श्रीराम स्तुति

श्रीरामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभव दारुणं । नवकंज-लोचन, कंजमुख, कर-कंज, पद कंजारुणं ।। कंदर्प अगणित अमित छबि, नवनील-नीरद-सुंदरं ।

Continue reading

सरस्वती स्तोत्र

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रान्विता या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना । या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवै: सदा वन्दिता सा मां पातु सरस्वती भगवती नि:शेषजाड्यापहा ।।1।।

Continue reading

कनकधारा स्तोत्र

अंग हरे: पुलकभूषणमाश्रयन्ती भृंगांगनेव मुकुलाभरणं तमालम । अंगीकृताखिल विभूतिरपांगलीला मांगल्यदाsस्तु मम मंगलदेवताया: ।।1।। मुग्धा मुहुर्विदधती वदने मुरारे: प्रेमत्रपाप्रणिहितानि गतागतानि ।

Continue reading

error: Content is protected !!