श्री हनुमान चालीसा
दोहा श्री गुरु चरन सरोज रज, निज मन मुकुरु सुधारी । बरनउं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि ।।
Astrology, Mantra and Dharma
दोहा श्री गुरु चरन सरोज रज, निज मन मुकुरु सुधारी । बरनउं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि ।।
यदि सुबह सुवेरे नियमित रुप से गणेश चालीसा का पाठ किया जाए तो घर में खुशहाली रहती है. घर-परिवार में
भारतीय ज्योतिष में नामकरण संस्कार को सोलह संस्कारों में से एक संस्कार के रुप में महत्ता प्राप्त है. व्यक्ति के
भारतीय संस्कृति में मंत्र जाप की परंपरा पुरातन काल से ही चली आ रही है. मंत्र के जाप द्वारा आत्मा,
आधुनिक समय में अधिकतर सभी व्यक्ति किसी ना किसी परेशानी से त्रस्त रह रहे हैं. इस परेशानी को बहुत हद
जय जय जय वंदन भुवन, नंदन गौरि गणेश । दुख द्वंद्वन फंदन हरन, सुंदर सुवन महेश ।। जयति शंभु सुत