahi hain pareshan aur dukhi logon ki sahayata karne se bada punya is dharti par nahi hai..chahega ye sahayata mansik hi kyun na ho…God bless you.

  142. नमस्कार !

    आपकी जन्म कुण्डली में अभी राहु में चंद्र की दशा चली हुई है जो आपको नकारात्मक ऊर्जा प्रदान कर रही है. राहु तथा चंद्र दोनो आपको कमजोर बना रहे हैं, सपने भी इसी कारण बुरे आते हैं. चंद्रमा मन है और राहु मन को भटकाने का काम कर रहा है. आपका चित्त स्थिर नहीं रहता है. मन उड़ा – उड़ा सा रहता होगा. राहु की यह दशा समाप्ति की ओर हो गई है, चंद्रमा के बाद मंगल की अन्तर्दशा आएगी तब आप अपना मन भी अच्छा महसूस करेगें. अभी तकरीबन एक वर्ष की दशा आपको नकारात्मकता दे सकती है लेकिन उसके बाद आने वाली दशाएँ आपको अच्छै फल प्रदान करेगी. राहु की महादशा अभी 2 साल की बची हुई है तब तक आप कुछ बातों का ध्यान रखें. जैसे कि अनजान लोगों से कुछ भी लेकर ना खाएँ जैसे प्रसाद आदि. वैसे आप बाहर से मिलने वाला प्रसाद बिलकुल ही ना खाएँ. रात में सोने से पहले अपना बिस्तर जरुर झाड़े और अपने पैरों को बहुत अच्छे से धोकर ही सोने जाएँ. किसी पेड़-पौधे के नीचे कभी मूत्र त्याग ना करें.

    आप राहु के मंत्र की एक माला रोज रात में 108 बार करें. चंदन का तिलक सुबह रोज लगाएँ. प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ 7 बार करें. आपकी समस्या काफी हद तक ठीक हो जाएगी.

  143. नमस्कार !

    आपकी कुण्डली में शुक्र में बुध की दशा चली हुई है. शुक्र पांचवे भाव को देख रहा है और बुध खुद पंचम का स्वामी है. आपका मन पढ़ाई में कैसे लगेगा? क्योंकि पढ़ाई का स्वामी बुध वक्री होकर अपने भाव से आठवे में स्थित हैं. जहां सप्तम भाव का स्वामी सूर्य भी स्थित है. आपको घूमना फिरना, फिल्मे देखना या मौज मस्ती करना ही ज्यादा भाता है. सपने बहुत देखते हो कि क्या से क्या हो जाए!! आपकी मेष राशि है और केतु साथ में है जिससे आप सुनते कभी नहीं किसी की भी. अपने मन के मालिक हैं आप, कोई कितना भी समझाएँ आपको करना वही है जो आपके दिमाग में है. मेष राशि होने से आप पतले हैं क्योंकि यह अग्नि तत्व राशि है तो आग वाला व्यक्ति मोटा कैसे हो सकता है!! आपका ध्यान अगर प्रेम संबंध चलाने में भी है तो कुछ समय इसे लगाम दे क्योंकि एक वजह यह भी है कि आपका ध्यान पढ़ाई में भटकता रहता है. अभी शनि की ढैया भी चली हुई है इसलिए समय अनुकूल नहीं है तो प्रेम संबंधों में कुछ ऎसा ना करें जिससे बदनामी हो.

    अभी शुक्र की महादशा चली हुई है जो 8 मई 2018 तक रहेगी, तब तक आप शुक्र संबंधी कुछ काम करें जैसे कि एक माला शुक्र के मंत्र की करें और मंत्र जाप नहीं कर सकते तब आप किसी काणे व्यक्ति को अर्थात एक आँख वाले व्यक्ति को शुक्रवार के दिन भोजन कराएँ. यदि आपको ऎसा व्यक्ति ना मिले तब आप अंध विद्यालय में दान कर सकते हैं. बुध की पीड़ा के लिए आप एक सोने का लॉकेट बनवाएँ और उस पर बुध यंत्र खुदवाएँ और दूसरी ओर बुध का मंत्र “बुं बुधाय नम:” खुदवाएँ और इसे किसी अच्छे पंडित जी से इसे बुधवार के दिन प्राण प्रतिष्ठित करवाकर गले में धारण कर लें.आपको अत्यधिक लाभ होगा.

  144. आप थोड़ा धीरज तो रखिए, कुछ बीमारी बड़ी होती हैं कुछ छोटी होती है, उनके लिए कितने पैसे लगाते हैं आप लोग और कितने ही चक्कर डॉक्टर के लगाते है!! ज्योतिष कोई जादू नहीं है कि छड़ी घुमाई सब ठीक. जो आपके कर्म है वो आपको भोगने होगें, मंत्र जाप से ये होता है कि आप मजबूत बनते हैं. आपने अमंत्र जाप करा लिए लेकिन क्या आप अभी रोज उन्हें कर रहे हैं? सारा खाना एक साथ खाने पर क्या आप दुबारा नहीं खाते है? खाते हैं ना………..इसी तरह से एक बार सारे मंत्र जाप कराने के बाद फिर खुद एक माला रोज करनी पड़ती है. राहु का काम ही है मन को भटकाना….और आपका वही हो भी रहा है.

    ये ब्लाँग पूर्ण रुप से फ्री है ताकि सभी कुछ लाभ उठा सकें लेकिन एक बार उत्तर देने पर भी कई लोग बार बार प्रश्न पूछते रहते हैं. आप सभी से अनुरोध है कि दूसरों को भी मौका दें. एक प्रश्न का उत्तर देने में ही एक घंटा लग जाता है इसलिए बार – बार प्रश्न ना करने का अनुरोध मेरा आप सभी से है.

    धन्यवाद !

  145. Namaskar Madam,mera margdarshan karne ke liye dhanyabad ,iswar aapko lambi umara de,maine aapke diye bahut sare prasno ka utter padha,ve kafi satya aur vaigyanik lagte hai jinka aaj ke professional yug me kafi abhaw lagta hai,aap isi tarah bhatke aur dukhi logo korasta dikhaye maakali aapko shakti pradan kare thank you mam……

  146. Respected Madam,
    I am Uma Rani
    D.o.b- 29.06.1982
    Time-15:30
    Place- dayanatpur, Hapur, U.P

    I need job and trying for teaching…. But still waiting, when I will getting job? & If I want to enter in the business then what will be the best line of scope.
    Please tell me way to be self depand.

    Thanks

    Uma

  147. नमस्कार !

    किसी जान पहचान वाले की सहायता से नौकरी मिल सकती है, इसलिए आप जरा ऎसे व्यक्ति को खोजिए जो आपकी थोड़ी से सहायता कर सके या आप एप्रोच लगा सकती हैं तो उसके लिए प्रयास करें. आप यदि कोई बिजनेस ही करना चाहते हैं तब अपना कोचिंग सेंटर खोल सकते हैं या होम ट्यूशन का काम भी आपके लिए अच्छा रह सकता है अथवा आप काउंसिंग से संबंधित जाँब भी कर सकते हैं जैसे बड़े बड़े इन्स्टीट्यूट में काउंसर हायर किए जाते हैं जो बच्चो को काउंसिंग देते हैं. इसी तरह के काम आपके लिए ठीक रहेगें. गुरु की महादशा है और गुरु कुंडली में तीसरे भाव के स्वामी हैं तब आपको बार बार प्रयास तो करने ही पड़ेगें. आप गुरुवार के दिन व्रत रखें और नमक ना खाएँ. भोजन में पीली वस्तुओं का उपयोग करें. वीरवार की कथा कहें और केले की जड़ की पूजा करें. आपको अच्छे फल मिलेगें.

  148. श्री/मॅडम ,
    नमस्कार
    मेरा नाम
    अश्विनी दिनेश खडतरे .मेरी शादी 21/3/2011 हुई है. मेरा पती मुझे बहोत परेशान करता था. और अब तो कोर्ट केस भी चल रही है. पतीने मुझसे डिवोर्स मांगा है, मुझे नहीं देना डिवोर्स मुझे चार साल की बेटी भी है , मेरा पति उसे भी देखणे नहीं आता.
    उसके पास बेटी दिया तो देखता तक नहीं राहूकाल भी चल रहा है.
    क्रुपया
    मुझे मागदर्शन करीये .
    जन्म तारीख – 27/03/1985 बुधवार
    जन्म वेळ- 12 (दुपहेर) के
    जन्म ठिकाण- मिरज (महाराष्ट्र)

  149. नमस्कार !

