शनि ग्रह और उसके उपचार

द्वारा प्रकाशित किया गया

वर्तमान समय में शनि देव के विषय में बहुत सी भ्रांतियाँ लोगों में फैली हुई है. हर कोई शनि देव को प्रसन्न करने में जुटा है. शनिवार आया नहीं कि सुबह से ही तेल की धारा बहने लगती है. लेकिन कोई यह नहीं जानता कि किसे शनिदेव को प्रसन्न करना है और किसे नहीं. लगता है शनि मंदिर में जाने की एक होड़ सी लग गई है. हर कोई अपने तरीके से शनि महाराज को बस में करना चाहता है.

शनिदेव को प्रसन्न करने की इस होड़ को बढ़ावा देने में सबसे अधिक योगदान तो मीडिया का है. उसी के माध्यम से सभी शनि महाराज का गाना गाते हैं और स्वयं को as a brand बनाकर पेश कर करते हैं.

शनि का उपचार कौन करे – Who Will Cure Saturn 
शनि मंदिर में जाना कोई बुरी बात नही है. अवश्य जाना चाहिए लेकिन पहले यह समझे कि किसे जाना चाहिए और कब जाना चाहिए. कुंडली में मौजूद सभी ग्रह अच्छे या बुरे साबित हो सकते हैं. शनि यदि कुंडली में शुभ भावों के स्वामी हैं तब वह कभी बुरा फल नहीं देगें. यदि शनि आपकी कुंडली में बली है तब उसे और बल देने से कुछ नहीं होगा! यदि शनि शुभ होकर निर्बल है तब उसे बल देना आवश्यक है. यदि शनि कुंडली में बुरे भाव का स्वामी है तब उसे हम बली क्यूँ बनाएँ! (कर्क लग्न और सिंह लग्न के लिए शनि अशुभ है) तब तो हमें उसे मंत्र जाप के द्वारा शांत करना है.

यदि कोई व्यक्ति साढेसाती अथवा शनि की ढैय्या से पीड़ित है तब उसे अपने कर्मों का भुगतान करना ही होगा चाहे वह कितना भी उपाय क्यूँ ना कर ले. इस समय शनि उन्हें अपने और पराये का फर्क बताने का काम करता है. व्यक्ति को आग में तपाकर सोना बनाता है. लेकिन हमें तो मेहनत करने की आदत नहीं है इसलिए जरा सा परेशान होते ही पंडित जी के पास दौड़कर जाते हैं.

शनि के लिए तेल दान अथवा उपचार – Oil Donation for Saturn or Remedies for Saturn
यदि कोई शनिदेव का उपचार करना भी चाहता है तब उसे कुछ बातों का ध्यान रखना होगा. सबसे पहले तो यह ध्यान रखें कि कभी भी शनिवार के दिन तेल नहीं खरीदें. तेल को पहले से ही खरीदकर घर में रखें और उसी में से थोड़ा – थोड़ा शनि मंदिर में अर्पित करें. जब शनिदेव की मूर्ति पर तेल अर्पित करें तब कभी भी उनकी आंखों में ना झांके क्यूंकि उनकी दृष्टि को ही खराब माना गया है. शनि देव जी के चरणों में देखते हुए तेल दें. चाहे तो शनिवार के दिन तेल मांगने वाले को भी तेल दान कर सकते हैं. यह तेल दान छाया दान के रुप में भी दिया जा सकता है. एक कटोरी में थोड़ा सा तेल लेकर उसमें अपनी परछाई देखकर उसे दान कर दें, इसे छाया दान कहा गया है. साथ में एक सिक्का भी अवश्य दान करना चाहिए.

