हस्तरेखा शास्त्र में “वाया लेसीवा(लासिवा) अथवा असंयम रेखा” का महत्व

इस रेखा के विषय में अनेक मतभेद पाए गए हैं. कई विद्वान इसे बुध रेखा या चन्द्र रेखा के समानांतर

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