प्रेम विवाह अथवा अंतर्जातीय विवाह के ज्योतिषीय योग – भाग 1
वर्तमान समय में युवक-युवतियाँ जहाँ हर क्षेत्र में कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहें है वहाँ एक-दूसरे के प्रति
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वर्तमान समय में युवक-युवतियाँ जहाँ हर क्षेत्र में कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहें है वहाँ एक-दूसरे के प्रति
प्राचीन काल के विद्वानों ने आठ प्रकार के विवाहों का उल्लेख किया है जो निम्नलिखित प्रकार के होते थे.
अश्लेषा नक्षत्र कर्क राशि में 16 अंश 40 कला से 30 अंश तक रहता है. इस नक्षत्र का स्वामी ग्रह
पुष्य नक्षत्र कर्क राशि में 3अंश(Degree) 20 कला(MInute) से 16 अंश 40 कला तक रहता है. इस नक्षत्र का स्वामी
पुनर्वसु नक्षत्र का विस्तार मिथुन राशि में 20 अंश(Degree) से कर्क राशि(Cancer Sign) में 3 अंश(Degree) 20 कला(Minute) तक रहता
आर्द्रा नक्षत्र मिथुन राशि में 6 अंश(Degree) 40 कला(Minute) से लेकर 20 अंश तक रहता है. आर्द्रा नक्षत्र का स्वामी