शनि देव के लिए मंत्र उपचार – Saturn’s Mantra for Healing
जिन लोगों की कुंडली में शनि ग्रह की महादशा चल रही हो उन्हें उसके मंत्र जाप अवश्य करने चाहिए. चाहे शनि ग्रह उनकी कुंडली के लिए शुभ हो अथवा अशुभ हो. जब भी किसी ग्रह की महादशा आरंभ होती है तब फल उस महादशा को देने होते हैं और महादशा घर में आए मेहमान की भांति होती है. यदि मेहमान का स्वागत ना किया जाए तो वह भीतर – भीतर कुछ रुष्ट सा हो जाता है. इसी तरह यदि महादशानाथ का पूजन ना किया जाए तब शुभ फल मिलने में विलम्ब हो सकता है. यदि अशुभ ग्रह की दशा है तब वह और अधिक अशुभ हो सकती है. इसलिए महादशानाथ के मंत्र जाप अवश्य करने चाहिए. शनि की महादशा के लिए शनि के मंत्रों का जाप करना चाहिए. शुक्ल पक्ष के शनिवार से संध्या समय में मंत्र जाप आरंभ करने चाहिए. स्वच्छ वस्त्र पहन कर शुद्ध आसन पर बैठना चाहिए. उत्तर अथवा पूर्व की ओर मुख करना चाहिए. उसके बाद शुद्ध मन से शनिदेव को याद करके मंत्र जाप शुरु करना चाहिए. मंत्र जाप की संख्या 108 होनी चाहिए.

यदि शनि की महादशा आरंभ होते ही 19,000 मंत्रों का जाप यदि कर लिया जाए तो अशुभ फलों में कमी आ सकती है. महादशा शुरु होने के बाद जब तक शनि की प्रत्यंतर दशा चलती है तब तक 19,000 हजार मंत्रों का जाप पूरा किया जा सकता है. उसके बाद हर शनिवार को एक माला की जा सकती है.
मंत्र है :- “ऊँ शं शनैश्चराय नम:”

शनि मंत्र के साथ शनि स्तोत्र का जाप भी किया जाए तो सोने पे सुहागा वाली कहावत सिद्ध हो सकती है. शनि स्तोत्र है :-

शनि स्तोत्र – Shani Stotra
नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण्ठ निभाय च
नम: कालाग्नि रुपाय कृतान्ताय च वै नम:
नमो निर्मांस देहाय दीर्घश्मश्रुजटाय च
नमो विशालनेत्राय शुष्कोदरे भयाकृते
नम: पुष्कलगात्राय स्थूलरोम्णेsथ वै नम:
नमो दीर्घाय शुष्काय कालद्रंष्ट्र नमोsस्तुते
नमस्ते कोटराक्षाय दुर्निक्ष्याय वै नम:
नमो घोराय रौद्राय भीषणाय कपालिने
नमस्ते सर्वभक्षाय बलीमुख नमोsस्तु ते
सूर्यपुत्र नमस्तेsस्तु भास्करेsभयदाय च
अधोदृष्टे: नमस्तेsस्तु संवर्तक नमोsस्तु ते
नमो मंदगते तुभ्यं निर्स्त्रिंशाय नमोsस्तुते
तपसा दग्ध-देहाय नित्यं योगरताय च
नमो नित्यं क्षुधार्ताय अतृप्ताय च वै नम:
ज्ञानचक्षुर्नमस्तेsस्तु कश्यपात्मज – सूनवे
तुष्टो ददासि वै राज्यं रुष्टो हरसि तत्क्षणात
देवासुरमनुष्याश्च सिद्ध – विद्याधरोरगा
त्वया विलोकिता: सर्वे नाशं यान्ति समूलत:
प्रसाद कुरु मे सौरे ! वारदो भव भास्करे
एवं स्तुतस्तदा सौरिर्ग्रहराजो महाबल:

शनि स्तोत्र का पूरा फल पाने के लिए शनि स्तवन का पाठ भी करना चाहिए जिसका लिंक नीचे है :-

https://chanderprabha.com/2017/05/29/dasharathkrit-shani-stavan/

Advertisements

37 comments

  1. हरप्रीत सिंह जी नमस्कार, आपके जन्म विवरण के बिना हम आपको कोई उपाय नहीं बता पाएंगे. इसलिए आप हमसे मेल के द्वारा बात कर सकते हैं.
    cprabha123@gmail.com पर आप संपर्क करें.

