शिवाष्टकम

तस्मै नम: परमकारणकारणाय, दीप्तोज्ज्वलज्ज्वलितपिड़्गल लोचनाय । नागेन्द्रहारकृतकुण्डलभूषणाय, ब्रह्मेन्द्रविष्णुवरदाय नम: शिवाय ।।1।।   श्रीमत्प्रसन्नशशिपन्नगभूषणाय, शैलेन्द्रजावदनचुम्बितलोचनाय । कैलासमन्दरमहेन्द्रनिकेतनाय, लोकत्रयार्तिहरणाय नम: शिवाय ।।2।।

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