    विवाह के समय से अब तक का जो भी दशाक्रम आपको मिला है वह सही नहीं रहा है. शादी ना भी होती तब अन्य तरह की परेशानियों का सामना आपको करना पड़ता. कुछ ओर तरह के लड़ाई झगड़े या फिर कोर्ट केस आदि का मुँह आपको देखना पड़ सकता था. आपकी राहु की दशा अभी जनवरी में खतम हो रही है.के बाद आपकी गुरु की महादशा शुरु होगी, तब आपका मन थोड़ा सा ठीक हो सकता है. आपके पति के भाव को लेकर आपकी कुण्डली में समस्या है, किसी ओर से भी शादी होती तब भी विवाह सुख में कमी रहनी ही थी. पति भाव का स्वामी गुरु है जो अष्टम भाव में नीच राशि में स्थित है. एक रिश्ता टूटने के योग बनते हैं. आप डिवोर्स नहीं देगी तब भी आपने परेशान ही रहना है. आप कोर्ट केस के जरिए अपना और बेटी का खर्चा माँगे क्योंकि आपके साथ में तो आपका पति रहेगा नहीं, कम से कम आप खर्चा तो मांगना शुरु करें. डिवोर्स इतनी आसानी से होता भी नहीं है. जब आपका पति ठीक ही नही हैं तब उसके साथ रहने से कोई लाभ नहीं है. बेहतर है आप अपना हिस्सा मांगे और आराम से रहें ताकि मानसिक कष्ट के साथ शारीरिक कष्ट से भी आप बची रहेगी. वैसे भी आने वाली दशा में आप अपना काम काज अच्छा चला लेगी.

    यदि आप चाहती हैं कि पति में कुछ सुधार आ ही जाए तब आप वीरवार के व्रत रखें और शाम को भोजन कर लें. भोजन में नमक का इस्तेमाल ना करें. आप सोने के लॉकेट में गुरु का यंत्र बनवाएँ और शुक्ल पक्ष के वीरवार को उसे गले में धारण कर लें. पहनने से पहले इसे गंगाजल से स्नान कराएँ, धूप दिखाएँ फिर गुरु का मंत्र 108 बार पढ़कर इसे गले में पहन लें. साथ ही रोज सुबह के समय विष्णू सहस्त्रनाम का पाठ पढ़े, कभी ना छोड़े. इसे दो-चार महीने कर के देखें, कुछ आराम मिलेगा.

  150. नमस्कार !

    आपने अपना जन्म समय और जन्म स्थान नहीं बताया है? वह भी बताना होगा तभी आपकी कुण्डली बन पाएगी.

  151. आपका जो अपना प्रश्न था उसका विस्तार से जवाब दे दिया गया था लेकिन मुझे सभी का उत्तर देना है पर मैने देखा है एक बार उत्तर देने के बाद कई व्यक्ति धीरे – धीरे अपने परिवार के लोगो की कुण्डलियाँ या जान – पहचान की कुण्डलियाँ भी लाने लगते हैं. आप परेशान हैं तो आपका उत्तर आपको मिल गया है तब आपको संतुष्ट हो जाना चाहिए ताकि बाकी लोगो को भी मौका मिल सके. मै भी आप लोगों की तरह एक जिम्मेदारियों से युक्त व्यक्ति हूँ और बावजूद इसके थोड़ा समय निकाल सभी के प्रश्नों का उत्तर देने का प्रयास करती हूँ ताकि जो वाकई में परेशान लोग हैं वह इसका लाभ उठा सकें. आपका दूसरा प्रश्न वाकई में इतना महत्वपूर्ण था तो आपको पहले उसे पूछना चाहिए था, अपना प्रश्न रहने देते. इसलिए आपके द्वारा मेरे सभी से अनुरोध है कि जो सच में बहुत परेशान है वही यहाँ प्रश्न करें!!

    धन्यवाद

  152. राजेश जी!!

    आपके प्रश्न का उत्तर हो चुका है इसलिए प्लीज एक बार उत्तर मिलने पर बार – बार प्रश्न ना दोहराएँ, अन्य लोगों को भी मौका दें. फ्री का उत्तर मिलने का ये अर्थ नहीं कि आप बार बार एक ही प्रश्न पूछते रहेगें.

    धन्यवाद

  153. आपका प्रश्न क्या था? क्योंकि अभी कोई प्रश्न दिख नहीं रहा है, हो सकता है वो पिछले पेज पर चला गया हो जो ढूंढना मुश्किल है? और अगर आप दोबारा किसी ओर का पूछ रहे हैं तब शायद मै ना बता पाऊँ!!

  154. Absolutely right ….aap sahi hai ki aap ke dwara is priceless service se everybody ko bahut he valuable guidance milte hai ….
    My reason for writing was because, I somehow felt I would get correct, honest answer about my neice regarding her accidents!
    But thank you ki aap ne mere questions ka answer kiya, am very grateful for your time and effort!
    Do keep up this good work …god bless!!
    Namaste,
    Vidya

  155. Guruji
    Parnam my sister name is vishakha srivastava her dob is 18/09/1992 time 7.5 pm place hindaun city rajasthan please tell me when she will get married
    I am having tention.
    Regards
    Shourya

  156. R/P Guru ji ……
    Namskaar.. mene aapse kuch jaan na chaha tha jo uper likha hai. Yadi aapko samay mil gaya ho to kripyaa aap unka jawab mujhe de dijiyega.. aapki bahut kripa hogi… dhanywad …….

    Umesh bindal

  157. नमस्कार !

    आपकी बहन की कुण्डली में विवाह वाले स्थान को लेकर बहुत अच्छा योग अभी कहा नहीं जा सकता है. अभी जनवरी से दशा आरंभ होगी तब शायद कहीं बात बन जाए, लेकिन बातचीत होने पर भी कुछ परेशानियाँ सामने आ सकती हैं इसलिए जो भी रिश्ता देखें उनसे कुछ भी छिपाएँ नहीं और खुलकर बात करें. लड़के वालों को भी बोलें कि वह खुलकर बात करें बाद में किसी तरह की आनाकानी ना करें. दूसरे अपनी बहन से जान लेंम कि उनका कोई अफेयर तो नहीं था? क्योंकि कुण्डली में एक संबंध विच्छेद दिखाई देता है. यदि संबंध विच्छेद नहीं भी होता है तब इनको अपना विवाहित जीवन सुखमय चलाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ सकती है. राहु की दशा चल रही है तो इसके लिए इन्हें रोज शिवलिंग में जल देना चाहिए और 108 बार मृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए. जब तक विवाह पक्का नहीं हो जाता और सुख शांति से निपट नहीं जाता तब तक इन्हें सोमवार के व्रत रखने चाहिए.

  158. नमस्कार !

    आपकी कुण्डली में दशा व गोचर दोनों ही अभी खराब चले हुए हैं. चंद्रमा की महादशा में शनि की अन्तर्दशा चली हुई है और शनि आपकी कुण्डली में पीड़ित हैं और बाधक ग्रह भी हैं. आपकी कुण्डली में सभी ग्रह राहु/केतु अक्ष पर स्थित है जिससे कुण्डली में ग्रहण की सी स्थिति बनी हुई है. चंद्र तथा राहु की डिग्री एक ही है जिससे आप अत्यधिक तनावग्रस्त रहते हैं. आपका मेष लग्न और सिंह राशि है जिससे आप किसी की कभी सुनते ही नहीं है. कोई अच्छी बात भी कहता है तो भी आपको समझ नहीं आती है. साथ ही आपकी कुण्डली में अभी शनि की ढैया का प्रकोप भी बना हुआ है. पितृ दोष भी कुण्डली में बना हुआ है. आप किसी भी तरह से औरतों का अपमान ना करें, सदैव उनका आदर ही करें खासतौर पर माता समान औरतों का. आप रोज संध्या समय में 11 बार शनि स्तोत्र पढ़े. शनिवार के दिन शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएँ लेकिन शनिवार के दिन तेल व दीपक ना खरीदें, ये सब पहले से ही लेकर रखें. चंद्रमा की दशा है तो एक बार आप शुक्ल पक्ष के सोमवार को रुद्राभिषेक अवश्य करा लें. यह शिवलिंग की पूजा होती है और किसी कुशल पंडित को ही पकड़े जो यह करा सके. विधिपूर्वक करने से इसमें 5/6 घंटे लगते हैं. हर पूर्णिमा का व्रत रखें और सत्यनारायण भगवान की पूजा करें. दाएँ हाथ की सबसे छोटी अंगुली में चाँदी में एक मोती धारण करें. रोज सुबह या शाम को 108 बार इस मंत्र का जाप करें :- “विश्व भरन पोषन कर जोई।ताकर नाम भरत असि होई।।” यह मंत्र आजीविका पाने के लिए किया जाता है तो आप इसे जरुर करें.

