कलियुग के पराशर
जो व्यक्ति वास्तव मे ज्योतिष के विषय की पारखी नजर रखता है वो महर्षि पराशर के नाम से अवश्य परिचित
Astrology, Mantra and Dharma
जो व्यक्ति वास्तव मे ज्योतिष के विषय की पारखी नजर रखता है वो महर्षि पराशर के नाम से अवश्य परिचित
दोहा जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल। दीनन के दुख दूर करि, कीजै नाथ निहाल॥ जय जय श्री
नमो नमो दुर्गे सुख करनी । नमो नमो अंबे दुख हरनी ।। निरंकार है ज्योति तुम्हारी । तिहूं लोक फैली
ऊँकारं विन्दुसंयुक्तं नित्यं ध्यायन्ति योगिन: । कामदं मोक्षदं चैव ऊँकाराय नमो नम: ।।1।। नमन्ति ऋषयो देवा नमन्त्यप्सरसां गणा: । नरा
दोहा मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो ह्रदय में बास । मनोकामना सिद्ध करि, पुरवहु मेरी आस ।। सोरठा यही मोर
जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान । कहत अयोध्यादास तुम, देउ अभय वरदान ।। जय गिरिजापति दीनदयाला । सदा