स्वाति नक्षत्र का उपचार
स्वाति नक्षत्र के देवता पवन देव अर्थात वायु को माना गया है और इस नक्षत्र के स्वामी ग्रह राहु हैं.
Astrology, Mantra and Dharma
स्वाति नक्षत्र के देवता पवन देव अर्थात वायु को माना गया है और इस नक्षत्र के स्वामी ग्रह राहु हैं.
।।दोहा।। श्री गुरु चरण चितलाय के धरें ध्यान हनुमान । बालाजी चालीसा लिखे “ओम” स्नेही कल्याण ।। विश्व विदित वर
चित्रा नक्षत्र के देवता “विश्वकर्मा” जी हैं. यदि जन्म कुंडली में चित्रा नक्षत्र पीड़ित है अथवा इस नक्षत्र में पाप
सूर्य की पहली किरण को सविता कहा गया है और इसी “सविता” को हस्त नक्षत्र का देवता माना गया है.
।।दोहा।।i बंदहुं वीणा वादिनी, धरि गणपति को ध्याना । महाशक्ति राधा सहित, कृष्ण करौ कल्याण ।। सुमिरन करि सब देवगण,
।।दोहा।। जय-जय माता शीतला, तुमहिं धरै जो ध्यान । होय विमल शीतल हृदय, विकसै बुद्धि बलज्ञान ।। घट-घट वासी शीतला,