श्राद्ध के समय किए जाने वाले पाठ
पितृ पक्ष श्राद्ध 15 दिन तक मनाए जाते हैं जहाँ व्यक्ति अपने पूर्वजों अथवा पितरों का तर्पण करता है. जिस
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पितृ पक्ष श्राद्ध 15 दिन तक मनाए जाते हैं जहाँ व्यक्ति अपने पूर्वजों अथवा पितरों का तर्पण करता है. जिस
लाख प्रयास करने पर भी कई बार कन्या के विवाह में बार-बार अड़चने आती रहती हैं जिससे माता-पिता मानसिक परेशानी
कई बार जाने-अनजाने मनुष्य से पाप हो जाता है अथवा होता रहता है. भूलवश अथवा जानकर किए गए पाप से
मार्कण्डेय मुनि द्वारा वर्णित “महामृत्युंजय स्तोत्र” मृत्युंजय पंचांग में प्रसिद्ध है और यह मृत्यु के भय को मिटाने वाला स्तोत्र
शनि की ढैय्या तथा साढ़ेसाती से मिलने वाले कष्टों को दूर करने के बहुत से उपाय हैं जिनमें से कुछ
लक्ष्मी प्राप्ति के उपाय वर्तमान समय में धन के बिना कुछ संभव नहीं है. अगर धन नहीं है तो जीवन