द्विपुष्कर योग 2023
माना जाता है कि द्विपुष्कर और त्रिपुष्कर में जो भी कार्य किए जाते हैं उनका फल दोगुना व तिगुना हो
Astrology, Mantra and Dharma
माना जाता है कि द्विपुष्कर और त्रिपुष्कर में जो भी कार्य किए जाते हैं उनका फल दोगुना व तिगुना हो
अश्विनी, मघा, मूल, आश्लेषा, ज्येष्ठा और रेवती ये छ्: नक्षत्र गण्डमूल नक्षत्र कहलाते हैं. कोई भी बच्चा जब इन में
अमृत सिद्धि योग – 2023
यमघण्टक योग को मंगल कार्यों के लिए वर्जित माना गया है. कोई भी मंगल कार्य इस योग में नहीं करना
जब पंचक नक्षत्र चल रहे हों तब दक्षिण दिशा की ओर यात्रा करना, मकान आरंभ करना, दुकान आदि की छत
तिथि दिन संक्रान्ति प्रवेशकाल (घं. मि.) पुण्यकाल का विवरण 14 जनवरी शनिवार माघ संक्रांति 20:44 मध्याह्न के बाद पुण्यकाल शुरु