  159. नमस्कार !

    कुण्डली में सारे ग्रह राहु/केतु के एक साईड हैं और वैसे भी शनि की दशा में व्यक्ति को जरुरत से अधिक प्रयास करने पड़ते हैं. अभी मंगल की अन्तर्दशा को बहुत बढ़िया नहीं कहा जा सकता है. दोनो ही ग्रह मारक भाव में स्थित है और पाप ग्रह में पाप ग्रह की अन्तर्दशा अच्छे फल प्रदान नहीं करती है. आप एक नीली धारण करें, सवा पाँच रत्ती की एक नीली लें और उसे 4/5 दिन अपने पास रखें जब आपको लगे कि यह आपको कुछ नकारात्मकता नहीं दे रही है तब इसे आप चांदी में बनवाएँ और दाएँ हाथ की मध्यमा अंगुली में शुक्ल पक्ष के शनिवार को पहन लें. रोज संध्या समय में शनि स्तोत्र या शनि चालीसा का पाठ करें. यदि आप शनिवार के दिन व्रत रख सकते हैं तों रखें और शाम को उड़द की दाल से बनी खिचड़ी का भोजन करें. लंगड़े अथवा अपाहिज व्यक्तियों को शनिवार के दिन दान – दक्षिणा दें. अपने घर में आप सुबह के समय विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ जरुर करें इससे घर में सुख शांति बढ़ेगी. झूठ बोलने से जितना बच सकते हैं बचें. मांस मदिरा का सेवन यदि करते हैं तो छोड़ दें.

  160. आपने मुझे केवल जन्म तारीख दी है, जन्म समय और जन्म स्थान नहीं बताया है? तब कुण्डली नहीं बन सकती है. आप पूरी जानकारी दे तभी उत्तर दिया जा सकता है.

  161. नमस्कार !

    आपके एक एक कर उत्तर दे रही हूँ. आप समझ नहीं रहे हैं शायद, जो बताया है उसे करना सरल है मुश्किल नहीं. राहु के मंत्रों की जप संख्या 18,000 होती है जो आप किसी कुशल पंडित जी से कराएँ और जब मंत्र जाप की संख्या पूरी हो जाए तब दशांश हवन कराएँ. फिर उसके बाद आपको रोज रात्रि में राहु के मंत्र की एक माला करनी है जब तक की महादशा रहेगी. चंदन से बनी वस्तुओं का अधिक से अधिक उपयोग आप चंदन का तिलक लगा सकते हैं, धूप जला सकते हैं, साबुन इस्तेमाल कर सकते हैं, परफ्यूम लगा सकते हैं और पावडर आदि भी लगा सकते हैं. गणेश जी को विघ्नहर्ता कहा गया है इसलिए उनकी मूर्ति आफिस में रखें और उनकी पूजा से ही दिन का आरंभ करें. सोने से पहले पैर धोने का क्या समझ नहीं आया? बस सोने से पहले पैर धोकर सोना है. शिवलिंग पर सोमवार के दिन दूध चढ़ाना है लेकिन थोडा़ सा ही कच्चा दूध पानी में मिलाकर चढ़ाएँ बाकी दूध वहीं शिवलिंग पर रख दें ताकि किसी के काम आ सकें.

    आपके द्रारा किए जाने वाले कामों में मैं एक एक कर बदलाव बता रही हूँ कि कैसे करना है!

    1) आपने जो पहना है मुझे उससे कुछ नहीं लेना – देना, आपको लगता है कि वह आपके लिए अनुकूल हैं तब पहने रहिए, लेकिन इसके साथ ही आप शिवरात्रि पर रुद्राभिषेक जरुर कराएँ जो कि राहु की दशा में करा लेना चाहिए.

    2) आप जो राहु का मंत्र कर रहे हैं ठीक हैं लेकिन राहु का पौराणिक मंत्र या नाम मंत्र ज्यादा सटीक रहता है. आप देशी घी का दीया यंत्र के सामने जलाते हैं ठीक है लेकिन सुबह के समय मंत्र जाप ना करें क्योंकि पाप ग्रहों के मंत्र जाप शाम को या रात में किए जाते हैं और आपके पास समय नहीं है तब आपकी पत्नी आपके लिए कर सकती हैं. एक बार वह संकल्प लें कि ये मंत्र आपके लिए करना है तब उसके बाद रोज कर सकती हैं. शादी नहीं हुई है तब आपकी माताजी भी आपके लिए मंत्र पढ़ सकती है. धूप आपको मैने चंदन की जलाने को कहा है जिससे राहु की नकारात्मकता घर से दूर हो.

    3) जहाँ तक मुझे जानकारी है तो शिवलिंग घर में रखा ही नहीं जाता है और यदि शिव पंचायत आपने रखी भी है तब उनकी प्राण प्रतिष्ठा किए बगैर आप घर में कैसे रख सकते है? साथ ही अंगूठे से बड़ी मूर्ति पूजाघर में रखी ही नहीं जाती है. आप बाहर शिव मंदिर में ही जाकर जलाभिषेक करें जो कि प्रतिष्ठित मंदिर होते हैं.

    4) आप गणेश जी की पूजा करते हैं अच्छा है.

    5) अगर आपने घर में शनि जी का चित्र लगा रखा है तब उसे तुरंत हटा दीजिए, ये दुखो के कारक हैं. घर में आप शनि को निमंत्रण दे रहे हैं. आज से कुछ साल पहले तक शनि मंदिर थे ही नहीं. शनि को लोग दूर रखते थे, बुलाते नहीं थे. अब भेड़्चाल हो गई है शनि मंदिर जाने की. कमाने का जरिया है और कुछ नहीं. वैसे तो आप शनि मंदिर नहीं जाएं और अगर जाना चाहते भी हैं तब आपको उनके चरणों में देखना है भूलकर भी उनकी आंखों में नही देखना. शनि की दृष्टि खराब होती हैं जहाँ पड़ती हैं वही नुकसान करती है. भगवान गणेश का सिर धड़ से अलग भी उनकी दृष्टि के कारण ही हुआ था.

    आप शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीया जलाएँ और दीया व तेल घर से ही लेकर जाएँ, शनिवार को खरीदें नहीं.

    6) हनुमान जी के दर्शन ठीक है.
    7) गाय को चारा खिलाना भी ठीक है.

    1)आपने जो जाप किए ठीक हैं लेकिन दशांश हवन भी होना चाहिए और आपको नाम मंत्र ही करने चाहिए. आप जो कर रहे हैं वह तांत्रोक्त मंत्र हैं. आपका विश्वास अगर तांत्रोक्त मंत्र करने में है तब वही कीजिए क्योंकि बात आस्था तथा विश्वास की होती है.

    2) आप लोग जो भी नाम रखना चाहें रख लें क्योंकि जब दशा अच्छी होती है तब सब अच्छा ही होता है और जब दशा ही ठीक नहीं होगी तब कुछ अनुकूल नहीं होगा. आपके मित्र की कुण्डली में भी शनि में शुक्र चला हुआ है और आपका राहु में शुक्र. ये दोनो दशाएं जीवन में उलट – पुलट काने वाली होती हैं. आप दोनो की कुण्दलियों में अभी कुछ समय और लग सकता है काम जमने में.

    3) आपको कर्जा उतारने का जो पाठ मैने कहा है वो करें और साथ ही आप गजेन्द्र मोक्ष का पाठ करें. यदि आपके पास समय नहीं है तब इन दोनो पाठों को श्रीसूक्तम और गजेन्द्र मोक्ष, को इंटरनेट से अपने मोबाईल में डाउनलोड कर लें और आराम से अपने आफिस में सुन लें.

