शिवषडाक्षरस्तोत्रम
ऊँकारं विन्दुसंयुक्तं नित्यं ध्यायन्ति योगिन: । कामदं मोक्षदं चैव ऊँकाराय नमो नम: ।।1।। नमन्ति ऋषयो देवा नमन्त्यप्सरसां गणा: । नरा
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ऊँकारं विन्दुसंयुक्तं नित्यं ध्यायन्ति योगिन: । कामदं मोक्षदं चैव ऊँकाराय नमो नम: ।।1।। नमन्ति ऋषयो देवा नमन्त्यप्सरसां गणा: । नरा
दोहा मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो ह्रदय में बास । मनोकामना सिद्ध करि, पुरवहु मेरी आस ।। सोरठा यही मोर
यदि सुबह सुवेरे नियमित रुप से गणेश चालीसा का पाठ किया जाए तो घर में खुशहाली रहती है. घर-परिवार में
आधुनिक समय में अधिकतर सभी व्यक्ति किसी ना किसी परेशानी से त्रस्त रह रहे हैं. इस परेशानी को बहुत हद
ज्योतिष में सभी नौ ग्रह का अपना विशिष्ट महत्व होता है. सभी ग्रह अपनी दशा/अन्तर्दशा में अपने फल प्रदान करने
बुध ग्रह को ग्रहों में राजकुमार की उपाधि दी गई है लेकिन जन्म कुंडली में यदि बुध अशुभ ग्रहों के