अथ अर्गला स्तोत्रम्
नमश्चण्डिकायै नम: मार्कण्डेयजी कहते हैं – जयन्ती मंगला, काली, भद्रकाली कपालिनी, दुर्गा, क्षमा, शिवा धात्री, स्वाहा और स्वधा इन नामों
Astrology, Mantra and Dharma
नमश्चण्डिकायै नम: मार्कण्डेयजी कहते हैं – जयन्ती मंगला, काली, भद्रकाली कपालिनी, दुर्गा, क्षमा, शिवा धात्री, स्वाहा और स्वधा इन नामों
महर्षि मार्कण्डेयजी बोले – हे पितामह! संसार में जो गुप्त हो और जो मनुष्यों की सब प्रकार से रक्षा करता
नित प्रतिदिन दुर्गा जी के 108 नाम का जाप करने से बहुत से कष्टों से छुटकारा मिल जाता है. यदि
जिन जातकों की जन्म कुंडली में राहु/गुरु का चांडाल योग बन रहा हो या गुरु किसी भी प्रकार से पीड़ित
लाख प्रयास करने पर भी कई बार कन्या के विवाह में बार-बार अड़चने आती रहती हैं जिससे माता-पिता मानसिक परेशानी
शनि की ढैय्या तथा साढ़ेसाती से मिलने वाले कष्टों को दूर करने के बहुत से उपाय हैं जिनमें से कुछ