अष्टकवर्ग के द्वारा जन्म कुण्डली का निरीक्षण
ज्योतिष में फलकथन करने के बहुत से नियम व योग होते हैं. सभी का सूक्ष्मता से अध्ययन करने के बाद
Astrology, Mantra and Dharma
ज्योतिष में फलकथन करने के बहुत से नियम व योग होते हैं. सभी का सूक्ष्मता से अध्ययन करने के बाद
षष्ठी देवी पूजा महत्व भगवती षष्ठी देवी शिशुओं की अधिष्ठात्री देवी हैं. जिन्हें संतान नहीं होती, उन्हें यह संतान देती
हस्त रेखा शास्त्र में अंगूठे का अत्यधिक महत्व माना गया है. इसे हथेली का राजा कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति
सभी ग्रहों की अन्य ग्रहों से नैसर्गिक मित्रता होती है जिससे वह एक-दूसरे से मित्र, शत्रु व समता का भाव
तत्वों के आधार पर सभी बारह राशियों को चार भागों में बाँटा गया है. यह चार तत्व अग्नि,पृथ्वी, वायु तथा
जन्म कुंडली अथवा लग्न कुंडली – Birth Chart Or Lagna Kundali किसी भी व्यक्ति के जन्म के समय आकाश में