  2. sadar pranam pandit ji,

    maine apko mail kiya hain apne saare ques ke saath kripya karke plz plz aap reply jaroor kariyega. proper birth details bh hain usme..

  3. pranam pandit jee mere husband ki dob 18/02/1962 hai birth time 23.40 p.m hai plase delhi unki kaam ke bare main ya job ke bare main bataye! unkey pas koi kaam nahi hai

  4. नमसकार गुरुजी
    मेरा नाम गोविन्द हे
    जन्म २६/०८/१९८० हे
    दीन मगंलवार
    टाइम रात को १०:१५ को
    गुरुजी एक साल पेहले मुजसे बेकार का करचा बोहत होता था ओर मे व्यसन भी बोहत करता ओर साथ ही साथ कुछ न कुछ खरच आता ही रेहता था
    ओर एक दीन मेने सनी गरह की सीलवर अन्गुठी पेहनी ऊसके बाद मुजे बोहत फायदा होने लगा मेरे खरचे कम होने लगे मुजसे सारे व्यसन भी छुट गए ओर जो नुकसान हुवा करता था वो भी कम हो गए
    ओर एक दीन मेरी सीलवर रंग अन्गुठी से सनी गरह का नंग नीकल गया मेने ऊसको डुडके वापस अन्गुठी लगा लीया
    पर फीर भी दो बार एसा ही हुवा ओर मेने ऊसको डुडके अन्गुठी मे लगा लीया
    पर एक दीन सनी गरह अन्गुठी से गुम हुवा तो तुरत नही मीला वो दुसरे दीन सुहब मीला मेने ऊसको इस बार अन्गुठी मे नही लगाया बलकी ऊसको एक कागज मे लपेट कर रख दीया क्युके मुजे लगा के अब इसे सींघ करना पडेगा आोर मेने ऊसे दो दीन कागज मे ही रखा ओर ऊसे ऊसके बाद मे ऊसको सोनार की दुकान पे दे आया चान्दी की नइ रीन्ग मे लगा ने के लीये
    गुरुजी आज पाच छे दीन हो गए सनी गरह मेरे साथ नही हे तो मेरे व्यसन चालु हो गए ओर खरच भी बडने लगे ओर आज नुकसान भी हुवा
    तो गुरुजी आप मुजे यह बताय के जब मे सनी गरह वाली अनगुठी सोनार की दुकान से ले आयु तो ऊसे साध केसे करु ओर ऊसे केसे गरहन करु कीस दीन ओर कीस टाइम
    गुरुजी मेरा मरगदरसन करे

  5. आप जब शनि की अंगूठी को ले आएं तब शुक्ल पक्ष के शनिवार के दिन उसे ग्रहण करें. 19 और 26 सितंबर को शुक्ल पक्ष का शनिवार रहेगा. आप इनमें से किसी एक दिन इसे पहन सकते हैं. शनिवार के दिन सुबह सीर्योदय से एक घंटे के भीतर – भीतर इसे पहन लें. पहनने से पहले अंगूठी को पंचामृत (शहद, गंगाजल, कच्चा दूध, दही और शुद्ध घी मिलाकर पंचामृत बनता है) से स्नान कराएँ. स्नान कराने के बाद इसे धूप – दीप दिखाएँ. फिर अंगूठी को अपने दाएं हाथ में लेकर 108 बार शनि का मंत्र जाप करें. मंत्र जाप करने के बाद शुद्ध भावना से इसे पहन लें. ये सब काम सीर्योदय से एक घंटे के अंदर हो जाना चाहिए. शनि का मंत्र हैं – ऊँ शं शनैश्चराय नम: आप हर शनिवार को भी इस मंत्र का जाप 108 बार कर सकते हैं.

