श्रीगणेशप्रात: स्मरणस्तोत्रम्
प्रात: स्मरामि गणनाथमनाथबन्धुं सिन्दूरपूरपरिशोभितगण्डयुग्मम् । उद्दण्डविघ्नपरिखण्डनचण्डदण्ड – माखण्डलादिसुरनायकवृन्दवन्द्यम् ।।1।। हिन्दी अनुवाद : जो इन्द्र आदि देवेश्वरों के समूह से वन्दनीय
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प्रात: स्मरामि गणनाथमनाथबन्धुं सिन्दूरपूरपरिशोभितगण्डयुग्मम् । उद्दण्डविघ्नपरिखण्डनचण्डदण्ड – माखण्डलादिसुरनायकवृन्दवन्द्यम् ।।1।। हिन्दी अनुवाद : जो इन्द्र आदि देवेश्वरों के समूह से वन्दनीय
श्री सत्यनारायण भगवान की कथा का पीडीएफ डाउनलोड करें :- श्री सत्यनारायण भगवान की कथा पहला अध्याय – First Chapter
शनिवार का व्रत शनि महाराज को प्रसन्न करने के लिए रखा जाता है. जिनकी जन्म कुंडली में शनि की साढ़ेसाती
शुक्रवार के व्रत में कथा कहते हुए अथवा कथा सुनते हुए हाथ में थोड़ा गुड़ व भुना हुआ चना रखते
बृहस्पतिवार के दिन बृहस्पतिश्वर देव की पूजा व व्रत किया जाता है. स्नानादि से निवृत होकर सुबह पीले रंग के
बुधवार का व्रत ग्रह शांति तथा सभी इच्छाओं की पूर्त्ति के लिए रखा जाता है. इस व्रत में एक समय