मृगशिरा नक्षत्र

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मृगशिरा नक्षत्र वृष राशि में 23 अंश(Degree) 20 कला(Minute) से लेकर मिथुन राशि में 6 अंश 40 कला तक रहता है. मृगशिरा नक्षत्र का स्वामी मंगल ग्रह है.

मृगशिरा नक्षत्र में सभी प्रकार के गायक, संगीतज्ञ, कवि आदि आते हैं. इस नक्षत्र में चित्रकार, भाषाविद, सभी प्रकार के लेखक, विचारक और मनीषी आते हैं. रोमांटिक उपन्यासकार लिखने वाले लेखक भी इसमें आते हैं. सेंट, परफ्यूम, इत्र आदि के व्यवसाय इस नक्षत्र में आते हैं. वस्त्रों से संबंधित कार्य पानी से संबंधित पदार्थ, मोती, मूंगा, कमल का फूल, सभी फल, सभी रत्न इसमें आते हैं.

भूमि से संबंधित कार्य, भवन से संबंधित कार्य, पुल, सड़क के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरण. कपडों से जुडे़ विभिन्न व्यवसाय, फैशन डिजायनिंग, वन्य पदार्थ, सभी पशु, पक्षी या पशुपालन और पशुओं से संबंधित सामग्री का उत्पादन और उनका वितरण मृगशिरा नक्षत्र में आते हैं.

विभिन्न अनाज मंडियों का विकास करना, विपणन व्यवस्था, सभी प्रचार कार्य, व्यापार का प्रबंधन, विक्रय में वृद्धि करना आदि कार्य इस नक्षत्र में आते हैं. शराब या मदिरा विक्रेता,भूमि की रुप-सज्जा करने का व्यवसाय, पौधों की नर्सरी, कृ्षि व वन संरक्षण से संबंधित कार्य, गायन कला सीखा कर धन अर्जित करने वाले व्यक्ति आदि मृगशिरा नक्षत्र के अंदर आते हैं.

बस्तियों का पुनर्वास कर निर्माण कार्य, मानचित्र निर्माण, पर्यटन व्यवसाय, खोजकर्ता, खगोल शास्त्र से संबंधित अध्यापन कार्य तथा प्रशिक्षण कार्य, शिल्पकार, क्लर्क, प्रवचन देने वाले व्यक्ति, संवाददाता आदि से जुडे़ कार्य मृगशिरा नक्षत्र में आते हैं.

गायन की समीक्षा करने वाले लोग, सन्देश वाहक, कामुक लोग, दूसरों की नकल करने वाले, दूर देश की यात्राएं, भवन निर्माण, सुंदर व बडे़ भवन, वास्तुविद, भवन निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री आदि मृगशिरा नक्षत्र के अंतर्गत आते हैं.   

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