शीतलाष्टकम्
अस्य श्रीशीतलास्तोत्रस्य महादेव ऋषि:, अनुष्टुप् छन्द:, शीतला देवता, लक्ष्मी बीजम्, भवानी शक्ति:, सर्व-विस्फोटकनिवृत्तय अर्थ – इस श्रीशीतला स्तोत्र के ऋषि
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अस्य श्रीशीतलास्तोत्रस्य महादेव ऋषि:, अनुष्टुप् छन्द:, शीतला देवता, लक्ष्मी बीजम्, भवानी शक्ति:, सर्व-विस्फोटकनिवृत्तय अर्थ – इस श्रीशीतला स्तोत्र के ऋषि
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना। या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवै: सदा वन्दिता सा मां पातु सरस्वती भगवती नि:शेषजाड्यापहा।।1।। आशासु
1) ऊँ श्री अनन्तान्त रूपाय नम: 2) ऊँ श्री अक्रूराय नम: 3) ऊँ श्री अपमृत्यु बिनाशाय नम: 4) ऊँ श्री
घोररूपे महारावे सर्वशत्रुभयंकरि। भक्तेभ्यो वरदे देवि त्राहि मां शरणागतम्।।1।। ऊँ सुरासुरार्चिते देवि सिद्धगन्धर्वसेविते। जाड्यपापहरे देवि त्राहि मां शरणागतम्।।2।। जटाजूटसमायुक्ते लोलजिह्वान्तकारिणि।
यह सूर्यग्रहण भाद्रपद अमावस्या, दिन सोमवार, अगस्त माह की 21/22 की अर्धरात्रि में लगेगा(भारतीय समयानुसार आधी रात). भारतीय समयानुसार ग्रहण
युधिष्ठिर उवाच – Yudhishthir Uvach नमस्ते परमेशानि ब्रह्मरूपे सनातनि। सुरासुरजगद्वन्द्ये कामेश्वरि नमोSस्तु ते।।1।। न ते प्रभावं जानन्ति ब्रह्माद्यास्त्रिदशेश्वरा:। प्रसीद