  6. आपके पति की कुंडली में फरवरी 2015 से राहु की महादशा का आरंभ हुआ है और राहु कुंडली में दशम भाव अर्थात व्यवसाय भाव में स्थित है. जिससे इनका व्यवसाय प्रभावित हुआ है. जब भी कुंडली में दशा खतम होकर नई दशा आरंभ होती है तब वह बदलाव लाती है. इनकी यह दशा जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी वैसे ही कुछ ना कुछ सकारात्मक परिणाम लाएगी. वैसे भी आपके पतिदेव किसी की बात नहीं सुनते हैं और अपनी मन की ही करते है. बहुत शीघ्र परेशान भी हो जाते हैं. आप इनके लिए राहु का जाप करे या ये खुद करे. यह राहु का जाप आपको शाम के बाद ही करना है. मंत्र है – “ऊँ रां राहवे नम:” इनके लिए चंदन से बनी चीजों का इस्तेमाल करें, जैसे पावडर या साबुन. जब ये रात में बिस्तर पर सोने जाएं तब उसे अवश्य झाड़ लें. सोने से ठीक पहले पैरों को जरुर धोएँ. अपने घर की सफाई का विशेष ध्यान रखें. घर के सामान को फैलाकर ना रखें और ना ही घर में जाले लगने दें.

  7. नमस्कार! आपकी कुंडली में अप्रैल 2012 से शनि की महादशा शुरु हो गई है. शनि आपकी कुंडली में अच्छे भावों का स्वामी नहीं है और भाग्य भाव में बैठकर भाग्य को भी पीड़ित कर रहा है. साथ में भाग्येश को भी पीड़ा पहुंचा रहे हैं. शनि वक्री भी हैं राहु के साथ स्थित भी हैं. इसलिए आपको भाग्य संबंधी समस्याएं आ रही है. अभी कुंडली में शनि की महादशा में बुध की अन्तर्दशा शुरु हुई है तो कुछ सकारात्मक फल मिलें. वैसे भी आपकी कुंदली में घर से दूर जाकर ही सुखों की प्राप्ति का योग बनता है. आप अपने घर से दूर जाकर ही काम काज करने का विचार करें. आप शनि के लिए शनि स्तोत्र का पाठ हर शनिवार को 11 बार करें. पीपल की जड़ में सुबह के समय जल दें और जल में काले तिल मिला लें. शनिवार के व्रत रख सकते हैं तो जरुर रखें.

  8. नमस्कार!

    आप अपने बारे में क्या पूछना चाहते हैं? कृपया अपना प्रश्न भी बताएं. यदि कोई विशेष प्रश्न नहीं है और आप सामान्य विवेचना चाहते हैं तब वह भी बता सकते है. फिर आपकी कुंडली का विश्लेषण कर दिया जाएगा.

  9. name – narinder Singh
    time – 12:50 am
    date of birth – 27 / 7 / 1971
    place of birth – jalandhar , Punjab.
    kaam aur dhan prapti me adchane.

  10. Name-Anil kumar bharti
    D.O.B-4-11-1988
    Time-6:13am(morning)
    Birth place- Raxaul(Bihar)

    Namskar guru jee

    mai goverment job ka tayari kar raha hu lekin ab tak koi safalta nahi mila hai….kya mujhe banking sector me job milega or mujhe kon sa grah parsan kar raha hai….or mujhe kya karna chahiye….
    Plz..help me guru jee

  11. नमस्कार !

    आपकी जन्म कुंडली में गुरु की महादशा चली हुई है और गुरु कुंडली के लिए शुभ ग्रह नहीं कहा जा सकता है. वर्ग कुंडली में भी गुरु अच्छी हालत में नहीं है. आप अपने घर्म के अनुसार जो भी पूजा पाठ करते हैं वह करिए औऋ यदि आप गुएउद्वारे जाते हैं तब लगातार 40 दिन मत्था टेक कर आएं. जब दशा सही नहीं होती तब काम कज में दिक्कत आती ही है. माह के मध्य भाग से दशा में थोड़ा परिवर्तन होगा तब शायद आपको कुछ राहत मिले.