    4) दूसरी संतान के लिए अभी रुक जाएँ, जून के बाद खुद ब खुद योग बन जाएंगे.

    5) राहु आठवें भाव में स्थित है तब आसानी से काम बन ही नहीं सकते हैं. जीवन में उतार चढ़ाव तो रहेगे ही. आपको घर से दूर रहकर काम करना चाहिए और सदा हनुमान जी को याद कर काम शुरु करें और दिन रात हनुमान चालीसा मन ही मन जपते रहे.

    6) जब दशा ठीक ना हो तब नुकसान ही होता है और वैसे भी जन्म कुंडली में चंद्रमा अकेला स्थित हैं इसलिए आपको अप डाउन आते रहते हैं और कुण्डली में ही है कि जीवन में एक बार काफी संघर्षों से निकलना होगा.

    7) जब तक आपका कर्जा ना उतर जाए तब तक आप श्रीसूक्तम का पाठ करें और आपको ऊपर मैने कहा भी है कि आप इसे डाउनलोड कर के सुन भी सकते हैं.

    आपके प्रश्न बहुत थे और इन्हें करने में मुझे कम से कम 3 घंटै चाहिए थे. दोनो कुण्डली देखना फिर आपका प्रश्न बार बार पढ़ना फिर उत्तर लिखना.

    वैसे तो मेरी ये अभी फ्री की सर्विस है लेकिन आप अपनी मर्जी से जो चाहे दक्षिणा दे सकते हैं. जिसे आप मेरे अकाऊंट में जमा करा सकते हैं.
    धन्यवाद !
    Name – Chander Prabha
    Bank account – 0191104000090234
    Bank name & Branch – IDBI BANK-LAJPAT NAGAR
    IFSC code – IBKL0000191
    Registered address – 54, RING ROAD, LAJPAT NAGAR – III, NEW DELHI NEW – 110 024

  162. Adarniya, my name is Sameer Asthana, DOB 03 Oct 1976, place Lucknow. Time 03:20 am. Kundali me angarak yog hai. Last 3 saal me rank Ho gaya hu. 2 saal se job nahi hai. Sab kuch Bik gaya. Karje Sar chadh Gaye. Job interview ke sare rounds clear krne ke baad bhi kuch na kuch rukawat aa jati hai. Kripya Koi satik upaye bataye. Koi stone nahi le sakta, financial condition theek nahi hai.

  163. नमस्कार !

    आपकी जन्म कुण्डली में दशाक्रम अभी ठीक नहीं है और अंगारक योग जिस भाव में बनता हैं उसी से संबंधित फल भी देता है. आपकी कुण्डली में तीसरे भाव में बनता है तो छोटे भाई बहन नहीं होने चाहिए और अगर हैं भी तो आपकी उनसे निभती नहीं होगी अर्थात संबंध कसैले होने चाहिए. आपकी कुण्डली में गुरु की महादशा चल रही है और गुरु वक्री अवस्था में आपके व्यवसाय भाव में स्थित है. गुरु एक अच्छे तो एक बुरे भाव का स्वामी है तो कैसे आपको अनुकूल फल दे सकता है? ऊपर से अभी गुरु व शुक्र एक दूसरे से षडाष्टक योग में स्थित है. वक्री ग्रह की दशा में वैसे भी व्यक्ति को बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. आपकी कुण्डली में केमद्रुम योग बन रहा है जो अकेले चंद्रमा से बनता है इसमें व्यक्ति को एक बार जीवन में संघर्षौ से होकर निकलना पड़ता है जो आपके साथ भी हो रहा है. अभी आप रोज सुबह या शाम किसी भी समय को फिक्स कर लें और उस समय मृत्युंजय मंत्र का जाप 108 बार जरुर करें. साथ ही अभी रोज तीन बार नारायण कवच का पाठ भी करें. आपको लाभ होगा. बृहस्पतिवार के व्रत रखें और नमक ना खाएं. आप ये सब करना आरंभ करें काम बनेगा. अगली बार जब भी आप इंटरव्यू देने जाएँ तब अपने साथ पॉकेट में एक बेल का पत्ता जरुर ले जाएँ, बेल का एक पत्ता तीन पत्तो से जुड़ा होता है जो शिव भगवान का प्रतीक माना गया है, इसे आप अपने साथ ले जाएं और मन ही मन ऊँ नम: शिवाय का जाप करते रहे जब तक कि आपका इंटरव्यू नहीं हो जाता. जब भी आप इंटरव्यू दे तभी आप इसी प्रक्रिया को दोहराते रहें.

  164. Adarniya jyotishacharya ji,
    Bahut bahut hardik aabhar. Chote Bhai bahen nahi hai. Sab muzhse bade hai aur paraspar bahut sneh aur prem hai. Kripya batane ka kasht Kare ki kab tak aarthik stithi theek hogi aur karz se mukti milegi..

  165. Namaskar mam, My name is davinder kumar dob is 12.09.1977. place khanna distt ludhiana punjab. time of birth is 10.20 am. mene 2 sal pehle stock market ka kam kiya tha aa me 20 lakh ke karj me fas chuka hu . suicide ka man hota hai kya kru pls guide. sare raste band ho chuke hai . pls pls pls reply. bhut jyada disturb hu

  166. Dear Ma’am,

    Can you please look let me know whether I should continue my job or should start own business (which I always wanted). Current job situation is not good.

    My details:
    DOB – 13/07/1985
    TOB – 21:15

  167. Mam
    Namaste
    My name is ajit.I am working as an officer in indian railways.2015 mere liye bahut hi tension bhara aur kashtkar raha, office ki problems ke chalte mera transfer bhi ho gaya. Ab main ye janana chahta hu ki kya aage bhi samay kharab hai, agar haan to kripya upaaya bataye .kya nikat bhavishya me transfer ke yog hain??mera ghar rajasthan me hai, kya wahan transfer leke rehna mere liye jyada labhdaayak hoga ,ya andhra pradesh matlab dakshin bharat hi theek hai. ?date of birth 8th May 1979 .place jaipur. Time 8:00 pm evening.

  168. जब तक गुरु में शुक्र की अन्तर्दशा है तब तक तो आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं कही जा सकती है. आपको जो बताया गया है वो करना आरंभ करें, हो सकता है कि आपको कोई हल नजर आए.

  169. नमस्कार !

    आपकी दशा पहले चंद्रमा की चल रही थी जो दस साल तक की थी और जाती हुई दशा के साथ शनि की ढैया का प्रभाव आरंभ हो गया जिससे आपको इतना नुकसान हुआ. दूसरे आप ख्वाब बड़े बड़े ही देखते हैं और अजीब सा दिमाग रखते हैं जिससे दूसरो की बात आपको बहुत अच्छी नहीं लगती है. मन हवा की तरह उड़ता रहता है, बिना लाँजिक के बात ज्यादा करते हैं. आप कई बार बहुत अव्यवहारिक हो जाते हैं. अभी पिछले दिसंबर से मंगल की दशा आरंभ हो चुकी है जो मारक ग्रह बनता है आपकी कुण्डली में लेकिन धन देने वाला भी है पर छठे भाव के स्वामी गुरु के साथ स्थित होकर धन योग को भंग भी कर रहे हैं.

    अभी मंगल में राहु की दशा आपको ज्यादा मानसिक तनाव दे रही है और साथ ही शनि की ढैया का प्रभाव भी है. राहु आपको आत्महत्या के लिए उकसाने का काम कर रहा है जो कि सही नहीं है. आप वाकई में इस समस्या से निकलना चाहते हैं तब एक एक लोहे का छल्ला अपने दाएँ हाथ की मध्यमा अंगुली में शनिवार के दिन पहन लें. हर शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएँ लेकिन तेल व दीपक घर से लेकर जाएँ उस दिन नहीं खरीदें. आप रोज सुबह या शाम को तीन बार नारायण कवच का पाठ जरुर करें और कर्जों से मुक्ति के लिए आप ऋण मोचक मंगल स्तोत्र का पाठ रोज करें. मंगलवार को हनुमान जी के मंदिर जाएँ और पूजा करें.

  170. नमस्कार !

