अश्विनी नक्षत्र और व्यवसाय
अश्विनी नक्षत्र का विस्तार मेष राशि में शून्य से 13 अंश 20 कला तक है. इस नक्षत्र का स्वामी ग्रह
Astrology, Mantra and Dharma
अश्विनी नक्षत्र का विस्तार मेष राशि में शून्य से 13 अंश 20 कला तक है. इस नक्षत्र का स्वामी ग्रह
सूर्य और चन्द्रमा के बीच जब 12 डिग्री का अंतर होता है तब एक तिथि बनती है. अमावस्या के बाद
माना जाता है कि जन्म कुंडली के जिस भाव में लग्नेश स्थित होता है तो उस भाव से संबंधित फलों
शनि एक राशि में ढ़ाई साल तक रहता है और इन ढ़ाई सालों में शनि 9 नक्षत्र चरण पार करता
जब भी किसी बच्चे का जन्म होता है तब सर्वप्रथम उसका नक्षत्र चरण देखा जाता है कि वह क्या है.
सभी ग्रहों के अपने-अपने उपग्रह होते हैं जो अप्रकाशित होते हैं. इन सभी नौ ग्रहों में से सबसे अधिक महत्व