  12. Guru ji my dob 5.11.87 3pm delhi (female)
    1. Marriage k bare mai bataye .. kisi ne 2 marriage k yog bataye hai .. man mai kafi uljhan hai ye Jan kar. After marriage life kaisi rahegi.
    2. Love marriage hogi ya arrange .
    3. Business ek dam zero ho gaya hai.kya karu jo fir se sab sahi ho .
    4. Future ko lekar chinta hai.

  13. नमस्कार !

    आपकी जन्म कुंडली में एक बहुत पक्का विवाह का योग टूटने की संभावना बनी हुई है क्योंकि सप्तम व अष्टम का संबंध कुंडली में बन रहा है. यदि आपके दो विवाह नहीं भी होते हैं तब आपका एक रिश्ता पक्की तौर पर बन कर टूट सकता है या फिर आपके विवाह से पूर्व बहुत अच्छे संबंध बनकर टूट सकते हैं. आपका प्रेम संबंध भी बनकर टूट सकता है अथवा आपके शारीरिक संबंध बन सकते है जो विवाह के समान ही है जिसे हम गंधर्व विवाह कहते है. जरुरी नहीं है कि फेरे होकर ही आपका विवाह हो, एक विवाह बताए योगो जैसा हो सकता है और दूसरा विवाह जो सामाजिक तौर पर किया जाता है वह होगा. हमारा इतना बताना ही आपके लिए काफी है और आपको शायद समझ आ ही गया होगा. विवाह से पहले भी आपको अपने परिवार के साथ कुछ परेशानियों को झेलना पड़ सकता है. विवाह के बाद आपको खुद पर नियंत्रण करना होगा और अपनी मनमर्जी की आदत को सुधारना होगा नहीं तो आपकी निभ नहीं पाएगी क्योकि आपका होने वाला साथी भी मनमर्जी चलाने वाला ज्यादा होगा, दोनो ही किसी बात पर जम गए तब जीवन चलना कठिन हो जाएगा.

    लव मैरिज के योग हैं लेकिन मुश्किलों के साथ ही होगी और परिवार वाले नहीं माने तो आप शायद कोर्ट मैरिज कर लें. जो भी करें सोच समझकर करें और अपने प्रेमी को भली भाँति जानकर करें. कहीं ऎसा ना हो कि बाद में आप दोनों के मध्य तनाव पैदा हो जाए.

    बिजनेस को लेकर अभी कुछ दिन परेशानियाँ रहेगी क्योंकि दशा में चंद्र/शनि एक – दूसरे से षडाष्टक योग बना रहे हैं जो आपको मानसिक परेशानी भी देगें और बिजनेस को लेकर उलझने भी देगें. आप चंद्रमा का उपाय करें. शनि की अन्तर्दशा के साथ ही शनि की ढैया भी चली हुई है जिससे आप परेशान हैं. आप शनि का उपाय भी कीजिए, लाभ होगा.

  14. नमस्कार !

    सूर्य को कुंडली में सरकार का कारक माना गया है और आपकी कुंडली में यह नीच राशि में स्थित है जो कि सरकारी नौकरी मिलने में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं, साथ ही आपकी कुंडली में शनि की ढैया भी चली हुई है जो रुकावट बनी हुई है. आप रोज सूर्य को जल दें और सूर्य के मंत्र का 108 बार जाप करें. यह जाप सुबह के समय करना है. शनि की ढैया के लिए आपको हर शनिवार कुछ दान करना चाहिए, शनि स्तोत्र का पाठ हर शनिवार को 11 बार पढे. अभी चंद्रमा की महादशा चली हुई है तो आप एक मोती अपने दाएँ हाथ की सबसे छोटी अंगुली में पहन लें. आपको सवा सात रत्ती का मोती पहन लेना चाहिए और उसे चाँदी में बनवा लें. इसे आप शुक्ल पक्ष के सोमवार को सुबह चंद्रमा की होरा में पहन लें अर्थात सूर्य उदय के एक घंटै के भीतर पहन लें और पहनने से पहले गंगा जल में धोएँ, धूप दीप दिखाएँ और मन में शुद्ध आस्था रखते हुए इसे पहन लें.