    जिस समय आपका तबादला हुआ है उस समय का ग्रहों की चाल तथा दशा आपके विपक्ष में थी और अभी भी बहुत अच्छा समय नहीं कहा अज सकता है क्योंकि 29 जनवरी से राहु राशि बदलकर आपकी कुण्डली के व्यवसाय भाव में आ जाएंगे जो डेढ साल का समय होगा. यह आपको समझ बूझ से निकालना होगा. अभी आप जहाँ हैं वहाँ शांति से बने रहें और अपने उच्चाधिकारियों से बहस से बचें. आपकी कुण्दली में अभी घर के सुख का अभाव है इसलिए दूर रहना ही सही है. अगर आप दक्षिण भारत में है तो वही रहें. जून के बाद आपको थोड़ी राहत मिल सकती है लेकिन अभी चुप ही रहें. और हाँ आपकी नौकरी पर खतरा भी मंडरा रहा है इसीलिए अभी चुप्पी बेहतर है. मन को शांत रखें क्योंकि आप केवल अपनी ही चलाने वाले व्यक्ति हैं और बहस भी अच्छी कर लेते हैं लेकिन जिस बहस से नुकसान हो वह नहीं करनी चाहिए. आप अभी कुछ समय विष्णू जी की पूजा करें और हनुमान चालीसा रोज पढ़े.

  171. आदरणीय चंद्र प्रभा जी,
    मेरा नाम संतोष कुमार रस्तोगी है मै वकील हू मेरी जन्म तिथि 22/12/1978 जन्म समय 05:05 संध्या काल तथा स्थान झांसी है मेरे जीवन मे पिछले 18 वर्ष से राहु काल चल रहा है मै प्रॉपर्टी के कार्य मे जाना चाहता हू काफ़ी समय से प्रयासरत हू पर जो भी कार्य करता हू पूरी मैहनत करता हू पर अंत मे वो कार्य पूरा नही हो पता ओर मेरी सारी मैहनत, धन वा समय सब बैकार हो जाता है . मैरा विवाह भी बड़ी मुशकिल से हुआ तीन वर्ष हो चुके है पर अभी तक संतान सुख प्राप्त नही हुआ. एक बार पत्नी गर्भवती भी हुई पर बैबी नली मे फसा होने के कारण उसकी फैलॉपीन ट्यूब फॅट गई पत्नी तो भगवान की करपा से बच गई पर एक ट्यूब निकल गई. मेरे जीवन मे कुछ भी सही नही होता ना ही कोई काम पूरा होता है. करपया कर मार्ग दर्शन करे. आप की अति करपा होगी. धन्यवाद

  172. नमस्कार !

    राहु की महादशा चली हुई है और राहु तीसरे भाव में स्थित है. तीसरे भाव का अर्थ है कि एक ही काम के लिए अधिक बार प्रयास करना और ज्यादा से ज्यादा घूमना, हाथ बहुत कम आना. फिर आपका भाग्य भाव तथा भाग्येश भी राहु से पीड़ित हो गए हैं जिससे भाग्य भी कम ही साथ देता है. लेकिन अभी सितंबर तक ही दशा बची है उसके बाद आपको फल ठीक मिलेगें. प्रॉपर्टी का काम आप गुरु की दशा में ही करें. अभी आपकी कुण्डली में ग्रहों का गोचर व दशा दोनो प्रतिकूल चल रहे हैं. जब दशा अनुकूल ना हो तब कुछ समय शांत रहना चाहिए. आपकी कुण्डली में शनि की दृष्टि संतान भाव पर आ रही है और संतान का कारक ग्रह गुरु भी पापी मंगल से दृष्ट है. आप संतान के लिए गोपाल सहस्त्रनाम का पाठ करें. सितंबर तक अभी राहु की दशा रहेगी तब तक आप राहु के पौराणिक मंत्र का जाप 108 बार रात्रि में करें. मंगलवार को हनुमान जी को बूंदी का भोग लगाएँ.

  173. चंद्र प्रभा जी नमस्कार,
    उत्तर के लिए आप का बहुत – बहुत धन्यवाद, प्लीज़ ये भी बता दे की क्या मेरी कुंडली मे संतान योग है

  174. namaste mam
    Name -pankaj singh
    Dob-29/10/84
    Tob- 9:50
    Place-bagpat u.p

    mam मैं एक ngo चलाता हूं पिछले 2 सालो से शुरू मे अच्छी income हो रही थी लेकिन अचानक पता नही क्या हुआ मै दिन पर दिन लोस मे जाता जा रहा हू और सब लोग मुझे छोड़कर मुझसे दूर जा रहे है और कमाल की बात ये है मैं कुछ भी क़ाम करता हू उस काम मे नुकसान के अलावा कुछ नी मिलता है plzz mam help me कुछ मूझे भी बता दो अब मै क्या करू

  175. नमस्कार !

    जन्म कुण्डली में अभी दशा अनुकूल नहीं है और बिजनेस करने के योग भी नहीं बन रहे हैं. आप नौाकरी को लेकर परेशान हैं तो बदल लीजिए लेकिन अभी बिजनेस नहीं शुरु करें. कुछ सोचना है बिजनेस को लेकर तो जुलाई के बाद सोचना अभी नहीं. राहु का मंत्र जाप करें और दिमाग को सही दिशा में ले जाएँ, गुस्सा कम करें.

  176. जी हाँ, आपकी कुण्डली में संतान योग है लेकिन अभी दशा अनुकूल नहीं है इसलिए आपको सितंबर तक इंतजार करना चाहिए.

  177. deepika saini
    DOB- 20 May 1985
    Time- 00:25 am (mid night)
    Place- Saharanpur (U.P)

    Husband ki job 2 saal se disturb chal rahi hai. pichle 9-10 month se job nahi hai. i am working and usi se sab chal raha hai. karz kafi ho gaye hai sar pe. please bataye ki kab tak karzo se mukti milegi, financial condition kab theek hogi. bacche kab tak honge. apna makaan kab hoga??

    thank you

  178. Mera nathankume vandana pandey h…date of birth 01/06/1990 ..birth place Delhi..birth time 6 :15 pm evening. M ye janna chahti hu ki meri govt job kab tk lgegi….m 3 sal s govt job ki tyari kr rhi hu.abhi muje rahu m guru ki dasha chal rhi h.kripya btaye.thanku

  179. Mera name vandana pandey h..my date of birth 01/06/1990 h..birth time 6:15 pm in Delhi h..m tin sal s govt job ki tyari kr rhi hu…lekin muje abhi tk job nhi mili.muje kab tk govt job mil paygi….please btaiye ..muje rahu mhadasha m guru ki anterior dasha chal rhi h.m bhut preshan hu.

  180. आपका उत्तर एक बार हो चुका है तब आप बार बार प्रश्न ना करे, दूसरों का उत्तर देने का भी मुझे समय दें. एक बार में केवल एक ही व्यक्ति का उत्तर दिया जाएगा. हर बार एक नया प्रश्न आप सामने ले आएंगे तब दूसरो का उत्तर कैसे दे पाएंगे हम लोग? इसलिए आपके प्रार्थना है कि आप परेशान ना हों और अनुकूल समय की प्रतीक्षा करें.

  181. नमस्कार !

    आपकी वर्ष कुण्डली में तो नजर आ रहा है कि सरकारी नौकरी इस वर्ष लग सकती है लेकिन जन्म कुण्डली की दशा बहुत बढ़िया नहीं कही जा सकती है. आप अभी फिलहाल रोज एक माला मृत्युंजय मंत्र की करें जब तक राहु में गुरु रहेगा तब तक. साथ ही आप प्रतिदिन सूर्य भगवान को जल दें और जल में कुछ दाने चीनी के मिला लें और जल देते समय “ऊँ घृणि सूर्याय नम:” का जाप करें. थोड़ा समय और लग सकता है नौकरी लगने में अभी.

  182. आपके पति की कुण्डली देख के बता दिया गया था आप कुछ समय इंतजार तो कीजिए और जो बताया गया है उसे करना आरंभ करें. एकदम से कुछ नहीं बदलेगा धीरे-धीरे ही परिवर्तन होगा.

  183. Namaskar MAM
    Mera naam Sanjeev kumar mandal hai. Mera birth detail hai 16/3/1991… 1:25 pm, Madhubani district, Bihar…

    Mam mera confidence level zero hai, Mai 1 year se government job ki preparation kar raha huu, kya 2016 Me Kuch chance hai yaa nahi,, ya isse chode koi private job hi karu,
    Mam Mera Isht dev kaun hai,,
    Aagar koi rukawat hai to iska niwaran bhi batai,,,,
    Mera future kaisa rahega
    Plzz Mam Kuch batai
    Plzz Reply..

