बृहस्पतिवार व्रत विधि
बृहस्पतिवार के दिन बृहस्पतिश्वर देव की पूजा व व्रत किया जाता है. स्नानादि से निवृत होकर सुबह पीले रंग के
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बृहस्पतिवार के दिन बृहस्पतिश्वर देव की पूजा व व्रत किया जाता है. स्नानादि से निवृत होकर सुबह पीले रंग के
बुधवार का व्रत ग्रह शांति तथा सभी इच्छाओं की पूर्त्ति के लिए रखा जाता है. इस व्रत में एक समय
सभी प्रकार के सुखों को पाने, रक्त विकार से मुक्ति, सरकारी सम्मान पाने के लिए और पुत्र की प्राप्ति के
एक साहूकार के सात बेटे और सात ही बहुओं के साथ एक बेटी भी थी. साहूकार के घर रोज एक
सोमवार के व्रत श्री भूतनाथ महादेव जी एक बार विवाह करने की इच्छा लेकर माता पार्वती के साथ मृत्युलोक में
एक बुढ़िया थी जो नियम से हर रविवार को सवेरे उठकर स्नान आदि से निवृत होकर पड़ोसन के घर से