अथ देव्या कवचम
महर्षि मार्कण्डेयजी बोले – हे पितामह! संसार में जो गुप्त हो और जो मनुष्यों की सब प्रकार से रक्षा करता
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महर्षि मार्कण्डेयजी बोले – हे पितामह! संसार में जो गुप्त हो और जो मनुष्यों की सब प्रकार से रक्षा करता
नित प्रतिदिन दुर्गा जी के 108 नाम का जाप करने से बहुत से कष्टों से छुटकारा मिल जाता है. यदि
जिन जातकों की जन्म कुंडली में राहु/गुरु का चांडाल योग बन रहा हो या गुरु किसी भी प्रकार से पीड़ित
पितृ पक्ष श्राद्ध 15 दिन तक मनाए जाते हैं जहाँ व्यक्ति अपने पूर्वजों अथवा पितरों का तर्पण करता है. जिस
लाख प्रयास करने पर भी कई बार कन्या के विवाह में बार-बार अड़चने आती रहती हैं जिससे माता-पिता मानसिक परेशानी
कई बार जाने-अनजाने मनुष्य से पाप हो जाता है अथवा होता रहता है. भूलवश अथवा जानकर किए गए पाप से