  184. आपका कहना उपयुक्त है की मैंने कोई प्रश्न नहीं किया. दरसल मैं काफी परेसान हूँ. आर्थिक रूप से मानसिक रूप से, न ही कोई स्थाई नौकरी है न हाथ में पैसा। और अभी मैं अविवाहित हूँ. इस सभी परेशानियों से मुझे कब तक मुक्ति मिल जाएगी. अभी स्थिति यह है की मैं एक परेशानी से निकलता हूँ तो दूसरी परेसानी में पद जाता हूँ. कृपा कर कुछ उपाय बताने का कष्ट करें।

  185. Namskaar Guru ji
    Aapne mere sawaalo ka itni sarlta aur sahjta ke sath jawab diya jinka me bahut bahut aabhari hu. Aur aapne itna adhik samay mere liye diya jo bhi Niswarth Bhaav se wo bhi atyant sarahaniy hai . Mene apka account apne account me add kar liya hai to me apki Dakshina net banking ke dwara transfer kar dunga. Aapne jo bhi upaay bataaye me unhe puri aastha aur visswas ke sath kar raha hu aur aage bhi karunga . Evam jaise jaise mujhe parinaam mahsus honge me unse aapko avgat karata rahunga. In sab ko padh kar kuch or duvidha man me aa rahi hai yadi aap uchit samjhe to mujhe jawab de sakti hai.
    1. Abhi Rahu ki Dasha kab tak chalegi .
    2. Mene jo Rahu ke liye 40000 mantra jaap kiye the yadi me unke liye dashansh hawan na karaa pau to iska koi adverse effect to nhi hoga.
    3. Mere ghar me Koi Shani maharaj ka Chitra nhi hai bas Shani Chalisa rakhi hui hai unke mene mandir ke dusre hisse me rakha hua hai aur unhi ke saamne me Sarso ke tel ka diya jalata tha ab yadi aap mana kar rahi hai to me band kar dunga aur jaha tak shani maharaj ke dhaam jaane
    Ki bat hai to wo ab mere shanivar pure ho gaye to me nhi jaaunga .
    4. Mere partner ke liye aapne koi upaay ya puja , Vrit etc. nhi bataya. Yadi mujhe bhi koi vrit like Wednesday etc. karna ho to aap bata sakte hai.
    5. Mene 31.12.16 tak gajendra Moksha evam Shri Suktam Dono ka path karne ka nishchay kiya hai .
    Evam Dono ko apne mobile me download bhi kar liya hai taaki yadi kisi din me na padh pau to kam se kam sun hi lunga. Mene karib 4-5 mahine tak Gajendra Moksh ka path pahle kiya tha aur Pakshiyo ko daana daalna , Chintiyo ko aata daalna sab shuru kiya tha par irregular rahne ke chalte sab band ho gaya .
    6. me apne ghar se karib 225 km door alag shahar me hi rahta hu jaha meri wife aur sirf meri beti rahti hai. Aur jaha naye ITI kholne hai wo bi kaafi door placed hai.
    7. Me roj sham ko jab hanuman ji ke mandir jata hu wahi par hanuman Chalisa ka path bhi karta hu. Par aapne bataya ki din rat hanuman chalisa man hi man japte rahe to wo to sambhav nhi lag raha hai.
    8. Me Shiv Chalisa ka path bhi Shuru kiya hai aur ab se har Monday ko Shivji par doodh Chadaane bhi Jana Shuru kar dunga.

    Aapko fir se pareshan karne ke liye Kshamaa Chaahta hu .

    Umesh kumar Bindal
    Gwalior

  186. Aapka bhut hit dhanywad .

    Muje sif aapse y puchna tha ki m kids
    Field m govt job ki tyari kru.m tin sal s bhut preshan hu.health bhi
    bhut kharab rhti h.aapke pas samay hoto kripya kr btaye.dhanywad

  187. Namaskar mam, my husband is jobless since 2012.when he will get job? Our all savings have finished. Currently he is going in shani mahadasha. Is there any chance of location changing?
    his detail is –
    DOB – 4 Jan 1966
    Time of birth- 10:47 pm
    Place of birth – cuttack Orissa
    I will be grateful for your response. Thanks and regards

  188. नमस्कार !

    आपके पति की जन्म कुण्डली में शनि की ही महादशा चली हुई है जो जनवरी 2012 से शुरु हुई है. शनि कुण्डली में छठे भाव में स्थित है जो रोग, ऋण तथा शत्रुओं का भाव भी कहा जाता है. इसी भाव से नौकरी भी देखी जाती है. जब इस भाव की दशा आती है तब नौकरी में उथल – पुथल होती ही है. वही आपके पति के साथ भी हुआ ही है. राहु की दशा नहीं चल रही है और ना ही गोचर में राहु का कोई प्रभाव ही नौाकरी पर पड़ रहा है. इसलिए आप बेकार के वहम में ना पड़े. इनकी कुंडली में चंद्रमा जरुर राहु से पीड़ित है जिससे यह अपनी ही मन की करते हैं और जिद्दी व्यक्ति भी हैं. कई बार इनके ही डिसीजन गलत हो जाते हैं. इनकी कुण्डली में नौाकरी लगने की पूरी संभावनाएँ बनी हुई हैं इसलिए अपने प्रयासों को बढ़ाएँ और जैसी भी नौकरी मिलती हैं उसे ज्वाइन कर लें, अपनी कोई शर्ते ना रखें. नौाकरी मिलने पर बेशक यह दूसरी नौाकरी भी तलाशते रहें. आप अभी सिर्फ शनि और बुध के उपाय करें. जो भी शनि के लिए कर रहे हैं वो करते रहें. अपने पति को आप मिक्स धातु में बुध का यंत्र बनवाकर गले में पहना दें, इसे शुक्ल पक्ष के बुधवार को पहनाना है. साथ ही शनि स्तोत्र और बुध स्तोत्र का पाठ भी रोज करें. आप इतना ही नियम से करते रहें आपको लाभ होगा. नौाक्री मिल जाएगी, स्थान परिवर्तन के भी योग बनते हैं और नौाक्री के लिए स्थान बदलना पड़े तो जरुर बदल लेना चाहिए.

  189. आपका मन जिस फिल्ड में हो उसकी तैयारी करें, ये सब बेकार की बातें हैं कि किस फिल्ड में जाना चाहिए. मैं आपको कोई ऎसी जगह बता दूं जिसके बारे में आपको कुछ पता ही ना हो तब कैसे नौकरी कर सकती है? जब समय अच्छा होता है तब सभी फील्ड अच्छी होती हैं लेकिन जब समय अच्छा ही ना हो तब आप किसी भी क्षैत्र में चले जाएँ कुछ अच्छा होता ही नहीं है. सब कुछ अनुकूल दशाओं और समय पर निर्भर करता है. इसलिए उतावले ना बने और संयम बनाकर रखें. जो बताया गया है उसे करते रहें और दिल से करें. जो करें उसे महसूस भी करें तभी सकारात्मकता आएगी.

  190. नमस्कार !

