आरती कुंजबिहारी की
आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की……… गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला. श्रवण में कुण्डल झलकाला, नंद
Astrology, Mantra and Dharma
आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की……… गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला. श्रवण में कुण्डल झलकाला, नंद
राहु का अपना कोई भौतिक अस्तित्व नहीं होता है. यह एक छाया ग्रह है लेकिन छाया ग्रह होते हुए भी
शुक्र के निर्बल होने से जीवन में भोग विलास की कमी हो सकती है. मूत्र संबंधी परेशानियाँ हो सकती है.
गुरु ग्रह ज्ञान, संतान तथा धन के नैसर्गिक कारक माने जाते हैं. जन्म कुंडली में इनकी स्थिति कमजोर होने से
ॐ जय लक्ष्मी माता , मैया जय लक्ष्मी माता, तुमको निस दिन सेवत, हरी, विष्णु दाता ॐ जय लक्ष्मी माता
वैदिक ज्योतिष और पौराणिक शास्त्रों में बहुत से मंत्रो का वर्णन हमें मिलता है. जन्म कुंडली में यदि चन्द्रमा शुभ