श्री सूर्य चालीसा और आरती
श्री सूर्य चालीसा ।।दोहा।। कनक बदन कुण्डल मकर, मुक्ता माला अंग । पद्मासन स्थित ध्याइये, शंख चक्र के संग ।।
Astrology, Mantra and Dharma
श्री सूर्य चालीसा ।।दोहा।। कनक बदन कुण्डल मकर, मुक्ता माला अंग । पद्मासन स्थित ध्याइये, शंख चक्र के संग ।।
अनुराधा नक्षत्र अगर जन्म नक्षत्र होकर पाप प्रभाव में है तब इसके पाप प्रभाव को मिटाने के लिए द्वादश आदित्य
श्री पितर चालीसा ।।दोहा।। हे पितरेश्वर आपको दे दियो आशीर्वाद, चरणाशीश नवा दियो रख दो सिर पर हाथ । सबसे
अगर विशाखा नक्षत्र आपका जन्म नक्षत्र होकर पीड़ित अथवा अशुभ प्रभाव में हैं तब बहुत सी परेशानियों और बाधाओं का
।।दोहा।। श्री गणपति, गुरु गौरि पद, प्रेम सहित धरि माथ । चालीसा वन्दन करौं, श्री शिव भैरवनाथ ।। श्री भैरव
श्री तुलसी चालीसा ।।दोहा।। श्री तुलसी महारानी, करूं विनय सिरनाय । जो मम हो संकट विकट, दीजै मात नशाय ।।