    आपका कर्क लग्न है और लग्न में वक्री गुरु उच्च का केतु के साथ स्थित है. लग्न पर पाप ग्रहों का प्रभाव अधिक है जिससे लग्न कमजोर हो गया है. दूसरे आपके कर्क लग्न का स्वामी चंद्रमा है जो मीन राशि में भाग्य स्थान में तो है लेकिन सूर्य के साथ एक ही डिग्री पर स्थित है अर्थात सूर्य और चंद्र दोनो एक डिग्री पर हैं जिससे आपका अमावस्या का जन्म हुआ और चंद्रमा पूरी तरह से अस्त हो गया तो फिर आत्मविश्वास कहां से आएगा? नहीं आ सकता. लग्न और लग्न का स्वामी दोनों खराब हालत में है. तीसरे आपकी कुण्डली में बुध की महादशा चली हुई है और कुण्डली में बुध नीच राशि में स्थित है जो कि शुभ स्थिति नहीं बन रही है. इस साल कुछ एकाध योग बनेगें इसलिए आप इस साल सरकारी नौाकरी की तैयारी कर सकते हैं लेकिन योग कमजोर ही होगें. आपको विदेश निकल जाना चाहिए क्योंकि वहीं आपका भाग्योदय ज्यादा होगा. आपको प्राईवेट नौाकरी कर लेनी चाहिए. बुध की दशा हैं जो कि नीच का है इसलिए आपको बुध के मंत्र का अजप रोज सुबह या शाम को किसी भी समय जरुर करना चाहिए. साथ ही आप सोने में बुध के यंत्र का लॉकेट बनवाएं, जिसके एक ओर बुध यंत्र की संख्या लिखी होती हैं और दूसरी और ऊँ बुं बुधाय नम: लिखवाएँ. जो बुध यंत्र की संख्या लिखी होती है उसकी खासियत यह है कि आप जब संख्याओं का जोड़ करेगें तब 24 आएगा और हर तरफ से जोड़ने पर 24 ही आता है. चाहे ऊपर से नीचे हो या दाएं से बाएं हो. इसी मंत्र का जाप आपको 108 बार रोज करना है. 100% आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा. अगर आप सोने में नहीं बनवा सकते हैं तब आप इसे पंच धातु में भी बनवाकर पहन सकते हैं. बनवाने के बाद इसे शुक्ल पक्ष के बुधवार को सुबह के समय पहन लें. पहनने से पहले इसे धूप दीप दिखाएँ और हाथ में लेकर बुध का मंत्र पढे़ 108 बार, जो बताया गया है, फिर पहन लें. चांदी में एक मोती बनवाएँ और शुक्ल पक्ष के सोमवार को दाएं हाथ की सबसे छोटी अंगुली में पहन लें. ये दो काम करें, आपका आत्मविश्वास बढ़ जाएगा. आप अपने मन को कमजोर ना कर के रखें और अपने इमोशन्स को जरा काबू में रखा करें. दिल की बजाय आप दिमाग से काम लिया करें. आपके ईमोशन्स सदा बहते रहते हैं इन्हें जरा बहने से रोक लगाएँ नहीं तो आप सदा परेशान ही रहेगे.

  191. hello mam
    mera dob 4.2.89 aur time 10:33 pm me h n birth place malanjkhand dist :balaghat h (mp).mujhe pucha na ki meri sarkari naukari kab tak lag jayege.teen saal se taiyari kar rhi hu.

  192. नमस्कार !

    आपकी जन्म कुण्डली का दशाक्रम आपके लिए अनुकूल ही नहीं है. अभी केतु की दशा चली हुई है और ऊससे पहले बुध की दशा थी. अब कुण्डली में इनकी स्थिति ऎसी है कि आपका व्यवसाय स्थाई हो नहीं सकता था. इसके बाद शुक्र की दशा नवंबर 2017 से शुरु होगी तब आपको कुछ परिवर्तन लाईफ में नजर आ सकते हैं. केतु के कारण आप झुंझलाएं से रहते हैं और चिड़चिड़ापन भी मन में भरा रहता है. भावनात्मक रुप से कमजोर पड़ गए हैं इसलिए आप किसी ना किसी सहारे को भी तलाशते रहते हैं. बेशक विवाह नही हुआ है लेकिन संबंध तो नजर आ ही रहे हैं. यदि आप केतु की दशा खतम होने पर विवाह करेगें तो आपके लिए अच्छा रहेगा. वैसे भी कुण्डली में देरी से विवाह के योग बने हुए हैं. आप अभी फिलहाल गणेश जी की पूजा रोज करें. गणेश जी का संकट नाशन स्तोत्र रोज 11 बार पढे. चंदन से बनी वस्तुओं का उपयोग अधिक से अधिक करें. अपने दाएँ हाथ की अनामिका अंगुली में जिसे रिंग फिंगर कहते हैं, उसमें एक सवा पांच रत्ती का लहसुनिया चांदी में धारण करें. इसे आप शुक्ल पक्ष के मंगलवार को पहनें. लहसुनिया को कैट्स आई भी कहते हैं. ज्यादा महंगा नहीं होता है इसे आप खरीद सकते हैं. रात को केतु के मंत्र की एक माला “ऊँ कें केतवे नम:” की जरुर करें.

  193. Name- Rajni
    Dob- 1. 1.1987
    Time- 4. AM.
    Place- pauri. Uttarakhand
    Husband- Rajesh
    Dob. 23. 09.1981
    Time- 2.10 Am
    Place- pauri. Uttarakhand

    Namaskaar
    Santaan kab tak hogi? Santaan yog hai? Upay batayen. Thanks

    From
    Rajni

  194. नमस्कार !

    दशा अनुकूल नहीं है अभी इसीलिए आपको समस्याएँ आ रही हैं. राहु में अभी शनि चला है तो शायद आप कुछ लाभ उठा सकती हैं. आप राहु का एक यंत्र लें जो बाजार में मिल जाता है, यह तांबे पर बना होता है. इस यंत्र की रोज संध्या समय में पूजा करें. राहु के मंत्र का जाप 108 बार करें और राहु यंत्र के सामने चंदन की धूप जलाएँ. आप भी चंदन की ही वस्तुओं का उपयोग करें. राहु का नकारात्मक प्रभाव कुछ कम होगा तो आपकी नौकरी भी लग जाएगी. अभी आपका मन मस्तिष्क भी भटका हुआ रहता है. जब वह ठीक होगा तो आपका काम भी हो जाएगा. मन को एकाग्रचित्त रखने का प्रयास करें.

  195. नमस्कार !

    संतान भाव को लेकर आप दोनो की ही कुंडली में काफी परेशानियाँ और रुकावटै बनी हुई हैं, यदि ये रुकावटे ना होती तो अभी तक संतान हो जानी चाहिए थी क्योंकि पिछले डेढ़ साल से संतान होने संबंधी दशा भी थी और गोचर भी था, फिर भी संतान नहीं हुई. आप दोनों ने अगर अभी तक डॉक्टर से सलाह नहीं ली है तो जल्दी से जल्दी संपर्क करें. इसके साथ ही आप रोज 108 बार गोपाल संतान मंत्र का जाप करें. साथ ही गोपाल सहस्त्रनाम को भी सुने या पढ़ लें. आपकी कुण्डली में संतान भाव काफी पीड़ित है तब आपको रोज विष्णु जी की पूजा भी करनी चाहिए. आपके पति की कुण्डली में संतान भाव के स्वामी मंगल नीच के हो गए हैं तब उन्हें आप रोज हनुमान चालीसा पढ़ने को कहें. यदि वह पहन सकते हैं तो एक मूंगा तांबे में बनवाकर अपनी दाएँ हाथ की अनामिका अंगुली में पहन लें. इसे शुक्ल पक्ष के मंगलवार को ही पहनें.

  196. Namaskar mam,
    hum is mahine sthan parivartan karne vaale hain . kinhi karno se hamey is ghar ko chhod kar dusra kiraya ka ghar change karna hai mahine ke ant me . Aapko maine pahle bhi ek prashna kiya tha ki mere pati ki 4 saal se naukri nahi hai vo yaha bangalore me software MNC me the. 2012 me shani ki mahadasha aate hi hamari zindgi me ulatfer ho gaya. Hamari saari saved money khatam ho gayi aur hum debt me hai. Hamari 2003 me love marriage hai aur bhagwan se bahut prathna ke baad Hamay maa ambe ne 5 saal ki phool so bachi di hai aur hum usko dekh ke ji rahe hai. Hum dono ka apne apne parivaar me aana jaana na ke barabar hai.
    1-Kya ye sthan ka parivartan hamare liye theek hoga ya hum ko apne janmasthan ki taraf jaana hoga, halaki parivar ne humey 17 yrs se accept nahi kiya.aapne bola tha ki pati ziddi hai..ye baat to sahi hai.
    2- humko yaha 2 months beti ke school khatam hone tak rukna hi hai.kya march tak mere pati ko job Milne ki kooch sambhavna hai.vo shani mantra,peepal ke ped me deep,,shanivar upvas , Anna daan, rahu mantra iron ring , emerald ring and diamond ring ityadi sab upay kar rahe hai.
    3- husband ne 5-6 saal videsh me bhi job kiya tha. Kya videsh me bhi job ke chances hai..
    Mam ab hamare jine marne ki stithi hai..please humey future ke liye guide kariye..please mam…please ..
    My husband detail is
    DOB- 04 Jan 1966
    TOB- 10:47 pm (night)
    POB- cuttack Orissa
    Moonsign – vrishabh
    Lagna- kanya
    —————————
    My details
    DOB – 13 November 1972
    TOB – 4:30 am (morning)
    POB – kanpur (up)
    Moonsign – makar
    Lagna -tula
    Mai jaanti hu ki aapke paas kayi logo ki queries hongi lekin Please aap humhe guide kare. Aapki abhaari rahungi.

