नक्षत्र, राशि, वर्ण, योनि आदि का ज्ञान चक्र

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kundali

जब भी किसी बच्चे का जन्म होता है तब सर्वप्रथम उसका नक्षत्र चरण देखा जाता है कि वह क्या है. नक्षत्र के आधार पर ही बच्चे की जन्म कुण्डली की बहुत सी बाते निर्भर होती हैं. कौन सा नक्षत्र है, नक्षत्र का स्वामी कौन है क्योंकि नक्षत्र के स्वामी की ही दशा से बच्चे का जीवन आगे बढ़ता है. साथ ही नक्षत्र, राशि, वर्ण, नाड़ी आदि का मिलान विवाह के समय वर-वधु का किया जाता है और इन्हीं के आधार पर 36 गुण का मिलान किया जाता है.

 

जो ज्योतिष का ज्ञान रखते हैं उनकी सुविधा के लिए हम नक्षत्र, राशि, नाड़ी आदि को एक तालिका के रुप में प्रस्तुत कर रहे हैं जिससे आपको पता चले कि किस नक्षत्र में वर्णमाला के कौन से अक्षर आते हैं क्योंकि कई व्यक्ति इन्हीं नक्षत्रों के चरणाक्षरों के आधार पर बच्चे का नाम रखते हैं. हर नक्षत्र को चार वर्ण मिले हैं और इस तरह से हर राशि में 9 नक्षत्र चरण आते हैं. वैसे तो 27 नक्षत्र होते हैं लेकिन यहाँ अभिजित नक्षत्र को भी लिया गया है.

 

नक्षत्र -Constellation चरणाक्षर – 1st Letter  वश्य – Vashya योनि -Yoni गण -Gana नाड़ी -Nadi
अश्विनी चू,चे,चो,ला चतुष्पद अश्व देव आदि
भरणी ली,लू,ले,लो चतुष्पद गज मनुष्य मध्य
कृत्तिका अ,इ,उ,ए चतुष्पद मेढ़ा राक्षस अन्त्य
रोहिणी ओ,वा,वी,वू चतुष्पद सर्प मनुष्य अन्त्य
मृगशिरा वे,वो,का,की पहले दो चरण चतुष्पद,बाद के दो चरण मनुष्य सर्प् देव मध्य
आर्द्रा कु,घ,ड़,छ् मनुष्य श्वान मनुष्य अदि
पुनर्वसु के,को,हा,ही पहले तीन चरण मनुष्य, बाद का एक चरण जलचर मार्जार देव आदि
पुष्य हू,हे,हो,डा जलचर मेढा देव मध्य
अश्लेषा डी,डू,डे,डो जलचर मार्जार राक्षस अन्त्य
मघा मा,मी,मू,मे चतुष्पद मूषक राक्षस अन्त्य
पूर्वाफाल्गुनी मो,टा,टी,टू चतुष्पद मूषक मनुष्य मध्य
उत्तराफाल्गुनी टे,टो,पा,पी पहला चरण चतुष्पद, बाकी तीन मनुष्य गौ मनुष्य आदि
हस्त पू,ष,ण,ठ मनुष्य महिष देव आदि
चित्रा पे,पो,रा,री मनुष्य व्याघ्र राक्षस मध्य
स्वाती रू,रे,रो,ता मनुष्य महिष देव अन्त्य
विशाखा ती,तू,ते,तो पहले तीण चरण मनुष्य, बाद का एक चरण कीट व्याघ्र राक्षस अन्त्य
अनुराधा ना,नी,नू,ने कीट मृग देव मध्य
ज्येष्ठा नो,या,यी,यू कीट मृग राक्षस आदि
मूल ये,यो,भा,भी मनुष्य श्वान राक्षस आदि
पूर्वाषाढ़ा भू,ध,फ,ढ़ पहले दो चरण मनुष्य, बाद के दो चरण चतुष्पद वानर मनुष्य मध्य
उत्तराषाढ़ा भे,भो,जा,जी चतुष्पद नकुल मनुष्य अन्त्य
अभिजित जु,जे,जो,ख कोई नहीं है नकुल कोई नहीं कोई नहीं
श्रवण खी,खू,खे,खो पहले दो चरण चतुष्पद, बाद के दो चरण जलचर वानर देव अन्त्य
धनिष्ठा गा,गी,गू,गे पहले दो चरण जलचर, बाद के दो चरण मनुष्य सिंह राक्षस मध्य
शतभिषा गो,सा,सी,सू मनुष्य अश्व राक्षस आदि
पूर्वाभाद्रपद से,सो,दा,दी पहले तीन चरण मनुष्य,बाद का एक चरण जलचर सिंह मनुष्य आदि
उत्तराभाद्रपद दू,थ,झ,ण जलचर गौ मनुष्य मध्य
रेवती दे,दो,चा,ची जलचर गज देव अन्त्य
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