राहु के मंत्र

on

राहु का अपना कोई भौतिक अस्तित्व नहीं होता है. यह एक छाया ग्रह है लेकिन छाया ग्रह होते हुए भी कुण्डली पर अपना अत्यधिक प्रभाव बनाये रखता है. राहु सदा अशुभ प्रभाव नही देता है. आधुनिक समय में बहुत सी नई टेक्नोलॉजी राहु के अधिकार क्षेत्र में आती है. इालिए हम इसे सदा अशुभ नहीं मान सकते है. हाँ यह अवश्य है कि कई बार स्वास्थ्य के नजरिये से यह ऎसी बीमारी दे देता है जिसका निवारण देर से हो पाता है.  इसकी दशा/अन्तर्दशा में व्यक्ति की बुद्धि कुछ भ्रमित सी रहती है.  व्यक्ति कई ऎसे निर्णय ले लेता है जिसके लिए उसे भविष्य में पछताना पड़ सकता है. सही और गलत में अंतर करना मुश्किल हो जाता है.

राहु के कुप्रभाव को दूर करने के लिए राहु के मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए. इस मंत्र का जाप रात के समय करना चाहिए और शनिवार से मंत्र जाप आरंभ करने चाहिए.

राहु का वैदिक मंत्र – Vedic Mantra for Rahu
ऊँ कयानश्चित्र आभुवदूतीसदा वृध: सखा । कयाशश्चिष्ठया वृता ।

राहु का तांत्रोक्त मंत्र – Tantrokta Mantra for Rahu

  • ऊँ ऎं ह्रीं राहवे नम:
  • ऊँ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम:
  • ऊँ ह्रीं ह्रीं राहवे नम:

नाम मंत्र – Naam Mantra for Rahu
ऊँ रां राहवे नम:

राहु का पौराणिक मंत्र – Poranik Mantra for Rahu
ऊँ अर्धकायं महावीर्य चन्द्रादित्यविमर्दनम ।
सिंहिकागर्भसंभूतं तं राहुं प्रणमाम्यहम ।।

Advertisements

753 टिप्पणियाँ

  1. Divya gupta कहते हैं:

    My DOB 19/02/1995 time 9:50 pm place jaunpur uttar Pradesh .mam mere future k barre me btaye k aage ki lyf me kya hona h n mera study me bht problms aa re to uske lie kya kr skti hu.. koi upay btaiye…pls mam

टिप्पणियाँ बंद कर दी गयी है।