  197. NAME: ARPIT BAGHEL
    DOB : 28/02/90
    PLACE : MALANJKHAND.TEH: BAIHAR ( MADHYA PRADESH)
    TIME :3:50 am

    HELLO MAM
    Mujhe pucha na ki meri sarkari naukari kab tak lag jayege.Mein do bar sarkari naukari k interview me select bhi hua pr nahi hua h…abhi mein private bank me job kar rahe hu waha bhi bhut problem ho rhi h…mein kitna bhi accha perform karu par mera boss satisfy nhi h..mera performance…mujhe jana ki mere sarkari naukari k yoga h ki nhi ye fr private hi karu…ye job ko chod du…plzzz sugguest…thank uu….

  198. मेरा DOB 11/12/1990 है समय 10;30 amहै मे electrical contractor हु…..मुझे कोई काम नही मिल रहा है….पैसे नही मिल रहा है…..कुछ उपाय बताओ

    और कोणसा साईड बिजनेस करु जिससे मुझे फायदा होगा

  199. नमस्कार !

    आपकी कुंडली में दशा अभी अनुकूल नहीं थी और ना ही गोचर अनुकूल था लेकिन 25 जनवरी से दशा बदल रही है तब आपके रुके हुए काम बनने आरंभ हो जाएंगे. जैसे जैसे दशा आगे बढ़ेगी वैसे ही आपके काम भी बनने आरंभ हो जाएंगे. आप कॉन्ट्रेक्ट भी मिलना शुरु हो जाएगा. आपको घर से दूर रहकर ही काम करना चाहिए तब ज्यादा लाभ होगा और कमीशन आधारित काम ही आपके लिए ज्यादा लाभ देने वाले होगें. आप रोज रात में एक माला राहु के मंत्र की करें और चंदन से बनी चीजों का उपयोग ज्यादा से ज्यादा करें.

  200. नमस्कार !

    जब दशा अनुकूल ही नहीं है तब कहां से फल मिलेगें. आठवें भाव की दशा में बदनामी के सिवा कुछ नहीं मिलता है. जुलाई के बाद सरकारी नौकरी लग सकती है. शुक्र के मंत्र की एक माला रोज करें और शुक्रवार के दिन सफेद वस्तुओं का दान अवश्य करें.

  201. नमस्कार !!

    आप परेशान ना हो और हौंसला रखें, अभी 23 जनवरी से छोटी दशा बदलेगी तब नौकरी की उम्मीद की जा सकती है या कोई भी ऎसा काम जिससे आप घर चला सकें. आपको पहले मैने जो भी काम बताएँ हैं करने के लिए वह सब करना आरंभ कर दें. आपको शनि मंत्र का जाप रोज शाम को 108 बार करना है. हर शनिवार को 11 बार शनि स्तोत्र का पाठ करना है. शनि का आप पौराणिक मंत्र ले सकते हैं. शनिवार को ही आपको 7 बार हनुमान चालीसा का पाठ करना है. बुधवार के दिन गाय को मीठी रोटी बनाकर खिलाएँ. पीपल के पेड़ के नीचे हर शनिवार को सरसों के तेल का दीया जलाएँ लेकिन दीया और तेल शनिवार को कभी ना खरीदें, ये सब पहले से ही लेकर रख लें और घर से लेकर जाएँ. आप ऋण मोचक मंगल स्तोत्र का पाठ जरुर करें या ऋणुक्ति गणेश स्तोत्र का पाठ करें. ये सब आपको हमारे ब्लॉग से मिल जाएगा. आप भविष्य की चिन्ता छोड़कर भगवान का नाम लें. यदि भविष्य की चिन्ता में रहेगें तब भगवान भी आपका साथ नहीं दे पाएंगे. आज को संवारने का सोचें और ह्रदय से भगवान को पुकारे. आपके काम जरुर बनेगें. जो बताया है उन्हें करना आरंभ करें बिना ये सोचें कि इनसे लाभ होगा कि नहीं.

  202. नमस्कार !

    आपकी कुंडली में गुरु में शनि की अन्तर्दशा चल रही है. आपने जब नौकरी छोड़ी थी तब दशा अनुकूल नहीं थी और अभी भी दशा बहुत बढ़िया नहीं कही जा सकती है. आप गुरु के उपाय करें, इसके लिए आपको रोज सुबह गुरु का मंत्र ऊँ बृं बृहस्पतये नम: 108 बार पढ़ना चाहिए. आपको बृहस्पतिवार को व्रत भी रखना चाहिए और संध्या समय में मीठा भोजन करना चाहिए, भोजन में नमक बिलकुल भी ना हो. वीरवार के दिन केले के पेड़ की पूजा करनी चाहिए. जब तक नई नौकरी नहीं मिल जाती है तब तक आपको नारायण कवच का पाठ करना चाहिए. इस पाठ को आप सुबह अथवा शाम कभी भी कर सकते हैं. अभी फिलहाल आपको जो भी नौाक्री मिले उसे ज्वाइन कर लेना चाहिए. आप अगली बार जब भी इंटरव्यू के लिए जाएँ अपने साथ में बेल पत्र का एक पत्ता जरुर ले जाएँ और ऊँ नम: शिवाय का जाप मन ही मन में करते रहें जब तक की इंटरव्यू ना हो जाए. नारायण कवच का पाठ आपको हमारे ब्लॉग से मिल जाएगा.

  203. नमस्कार
    नौकरी नहीं है। कृपया बताएं कब तक दूसरों के दिए टुकड़ों पर पलूंगा।भेहनत की खाना चाहता हूं।
    जन्म तारीख – 05•7•64
    समय – 3•15 सुबह
    स्थान – दिल्ली
    धन्यवाद

  204. नमस्कार !

    आपकी कुंडली में दशा तथा गोचर दोनो ही खराब हैं और राहु की महादशा चली हुई है. साथ ही सारे ग्रह कुंडली में एक ओर भी आ गए हैं. शनि की ढैया भी आपको परेशानी दे रही है. आप राहु का मंत्र जाप कर सकते हैं और अगर नहीं तो आपके जो भी रीति रिवाज हैं उन्हें पूरा करें. यदि आप गुरुद्वारे जाते हैं तो लगातार 40 दिन मत्था टेकने जाएं, आपको लाभ होगा. दूसरी बात यह कि आप घर से बहुत दूर काम की तलाश करें या फिर आप विदेश में भाग्य आजमाएँ वहीं आपका काम बन सकता है.

  205. मेरा नाम स्नेहल है मेरा Dob 10/2/1989 समय 6:30pm सातारा महाराष्र्टा…..मे IAS IPS केलीए बहोत कोशीष कर रही हुं मेने UPSC के बहोत exams दिऐ है मुझे यश नही मिल रहा है …….मेरी कुंडली मे उसका योग है…..अगर नही तो मेरे लिए क्या suitable होगा

  206. नमस्कार !

    दशा अभी अनुकूल नहीं है, जून मध्य बाद कुछ अनुकूल फल मिल सकते हैं. आप शुक्र के मंत्र जाप रोज करें और शुक्रवार के दिन सफेद वस्तुओं का दान भी जरुर करेंधीरे धीरे कुछ सुधार हो सकता है. यदि सरकारी नौकरी नहीं भी मिलती है तब भी आप किसी अच्छी संस्था से जरुर जुड़ सकती है. लेकिन आप एक साल ओर मेहनत करें, हिम्मत ना हारें.

  207. I am 34 years old and single. I need clarification on my marriage. will I get married in near future. if yes how would it be. will it be good, normal or bad.
    my details are:

    TOB: 14:50 PM
    POB: FARIDABAD
    DOB: 15-OCT-1981

  208. अभी अक्तूबर 2015 के अंतिम सप्ताह से शनि की अन्तर्दशा आरंभ हुई है जो मई 2018 के पहले सप्ताह तक रहेगी.