  15. Hello madam ji na asked,
    Mark bdate 19/06/1985 btime- 2.00pm birth place kolhapur (maharashtra) hai.
    Mere wife ke details :
    bdate 10/02/1989 time6.30pm,place-kolhapur (maharashtra) hai.
    Madam ji mere mata ji aur meri wife ke hamesha zagade hote rahate hai unaki bilkul nahi banatii. Usake ke karan me bahut pareshan Hu. Muze koi bhai nahi hai mai akela Hu. Toh Muze mere mummy papa ka bhi khayal karana hai aur wife ka bhi. Waise to meri wife achi hai zagadalu nahi hai. Fir bhi wo donho samane aate hai to unaki banati nahi. Meri mummy ko meri wifene job karana chahiai. Aur wife bhi try kar rahi hai lekin usaka kahi pe ho nahi pa raha. To plz. Kuch upay batao ki zagade kam ho aur samadhan mile.
    Muze pardesh gaman ka ausar milega kya?

  16. hey
    my name is chander bhan and date time23/06/1988 time 10..00 pm and birthy place baijnath himchal pradesh
    marriage ke bre me btye kuch riste tut rahe hai

  17. आपकी कुंडली में देरी से विवाह के योग हैं. अभी दशा भी अनुकूल नही है जिससे आपके रिश्ते टूट रहे हैं. जुलाई से दशा परिवर्तन होगा और ग्रहों का गोचर भी बदलेगा तब आपका रिश्ता भी तय हो सकता है. आपको रोज भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए तभी कुछ सुख शांति बनी रहेगी.

  18. raam raam guru g. . . . D.o.b. 17.12.1992 . . Time. 10.39pm. . . Place . Dharmsala .(h.p). . Male. . Dimple kumar. . . . . Guru ji. Job me dikkat ha. . Paise me barkat nai ha. . . . Kuch help kijiye guru g. . . . Mind set ni rehta. . Kbi kbi bure bichar aa jate ha. . . .

  19. मुझे गुरु जी सनी मेरे सर पर है कुछ उपाय बताई ए कुछ अछा नहीं होता है

  20. गुरु जी मेरे पास अभी पैसे की बहुत तंगी है जॉब भी छुट गई है क्या करू बहुत दिक्कत है लाइफ मैं

  21. शनि के मंत्र का जाप कराएँ और दशांश हवन कराएँ. रोज रात में शनि के पौराणिक मंत्र का 108 बार जाप करें

  22. नमस्ते गुरु जी
    kamaljeet
    D/b 11 june 1980
    wednesday
    morning time between 7 to 8
    meri life me jab se meri shadi huyi hai tab se mere sasural walo ki taraf se sabhi dushman bane huye hai
    or meri life b spoile kar rahe hai
    Or har roj koi na koi pro aati rahti hai
    Or meri ki huyi pooja bhi nahi lagti
    life me bahur struggle hai
    or mehnat ka fall bhi nahi mil pata

  23. Or meri life se pro finish hi nahi ho rahi
    Aise lagta hai ki bhawan ne mera janam hi dukh bhogne ke liye diya hai
    mai kya karu
    Na chahte huye bhi apne aap dushman ban jate hai
    mujhe dhokha dete hai

  24. गुरू-जी-परनाम-मैरा जनम-दिन-मालुम- सही नहीहै-कुपया-कुछ-सलाह-दै-नाम-रूदल- साह

  25. Guruji Hamara Naam Mahesh Sharma hi Hum Ayudhya Se HiHamara kuch kaam kharab ho raha hai Patni Hamesha bimar Hai krja bhi kafi ho gya hai Gabi hai magar.kam.nahi.mil.raha.Hai.gadiyna..band..hai.kirpa.karke.upay.batayne…..

टिप्पणियाँ बंद कर दी गयी है.