महाभागवत – देवी पुराण – इक्यावनवाँ अध्याय
श्रीमहादेव जी बोले – मुनिश्रेष्ठ ! प्रातःकाल पुत्रोंत्पत्ति की जानकारी होने पर नन्द जी ने उसका जन्मोत्सव मनाया और ब्राह्मणों
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श्रीमहादेव जी बोले – मुनिश्रेष्ठ ! प्रातःकाल पुत्रोंत्पत्ति की जानकारी होने पर नन्द जी ने उसका जन्मोत्सव मनाया और ब्राह्मणों
श्री महादेव जी बोले – ब्रह्माजी के प्रार्थना करने पर साक्षात भगवती देवताओं का कार्य सिद्ध करने के लिए अपने
श्रीनारदजी बोले – अनेक तत्वज्ञानी लोग कहते हैं कि जो परात्पर विद्यास्वरूपिणी काली हैं, उन्होंने ही स्वयं पृथ्वी पर श्रीकृष्ण
श्रीमहादेवजी बोले – तदनंतर श्रीरामचंद्र जी दंडवत प्रणाम करके परम भक्ति से युक्त होकर प्रसन्नमन से भगवती की स्तुति करने
श्रीमहादेव जी बोले – इन्द्र आदि सभी देवताओं ने स्वर्ग में तथा परमेश्वर श्रीराम ने मृत्युलोक में सभी लोकों की
श्रीदेवी जी बोली – इस प्रकार इस असमय के उपस्थित होने पर मेरी संतुष्टि के लिए तीनों लोकों के निवासियों